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आखिरी दिन प्रधानों ने कर दिए 55 करोड़ के भुगतान

Mon, 28 Dec 2020 12:59 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 28 Dec 2020 12:59 AM IST
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55 carore paiment bhugtan pradan last day
झांसी। कार्यकाल के आखिरी दिन ग्राम प्रधानों ने करीब 55 करोड़ रुपये के भुगतान करा दिए। रात बारह बजे तक बड़ी संख्या मे एफटीओ (फंड ट्रांसफर आर्डर) जनरेट होते रहे। अंतिम दौर में हुए भुगतान पर अब जांच की तलवार लटक गई है।
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ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 25 दिसंबर को खत्म हो गया लेकिन, उसके पहले कोविड-19 प्रकोप समेत कई दूसरी वजहों से तमाम पंचायतों पर लाखों रुपये लंबित थे। पंचायतों को पंद्रहवें वित्त एवं राज्य वित्त आयोग के जरिए पैसा दिया जाता है। 23 दिसंबर से पहले सभी पंचायतों पर सार्वजनिक शौचालय, पंचायत भवन, स्कूल सौंदर्यीकरण समेत अन्य कार्यों को लेकर करीब 70 करोड़ रुपया बकाया था लेकिन, अब यह बकाया महज 15 करोड़ रुपये ही शेष बचा। ऐसे में अंतिम दिन करीब 55 करोड़ रुपये के भुगतान निपटाए गए। पंचायती राज विभाग के विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक सबसे अधिक भुगतान 25 दिसंबर को हुए। रात बारह बजे कार्यकाल खत्म होने से पहले बड़ी संख्या में भुगतान हुए।
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दो दिन में 30 लाख से अधिक एफटीओ जनरेट हुए। इनमें 20 लाख एफटीओ आखिरी दिन के बताए जा रहे। बता दें, पंचायत अपना भुगतान ई-स्वराज पोर्टल के माध्यम से करती हैं। ग्राम सचिव के बिल लगाने पर ग्राम प्रधान मंजूरी के लिए अपना डोंगल लगाते हैं। इसके बाद ही भुगतान प्रक्रिया पूर्ण होती है। भुगतान के लिए पहले एफटीओ (फंड ट्रांसफर आर्डर) तैयार करना होता है। बड़ी संख्या में आखिरी दिन हुए भुगतान ने पंचायती राज विभाग के अफसरों के भी कान खड़े कर दिए। अब इन भुगतानों की जांच कराई जाएगी। अफसरों का कहना है सभी आईडी से हुए भुगतान की पड़ताल जल्द ही शुरू होगी।
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अत्याधिक एफटीओ जनरेट होने पर बंद कर दी गई थी साईट
कार्यकाल खत्म होने के दिन पच्चीस दिसंबर रात करीब दस बजे के बाद पूरे सूबे से ही अत्याधिक एफटीओ जनरेट हो गए। महज पंद्रह मिनट के भीतर पचास हजार से अधिक एफटीओ बन गए। अत्याधिक एफटीओ की संख्या देखते हुए एनआईसी ने साइट ठप कर दी हालांकि बाद में उच्च अधिकारियों के निर्देश के बाद ही इसे दूसरी बार खोला गया।

अब सचिव, एडीओ होंगे जिम्मेदार
ई-स्वराज पोर्टल पर 25 दिसंबर के बाद ग्राम प्रधानों की ओर से अगर एफटीओ जनरेट हुए तब सचिव एवं एडीओ को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। हालांकि सभी ग्राम प्रधानों के डोंगल डि-ऐक्टिवेट कराए जा चुके लेकिन, उसके बावजूद 25 दिसंबर के बाद कोई एफटीओ जनरेट हुए तब इन दोनों को दोषी माना जाएगा।
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