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नदी में डूब रहे बच्चे को बचाने में चली गई मां की जान
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : demo
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मऊरानीपुर। लहचूरा थाना क्षेत्र के ग्राम खरका में जसोदा पत्नी गनपत (35) बुधवार की देर शाम सुखनई नदी में नहाने गई। उसी समय उसका बच्चा नरेंद्र (7) गहरे पानी में चला गया। उसे डूबता देख वह उसे बचाने के लिए चली गई। उसने बच्चे को तो वहां से बाहर की तरफ फेंक दिया लेकिन खुद डूब गई। बच्चे की चीख सुनकर आसपास के लोग उसे बचाने के लिए दौड़े लेकिन बचा नहीं सके। महिला का शव नदी से निकाला गया। हादसे की सूचना पुलिस को दी गई। दो घंटे के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने लोगों से कहा कि शव स्वास्थ्य केंद्र लेकर जाओ। वहीं पर पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए शव भेजा जाएगा।
महिला की मौत की जानकारी मिलते ही घर में कोहराम मच गया। मां की मौत पर बच्चे का भी रो रोकर बुरा हाल है। वह बार-बार यही कह रहा है मम्मी उठो। परिवार के लोगों का कहना है कि वह कपड़े धोने और नहाने के लिए नदी में आई थी लेकिन क्या पता था कि यह हादसा हो जाएगा। लोग यही कह रहे हैं कि मां की ममता ने बच्चे को तो बचा लिया लेकिन खुद को नहीं बचा पाई। उसका पति मजदूरी करता है। महिला की दोनों बेटियां भी दहाड़े मारकर रो रहीं थीं। बच्चा दोनों में बहनों में सबसे छोटा है।
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महिला की मौत की जानकारी मिलते ही घर में कोहराम मच गया। मां की मौत पर बच्चे का भी रो रोकर बुरा हाल है। वह बार-बार यही कह रहा है मम्मी उठो। परिवार के लोगों का कहना है कि वह कपड़े धोने और नहाने के लिए नदी में आई थी लेकिन क्या पता था कि यह हादसा हो जाएगा। लोग यही कह रहे हैं कि मां की ममता ने बच्चे को तो बचा लिया लेकिन खुद को नहीं बचा पाई। उसका पति मजदूरी करता है। महिला की दोनों बेटियां भी दहाड़े मारकर रो रहीं थीं। बच्चा दोनों में बहनों में सबसे छोटा है।
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