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एसएफएस कॉलेजों की आधी से कम सीटें भरीं-City
Updated Wed, 15 Aug 2018 02:20 AM IST
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एसएफएस कॉलेजों की आधी से कम सीटें भरीं
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में स्नातक और परास्नातक की आधे से कम सीटें भर सकी हैं। इस बार छात्र-छात्राओं की पहली पसंद राजकीय और सहायता प्राप्त कॉलेज रहे। राजकीय और सहायता प्राप्त कॉलेजों में पांच हजार ज्यादा कंफर्मेशन हुए हैं। एसएफएस कॉलेजों में इस बार 57 हजार छात्र-छात्राओं ने प्रवेश लिया है, जबकि कॉलेजों में 1.60 लाख सीटें हैं।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय द्वारा नकलविहीन परीक्षा कराने का असर नए सत्र के प्रवेश में भी दिख रहा है। पिछले सालों तक नकल का ठेका लेकर स्व वित्तपोषित कॉलेज चलाने वाले कई प्रबंधकों की ‘दुकानों’ को इस बार छात्र के रूप में बमुश्किल ‘ग्राहक’ मिल पा रहे हैं। इस बार विश्वविद्यालय से संबद्ध राजकीय, सहायता प्राप्त और स्ववित्त पोषित योजनांतर्गत चल रहे कॉलेजों में स्नातक, परास्नातक के कोर्सों में प्रथम वर्ष के लिए 75 हजार छात्र-छात्राओं ने अंतिम दिन तक अपनी सीट कंफर्म कराई है। इनमें 18 हजार विद्यार्थियों ने सरकारी और सहायता प्राप्त कॉलेजों में प्रवेश लिया है। पिछले साल यह आंकड़ा 13 हजार था। एसएफएस कॉलेजों में इस बार 57 हजार छात्र-छात्राओं ने प्रवेश लिया है। जबकि, पिछले साल एसएफएस कॉलेजों की 78 हजार सीटें भर गई थीं। बीयू से संबद्ध सभी एसएफएस कॉलेजों में कुल 1.60 लाख सीटें हैं। आंकड़ों से स्पष्ट है कि पिछले साल की तुलना में इस बार विद्यार्थियों का रुझान राजकीय और सहायता प्राप्त कॉलेजों पर रहा है।
16 हजार कम कंफर्मेशन
पिछले साल की तुलना में इस बार 16 हजार कम छात्र-छात्राओं ने कंफर्मेशन कराया है। पिछले वर्ष 91 हजार विद्यार्थियों ने कंफर्मेशन कराया था, इस बार 75 हजार ने कराया है।
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में स्नातक और परास्नातक की आधे से कम सीटें भर सकी हैं। इस बार छात्र-छात्राओं की पहली पसंद राजकीय और सहायता प्राप्त कॉलेज रहे। राजकीय और सहायता प्राप्त कॉलेजों में पांच हजार ज्यादा कंफर्मेशन हुए हैं। एसएफएस कॉलेजों में इस बार 57 हजार छात्र-छात्राओं ने प्रवेश लिया है, जबकि कॉलेजों में 1.60 लाख सीटें हैं।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय द्वारा नकलविहीन परीक्षा कराने का असर नए सत्र के प्रवेश में भी दिख रहा है। पिछले सालों तक नकल का ठेका लेकर स्व वित्तपोषित कॉलेज चलाने वाले कई प्रबंधकों की ‘दुकानों’ को इस बार छात्र के रूप में बमुश्किल ‘ग्राहक’ मिल पा रहे हैं। इस बार विश्वविद्यालय से संबद्ध राजकीय, सहायता प्राप्त और स्ववित्त पोषित योजनांतर्गत चल रहे कॉलेजों में स्नातक, परास्नातक के कोर्सों में प्रथम वर्ष के लिए 75 हजार छात्र-छात्राओं ने अंतिम दिन तक अपनी सीट कंफर्म कराई है। इनमें 18 हजार विद्यार्थियों ने सरकारी और सहायता प्राप्त कॉलेजों में प्रवेश लिया है। पिछले साल यह आंकड़ा 13 हजार था। एसएफएस कॉलेजों में इस बार 57 हजार छात्र-छात्राओं ने प्रवेश लिया है। जबकि, पिछले साल एसएफएस कॉलेजों की 78 हजार सीटें भर गई थीं। बीयू से संबद्ध सभी एसएफएस कॉलेजों में कुल 1.60 लाख सीटें हैं। आंकड़ों से स्पष्ट है कि पिछले साल की तुलना में इस बार विद्यार्थियों का रुझान राजकीय और सहायता प्राप्त कॉलेजों पर रहा है।
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16 हजार कम कंफर्मेशन
पिछले साल की तुलना में इस बार 16 हजार कम छात्र-छात्राओं ने कंफर्मेशन कराया है। पिछले वर्ष 91 हजार विद्यार्थियों ने कंफर्मेशन कराया था, इस बार 75 हजार ने कराया है।
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