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- विवाह का पंजीकरण कराने वालों की संख्या बढ़ी
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झांसी। जिले में शादीशुदा लोगों की संख्या लाखों में है, लेकिन इनमें से महज 37,179 लोगों ने ही अपनी शादी का पंजीकरण करा रखा है। ये स्थिति तब है जबकि पंजीकरण प्रमाण पत्र विवाह को कानूनी मान्यता दिलाने का अहम दस्तावेज माना जाता है। हालांकि, पिछले पांच साल के दरम्यान पंजीकरण कराने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है।
विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र अहम दस्तावेज है। पत्नी को अपने साथ विदेश ले जाना है या संपत्ति से जुड़े विवाद में ये प्रमाण पत्र वैवाहिक जोड़े को पति - पत्नी साबित करने के काम आता है। उत्तराधिकार व पेंशन से जुड़े मामलों के निस्तारण में भी ये उपयोगी होता है। किसी भी तरह के क्लेम के भुगतान में भी शादी के पंजीकरण का प्रमाण पत्र उपयोगी साबित होता है। बावजूद, जागरूकता के अभाव में बेहद कम लोग ही अपनी शादी को कानूनी चोला पहनाते हैं। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि जनपद के सभी छह सब रजिस्ट्रार कार्यालयों में महज 37,179 शादियां ही अब तक पंजीकृत हो पाईं हैं।
पांच साल में शादियों के पंजीकरण की स्थिति
साल पंजीकरण
2021 5083
2020 1309
2019 4849
2018 4263
2017 3735
यह हैं नियम
- पति का झांसी में निवास हो या झांसी में विवाह हुआ हो।
- रजिस्ट्रेशन के समय लड़की की न्यूनतम आयु 18 और लड़के की 21 वर्ष होना जरूरी होता है।
यह करना होता है
- उप निबंधक कार्यालय में पति-पत्नी दोनों को उपस्थित होना होता है।
- दो गवाह, पति - पत्नी को अपनी दो-दो फोटो और परिचय का प्रमाण साथ लाना होता है।
- वर और वधू के पहचान कॉलम पर किसी राजपत्रित अधिकारी, ग्राम पंचायत अध्यक्ष, जिला पंचायत अध्यक्ष, सांसद, विधायक या पार्षद से हस्ताक्षर प्रमाणित कराने होते हैं।
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- फार्म जमा होने के बाद जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कराकर विवाह पंजीकरण का प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाता है।
ये दस्तावेज आते हैं काम
- आयु का प्रमाण पत्र जैसे हाईस्कूल की सनद, पैन कार्ड आदि।
- शादी का कार्ड, किसी संस्था या सामूहिक विवाह की स्थिति में आयोजक संस्था का प्रमाण पत्र।
- शादी का कार्ड न होने पर हलफनामा देना पड़ता है।
- लड़के का मूल निवास का प्रमाण पत्र जरूरी होता है। इसमें वोटर आईडी, राशन कार्ड, डीएल की छाया प्रति भी काम आ जाती है।
- लड़के और लड़की के फोटो युक्त पहचान पत्र।
जागरूकता के अभाव में लोग शादी का पंजीकरण नहीं कराते हैं, जबकि ये बेहद उपयोगी होता है। सब रजिस्ट्रार कार्यालयों में निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद ये आसानी से हो जाता है।
- प्रवीण सिंह, सहायक महानिरीक्षक निबंधन
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विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र अहम दस्तावेज है। पत्नी को अपने साथ विदेश ले जाना है या संपत्ति से जुड़े विवाद में ये प्रमाण पत्र वैवाहिक जोड़े को पति - पत्नी साबित करने के काम आता है। उत्तराधिकार व पेंशन से जुड़े मामलों के निस्तारण में भी ये उपयोगी होता है। किसी भी तरह के क्लेम के भुगतान में भी शादी के पंजीकरण का प्रमाण पत्र उपयोगी साबित होता है। बावजूद, जागरूकता के अभाव में बेहद कम लोग ही अपनी शादी को कानूनी चोला पहनाते हैं। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि जनपद के सभी छह सब रजिस्ट्रार कार्यालयों में महज 37,179 शादियां ही अब तक पंजीकृत हो पाईं हैं।
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पांच साल में शादियों के पंजीकरण की स्थिति
साल पंजीकरण
2021 5083
2020 1309
2019 4849
2018 4263
2017 3735
यह हैं नियम
- पति का झांसी में निवास हो या झांसी में विवाह हुआ हो।
- रजिस्ट्रेशन के समय लड़की की न्यूनतम आयु 18 और लड़के की 21 वर्ष होना जरूरी होता है।
यह करना होता है
- उप निबंधक कार्यालय में पति-पत्नी दोनों को उपस्थित होना होता है।
- दो गवाह, पति - पत्नी को अपनी दो-दो फोटो और परिचय का प्रमाण साथ लाना होता है।
- वर और वधू के पहचान कॉलम पर किसी राजपत्रित अधिकारी, ग्राम पंचायत अध्यक्ष, जिला पंचायत अध्यक्ष, सांसद, विधायक या पार्षद से हस्ताक्षर प्रमाणित कराने होते हैं।
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- फार्म जमा होने के बाद जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कराकर विवाह पंजीकरण का प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाता है।
ये दस्तावेज आते हैं काम
- आयु का प्रमाण पत्र जैसे हाईस्कूल की सनद, पैन कार्ड आदि।
- शादी का कार्ड, किसी संस्था या सामूहिक विवाह की स्थिति में आयोजक संस्था का प्रमाण पत्र।
- शादी का कार्ड न होने पर हलफनामा देना पड़ता है।
- लड़के का मूल निवास का प्रमाण पत्र जरूरी होता है। इसमें वोटर आईडी, राशन कार्ड, डीएल की छाया प्रति भी काम आ जाती है।
- लड़के और लड़की के फोटो युक्त पहचान पत्र।
जागरूकता के अभाव में लोग शादी का पंजीकरण नहीं कराते हैं, जबकि ये बेहद उपयोगी होता है। सब रजिस्ट्रार कार्यालयों में निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद ये आसानी से हो जाता है।
- प्रवीण सिंह, सहायक महानिरीक्षक निबंधन