रेलवे ने लॉकडाउन के दौरान रेल पटरियों से जुड़े कई अहम कार्य पूरे कर लिए। इस अवधि में 327 किलोमीटर पटरियों की जांच का काम पूरा कर लिया गया। रेलवे ने लॉकडाउन और कोविड 19 के बावजूद संरक्षित और कुशल ट्रेन संचालन के लिए कई महत्वपूर्ण रखरखाव कार्य समय पर पूरे कर लिए। ट्रैक की संरक्षा को बनाए रखने के लिए 11 किलोमीटर नवीनीकरण कार्य पूरा किया गया। साथ ही 327 किलोमीटर के ट्रैक की मशीन टैम्पिंग जांच को पूरा कर लिया गया। इसके अलावा 402 किलोमीटर के ट्रैक के स्टेबलाइजेशन के लिए डिस्टेंसिग का कार्य एवं 388 पॉइंट, ट्रैक क्रासिंग का मशीन से मेंटेनेंस आदि कार्य किए गए। ओसीलेशन मानिटरिंग प्रणाली का उपयोग करके ट्रैक रिकॉर्डिंग कारों द्वारा लगभग 10000 किलोमीटर तक ट्रैक की राइडिंग गुणवत्ता का पता लगाने के लिए किया गया ट्रैक के अलावा अन्य संपत्ति जैसे कोच, वैगन, लोकोमोटिव, सिग्नल, ओएचई आदि को भी मेनटेन रखने के लिए आवश्यक कार्य किए गए । झांसी से बीना के बीच तीसरी लाइन परियोजना के लिए 14 किलोमीटर के ओएचई वायरिंग कार्य किया गया । सड़क उपयोगकर्ताओं को सुरक्षा प्रदान करने के लिए 07 स्टेशनों पर प्राथमिक बूम के टूटने की स्थिति में सुरक्षा के लिए स्लाईडिंग बूम लगाए गए। 340 कर्मचारियों को मिली पदोन्नति लॉकडाउन के दौरान उत्तर मध्य रेलवे के झांसी, आगरा व प्रयागराज मंडल में 340 कर्मचारियों को पदोन्नति दी गई। सेवानिवृत्त 135 कर्मचारियों को आवश्यक भुगतान प्रदान किए गए। सेवा सिंधु पोर्टल रजिस्टर होना जरूरी कर्नाटक के किसी भी स्टेशन पर उतरने वाले वाले रेल यात्रियों के लिए सेवा सिंधु पोर्टल पर रजिस्टर होना अनिवार्य है। अन्यथा उन्हें होम क्वारंटीन की अनुमति नहीं दी मिलेगी। सेवा सिंधु पोर्टल पर रजिस्टर होने से यात्री को ट्रैक करने और कोविड.19 के प्रसार को रोकने में मदद मिलेगी। इस संबंध में रेल यात्रियों को जागरूक करने के लिए रेल प्रशासन द्वारा स्टेशन पर उद्घोषणा की जा रही है। कर्नाटक जाने वाले यात्रियों को इस आशय जानकारी हेतु मोबाइल पर एसएमएस भी भेजे जा रहे हैं तथा आरक्षण कराने के दौरान भी इसकी जानकारी देने के प्रबंध किए गए हैं।