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कुलाधिपति कांस्य समेत विन्यासीकृत पदक बदले-City
Updated Thu, 26 Oct 2017 08:34 PM IST
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कुलाधिपति कांस्य समेत विन्यासीकृत पदक बदले
टैग: बुंदेलखंड विश्वविद्यालय
- कमेटी द्वारा तैयार हुई पदक सूची पर आईं आपत्तियां
- दस नवंबर को प्रस्तावित है बीयू का दीक्षांत समारोह
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में बंटने वाले पदकों की सूची में फेरबदल हो गया है। चार विद्यार्थियों द्वारा आपत्तियां दर्ज कराने के बाद कुलाधिपति व विन्यासीकृत पदक सूची में किसी छात्र-छात्रा का नाम बढ़ाया, तो किसी का हटाया गया है।
बीयू का दीक्षांत समारोह दस नवंबर को होना है। विश्वविद्यालय की कमेटी ने समारोह में बांटे जाने वाले पदकों की सूची तैयार कर छात्र-छात्राओं से आपत्तियां मांगी थी। चार छात्र-छात्राओं ने अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। बीबीए की परीक्षाओं में सर्वाधिक प्राप्तांक के लिए विश्वविद्यालय कमेटी ने 79.61 प्रतिशत अंक हासिल करने वाली कैंपस की छात्रा आयुषी बाधवा का नाम कुलाधिपति कांस्य पदक के लिए फाइनल किया था। आयुषी बीबीए ऑनर्स की छात्रा है। नियमानुसार बीबीए के विद्यार्थी को ही पदक दिया जा सकता है। ऐसे में चंद्रशेखर आजाद इंस्टीट्यूट की बीबीए की छात्रा वैशाली सिंह राजावत ने आपत्ति दर्ज करवा दी। जांच के बाद आयुषी की जगह अब वैशाली को ही पदक देने का फैसला कमेटी ने किया है। वहीं, एमएससी केमिस्ट्री की परीक्षाओं के सर्वाधिक अंक के लिए बिपिन बिहारी कॉलेज की छात्रा आकांक्षा शाक्या को भी विन्यासीकृत पदक मिलेगा। पहले कमेटी ने 84.14 प्रतिशत अंक लाने वाली वर्षा गुप्ता का नाम तय किया था। 84.14 फीसदी होने पर आकांक्षा ने आपत्ति दर्ज कराई थी। जांच के बाद कमेटी ने दोनों छात्राओं को पदक देने का फैसला किया है। इसके अलावा एमएससी फिजिक्स में 79 फीसदी अंक हासिल करने पर बिपिन बिहारी कॉलेज की दीक्षा भटनागर का विन्यासीकृत पदक के लिए सूची में नाम तय हुआ था। बीबीसी की अंजू ने 82 फीसदी अंक होने का हवाला देते हुए आपत्ति दर्ज कराई। जांच में पाया गया कि अंजू ने दो साल का कोर्स तीन साल में किया है। चूंकि, साल गैप वाले विद्यार्थियों को पदक नहीं दिया जाता है, इसलिए आपत्ति खारिज कर दी गई है। सत्र 2014-16 के एमफार्मा के छात्र रोहित कुमार बिजौलिया की भी आपत्ति निरस्त हो गई।
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कुलाधिपति कांस्य समेत विन्यासीकृत पदक बदले
टैग: बुंदेलखंड विश्वविद्यालय
- कमेटी द्वारा तैयार हुई पदक सूची पर आईं आपत्तियां
- दस नवंबर को प्रस्तावित है बीयू का दीक्षांत समारोह
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में बंटने वाले पदकों की सूची में फेरबदल हो गया है। चार विद्यार्थियों द्वारा आपत्तियां दर्ज कराने के बाद कुलाधिपति व विन्यासीकृत पदक सूची में किसी छात्र-छात्रा का नाम बढ़ाया, तो किसी का हटाया गया है।
बीयू का दीक्षांत समारोह दस नवंबर को होना है। विश्वविद्यालय की कमेटी ने समारोह में बांटे जाने वाले पदकों की सूची तैयार कर छात्र-छात्राओं से आपत्तियां मांगी थी। चार छात्र-छात्राओं ने अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। बीबीए की परीक्षाओं में सर्वाधिक प्राप्तांक के लिए विश्वविद्यालय कमेटी ने 79.61 प्रतिशत अंक हासिल करने वाली कैंपस की छात्रा आयुषी बाधवा का नाम कुलाधिपति कांस्य पदक के लिए फाइनल किया था। आयुषी बीबीए ऑनर्स की छात्रा है। नियमानुसार बीबीए के विद्यार्थी को ही पदक दिया जा सकता है। ऐसे में चंद्रशेखर आजाद इंस्टीट्यूट की बीबीए की छात्रा वैशाली सिंह राजावत ने आपत्ति दर्ज करवा दी। जांच के बाद आयुषी की जगह अब वैशाली को ही पदक देने का फैसला कमेटी ने किया है। वहीं, एमएससी केमिस्ट्री की परीक्षाओं के सर्वाधिक अंक के लिए बिपिन बिहारी कॉलेज की छात्रा आकांक्षा शाक्या को भी विन्यासीकृत पदक मिलेगा। पहले कमेटी ने 84.14 प्रतिशत अंक लाने वाली वर्षा गुप्ता का नाम तय किया था। 84.14 फीसदी होने पर आकांक्षा ने आपत्ति दर्ज कराई थी। जांच के बाद कमेटी ने दोनों छात्राओं को पदक देने का फैसला किया है। इसके अलावा एमएससी फिजिक्स में 79 फीसदी अंक हासिल करने पर बिपिन बिहारी कॉलेज की दीक्षा भटनागर का विन्यासीकृत पदक के लिए सूची में नाम तय हुआ था। बीबीसी की अंजू ने 82 फीसदी अंक होने का हवाला देते हुए आपत्ति दर्ज कराई। जांच में पाया गया कि अंजू ने दो साल का कोर्स तीन साल में किया है। चूंकि, साल गैप वाले विद्यार्थियों को पदक नहीं दिया जाता है, इसलिए आपत्ति खारिज कर दी गई है। सत्र 2014-16 के एमफार्मा के छात्र रोहित कुमार बिजौलिया की भी आपत्ति निरस्त हो गई।
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