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इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए कोरोना काल में 52 करोड़ खर्च कर चुके झांसी वाले
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52 crore expenditure in helth supliment
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झांसी। कोरोना महामारी में प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने की तरफ लोगों का रुझान तेजी से बढ़ा है। ऐसे में लोग आयुर्वेदिक पदार्थ, दवाओं के साथ-साथ एलोपैथिक मल्टीविटामिन का भी खूब सेवन कर रहे हैं। इम्यूनिटी मजबूत करने के लिए पिछले चार महीनों में ही झांसी के लोग 52 करोड़ रुपये खर्च कर चुके हैं।
कोरोना वायरस के पहलेे गिने-चुने लोगों को छोड़ दें तो ज्यादातर इम्यून सिस्टम के बारे में सोचते ही नहीं थे। फास्ट फूड के सेवन के बढ़ते चलन की वजह से खासकर युवा पीढ़ी तो इस ओर बिल्कुल ध्यान नहीं देती थी। इस महामारी ने हर वर्ग, हर उम्र के लोगों को प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने के बारे में सोचने पर न सिर्फ मजबूर कर दिया है, बल्कि तमाम आयुर्वेदिक पदार्थों, दवाओं का सेवन भी लोग करने लगे हैं। अनलॉक के पिछले चार महीनों में प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने वाले पदार्थों, दवाओं की बिक्री तीन-चार गुना बढ़ गई है।
घर-घर में गिलोय, आरोग्य वटी, तुलसी रस, च्यवनप्राश और आयुष क्वाथ में कुछ न कुछ जरूर मिल जाएगा। झांसी में हर महीने साढ़े तीन करोड़ रुपये का तो च्यवनप्राश ही बिक रहा है। प्रतिमाह एक-एक करोड़ रुपये की तुलसी रस, आयुष क्वाथ और गिलोय, 50 लाख की आरोग्य वटी बिक रही है। इसके अलावा हर महीने पांच से सात लाख रुपये की विटामिन-सी, मल्टीविटामिन ही झांसी के लोग खा रहे हैं। कुल मिलाकर आंकड़ों पर गौर करें तो जून से अब तक झांसी में 29 करोड़ रुपये की आयुर्वेदिक पदार्थ, दवाओं और एलोपैथिक मल्टीविटामिन की बिक्री हो चुकी है।
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ये हैं दरें
...........
च्यवनप्राश 350 रुपये (एक किलो)
गिलोय 100 रुपये (60 टैबलेट)
आरोग्य वटी 60 रुपये (80 टैबलेट)
तुलसी रस 200 रुपये (20 एमएल)
आयुष क्वाथ 150 रुपये
(नोट: विभिन्न कंपनियों के दाम घट-बढ़ सकते हैं)
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कोरोना वायरस के पहलेे गिने-चुने लोगों को छोड़ दें तो ज्यादातर इम्यून सिस्टम के बारे में सोचते ही नहीं थे। फास्ट फूड के सेवन के बढ़ते चलन की वजह से खासकर युवा पीढ़ी तो इस ओर बिल्कुल ध्यान नहीं देती थी। इस महामारी ने हर वर्ग, हर उम्र के लोगों को प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने के बारे में सोचने पर न सिर्फ मजबूर कर दिया है, बल्कि तमाम आयुर्वेदिक पदार्थों, दवाओं का सेवन भी लोग करने लगे हैं। अनलॉक के पिछले चार महीनों में प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने वाले पदार्थों, दवाओं की बिक्री तीन-चार गुना बढ़ गई है।
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घर-घर में गिलोय, आरोग्य वटी, तुलसी रस, च्यवनप्राश और आयुष क्वाथ में कुछ न कुछ जरूर मिल जाएगा। झांसी में हर महीने साढ़े तीन करोड़ रुपये का तो च्यवनप्राश ही बिक रहा है। प्रतिमाह एक-एक करोड़ रुपये की तुलसी रस, आयुष क्वाथ और गिलोय, 50 लाख की आरोग्य वटी बिक रही है। इसके अलावा हर महीने पांच से सात लाख रुपये की विटामिन-सी, मल्टीविटामिन ही झांसी के लोग खा रहे हैं। कुल मिलाकर आंकड़ों पर गौर करें तो जून से अब तक झांसी में 29 करोड़ रुपये की आयुर्वेदिक पदार्थ, दवाओं और एलोपैथिक मल्टीविटामिन की बिक्री हो चुकी है।
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च्यवनप्राश 350 रुपये (एक किलो)
गिलोय 100 रुपये (60 टैबलेट)
आरोग्य वटी 60 रुपये (80 टैबलेट)
तुलसी रस 200 रुपये (20 एमएल)
आयुष क्वाथ 150 रुपये
(नोट: विभिन्न कंपनियों के दाम घट-बढ़ सकते हैं)