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शिक्षकों की हो बायोमेट्रिक उपस्थिति, हर दिन जांच भी -City
Updated Wed, 18 Jul 2018 01:52 AM IST
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शिक्षकों की होगी बायोमेट्रिक उपस्थिति, हर दिन जांच भी
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के गांधी सभागार में हुई प्रबंधकों की बैठक में कुलसचिव सीपी तिवारी ने कहा कि 26 जुलाई तक हर हाल में सभी महाविद्यालय अपने यहां के शिक्षकों का सत्यापन करा लें। हर शिक्षक की कॉलेज में बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज की जाए। प्राचार्य रोजाना उपस्थिति की जांच करें।
कुलसचिव ने कहा कि कॉलेज के कोर्सों की प्रवेश प्रक्रिया में पूरी तरह पारदर्शिता होनी चाहिए। प्रवेश प्रक्रिया के दौरान विद्यार्थियों से मांगी गई सूचनाओं और कागजातों का सत्यापन मूल अभिलेखों से किया जाए। प्रवेश परीक्षा में प्राप्त अंकों के प्रतिशत के आधार पर मेरिट लिस्ट तैयार की जाए और इसके जरिए ही प्रवेश हो। शिक्षकों की उपलब्धता के आधार पर विषयवार, प्रश्नपत्रवार समय सारिणी तैयार की जाए। समय-समय पर पाठ्यक्रम प्रगति की समीक्षा के लिए शिक्षकों से प्रतिवेदन मांगें। कुछ कॉलेज इंफ्रास्ट्रक्चर के नाम पर सिर्फ दो-तीन कक्षों का ही प्रबंध करते हैं और शिक्षण कार्य दिखाते हैं। ऐसे कॉलेज प्रबंधक या तो मानकों को पूरा करें या मान्यता खत्म करा लें।
उन्होंने कहा कि शिक्षण के साथ-साथ प्रायोगिक कक्षाएं जरूर चलाई जाएं। यूजीसी और प्रदेश सरकार के मानकों के अनुसार ही शिक्षकों की नियुक्ति की जाए। शिक्षा की गुणवत्ता के लिए कॉलेज के प्रबंधक अपने स्तर पर सेमेस्टर पाठ्यक्रमों में आंतरिक परीक्षा की व्यवस्था करें। विश्वविद्यालय से संबद्ध कई कॉलेज शिक्षकों का भौतिक सत्यापन कराने से कतर रहे हैं, जबकि यह नियमानुसार है। 26 जुलाई तक हर हाल में सत्यापन की कार्रवाई पूरी करा लें।
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झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के गांधी सभागार में हुई प्रबंधकों की बैठक में कुलसचिव सीपी तिवारी ने कहा कि 26 जुलाई तक हर हाल में सभी महाविद्यालय अपने यहां के शिक्षकों का सत्यापन करा लें। हर शिक्षक की कॉलेज में बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज की जाए। प्राचार्य रोजाना उपस्थिति की जांच करें।
कुलसचिव ने कहा कि कॉलेज के कोर्सों की प्रवेश प्रक्रिया में पूरी तरह पारदर्शिता होनी चाहिए। प्रवेश प्रक्रिया के दौरान विद्यार्थियों से मांगी गई सूचनाओं और कागजातों का सत्यापन मूल अभिलेखों से किया जाए। प्रवेश परीक्षा में प्राप्त अंकों के प्रतिशत के आधार पर मेरिट लिस्ट तैयार की जाए और इसके जरिए ही प्रवेश हो। शिक्षकों की उपलब्धता के आधार पर विषयवार, प्रश्नपत्रवार समय सारिणी तैयार की जाए। समय-समय पर पाठ्यक्रम प्रगति की समीक्षा के लिए शिक्षकों से प्रतिवेदन मांगें। कुछ कॉलेज इंफ्रास्ट्रक्चर के नाम पर सिर्फ दो-तीन कक्षों का ही प्रबंध करते हैं और शिक्षण कार्य दिखाते हैं। ऐसे कॉलेज प्रबंधक या तो मानकों को पूरा करें या मान्यता खत्म करा लें।
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उन्होंने कहा कि शिक्षण के साथ-साथ प्रायोगिक कक्षाएं जरूर चलाई जाएं। यूजीसी और प्रदेश सरकार के मानकों के अनुसार ही शिक्षकों की नियुक्ति की जाए। शिक्षा की गुणवत्ता के लिए कॉलेज के प्रबंधक अपने स्तर पर सेमेस्टर पाठ्यक्रमों में आंतरिक परीक्षा की व्यवस्था करें। विश्वविद्यालय से संबद्ध कई कॉलेज शिक्षकों का भौतिक सत्यापन कराने से कतर रहे हैं, जबकि यह नियमानुसार है। 26 जुलाई तक हर हाल में सत्यापन की कार्रवाई पूरी करा लें।
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