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हर साल लगभग 5000 विद्यार्थी बीच में ही छोड़ देते हैं पढ़ाई
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झांसी। स्कूल चलो अभियान जैसी तमाम योजनाओं के बावजूद स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या नहीं बढ़ पार रही। सरकारी आंकड़ों की माने तो हर साल करीब 5000 से विद्यार्थी बीच में ही पढ़ाई छोड़ देते हैं।
मुफ्त शिक्षा, मध्याह्न भोजन, मुफ्त यूनीफॉर्म, मुफ्त किताबें आदि के बावजूद हजारों विद्यार्थी जिले में ही हर साल पढ़ाई छोड़ रहे हैं। पिछले पांच साल का आंकड़ा देखें तो प्रतिवर्ष जिले में ही हजारों की संख्या में बच्चे पढ़ाई छोड़ रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2016 में कक्षा एक में 47732 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया, लेकिन 2020 में कक्षा पांच में सिर्फ 40917 विद्यार्थी ही पंजीकृत हुए। वर्ष 2016 में कक्षा 8 में 35497 विद्यार्थी पंजीकृत थे लेकिन कक्षा 9 में वर्ष 2017 में 29071 ही विद्यार्थी पंजीकृत हुए।
शिक्षकों और विभाग का कहना है कि पढ़ाई छोड़ने के कई बार पारिवारिक और आर्थिक कारण भी होते हैं। लेकिन प्राइमरी कक्षाओं में भी विद्यार्थी पढ़ाई छोड़ रहे हैं। तमाम विद्यार्थी गलत संगत में पड़कर खुद को शिक्षा से दूर कर लेते हैं। कई विद्यार्थियों की बोर्ड फीस भी शिक्षकों के द्वारा भरे जाने के बाद भी विद्यार्थी परीक्षा में उपस्थित नहीं होते।
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विद्यार्थियों को स्कूल लाने के लिए प्रयास किए जाते हैं लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के महत्व के प्रति लोग अभी भी जागरूक नहीं हैं। - एसएन सिंह, एडी बेसिक
दसवीं के बाद भी बहुत से विद्यार्थी आईटीआई, पॉलिटेक्निक जैसे कोर्स में दाखिले ले लेते हैं। जिस कारण भी बच्चे दसवीं के बाद बारहवीं में कम हो जाते हैं। - कोमल यादव, डीआईओएस
सत्र के अनुसार पंजीकृत सरकारी और निजी स्कूलों के संयुक्त आंकडे़
कक्षा सत्र 2016-17 सत्र 2017-18 सत्र 2018-19 सत्र 2019-20 सत्र 2020-21
कक्षा 1 47732 45263 43874 43871 36973
कक्षा 5 47497 42533 38552 39617 40915
कक्षा 8 35497 35101 33812 35903 35398
कक्षा 9 28782 29071 29393 30605 27517
कक्षा 10 28970 28970 29220 30391 29960
कक्षा 11 24275 22192 22944 24396 24708
कक्षा 12 22104 24674 22938 25142 24884
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मुफ्त शिक्षा, मध्याह्न भोजन, मुफ्त यूनीफॉर्म, मुफ्त किताबें आदि के बावजूद हजारों विद्यार्थी जिले में ही हर साल पढ़ाई छोड़ रहे हैं। पिछले पांच साल का आंकड़ा देखें तो प्रतिवर्ष जिले में ही हजारों की संख्या में बच्चे पढ़ाई छोड़ रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2016 में कक्षा एक में 47732 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया, लेकिन 2020 में कक्षा पांच में सिर्फ 40917 विद्यार्थी ही पंजीकृत हुए। वर्ष 2016 में कक्षा 8 में 35497 विद्यार्थी पंजीकृत थे लेकिन कक्षा 9 में वर्ष 2017 में 29071 ही विद्यार्थी पंजीकृत हुए।
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शिक्षकों और विभाग का कहना है कि पढ़ाई छोड़ने के कई बार पारिवारिक और आर्थिक कारण भी होते हैं। लेकिन प्राइमरी कक्षाओं में भी विद्यार्थी पढ़ाई छोड़ रहे हैं। तमाम विद्यार्थी गलत संगत में पड़कर खुद को शिक्षा से दूर कर लेते हैं। कई विद्यार्थियों की बोर्ड फीस भी शिक्षकों के द्वारा भरे जाने के बाद भी विद्यार्थी परीक्षा में उपस्थित नहीं होते।
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विद्यार्थियों को स्कूल लाने के लिए प्रयास किए जाते हैं लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के महत्व के प्रति लोग अभी भी जागरूक नहीं हैं। - एसएन सिंह, एडी बेसिक
दसवीं के बाद भी बहुत से विद्यार्थी आईटीआई, पॉलिटेक्निक जैसे कोर्स में दाखिले ले लेते हैं। जिस कारण भी बच्चे दसवीं के बाद बारहवीं में कम हो जाते हैं। - कोमल यादव, डीआईओएस
सत्र के अनुसार पंजीकृत सरकारी और निजी स्कूलों के संयुक्त आंकडे़
कक्षा सत्र 2016-17 सत्र 2017-18 सत्र 2018-19 सत्र 2019-20 सत्र 2020-21
कक्षा 1 47732 45263 43874 43871 36973
कक्षा 5 47497 42533 38552 39617 40915
कक्षा 8 35497 35101 33812 35903 35398
कक्षा 9 28782 29071 29393 30605 27517
कक्षा 10 28970 28970 29220 30391 29960
कक्षा 11 24275 22192 22944 24396 24708
कक्षा 12 22104 24674 22938 25142 24884