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वाहन मालिकों पर चार करोड़ का टैक्स बकाया
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वाहन मालिकों पर चार करोड़ का टैक्स बकाया
झांसी। परिवहन विभाग का जिले के साढ़े तीन हजार वाहन मालिकों पर चार करोड़ का टैक्स बकाया है। इनमें से ज्यादातर वे वाहन स्वामी हैं, जिन्होंने पिछले कई सालों से टैक्स अदा नहीं किया। अब ऐसे वाहन स्वामियों की तलाश कर टैक्स वसूली की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके अलावा अन्य पांच सौ के खिलाफ जल्द आरसी जारी की जाएगी।
परिवहन विभाग के तकरीबन चार करोड़ रुपये टैक्स पर जिले के वाहन मालिक कुंडली मारकर बैठ गए हैं। इनमें से बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी शामिल हैं, जिन्होंने दस साल से अपने-अपने वाहनों का फिटनेस भी नहीं कराया है। विभाग का मानना है कि संभव है कि वाहन पुराना होने पर मालिकों ने उन्हें नष्ट करा दिया हो, लेकिन इसकी सूचना परिवहन विभाग को नहीं दी गई हो।
सूत्रों के मुताबिक परिवहन विभाग की अनुमति के बगैर वाहनों को नष्ट करने (काटने) पर भी टैक्स बढ़ता जाएगा। बताया कि ऐसे 3405 वाहन मालिकों की सूची तैयार की जा रही है। इसके अलावा करीब पांच सौ ऐसे भी हैं, जिनके खिलाफ जल्द ही आरसी जारी कर दी जाएगी। है। इनसे अब टैक्स विभाग वसूली करेगा। अन्य वाहन मालिकों को भी कर अदायगी के लिए नोटिस जारी किया जा रहा है। विभाग ने ने बगैर किसी सूचना के वाहन नष्ट करने वालों को कार्यालय से संपर्क कर टैक्स अदा करने की अपील की है।
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बताया गया है कि ऐसे वाहनों को तलाश करने के लिए विभाग अलग - अलग टीम बनाकर छापेमारी करेगा। इसके लिए परिवहन विभाग की टीम को वाहनों की सूची दे दी गई है। इसमें स्कूल बस, यात्री बस, मालवाहक वाहन आदि शामिल हैं।
वाहनों की आयु सीमा
- ऑटो - 10 साल
- बस - 20 साल
- कार - जीप - 20 साल
- स्कूली बस - 20 साल
- रोडवेज बस - 20 साल
ऐसे हुआ मामला उजागर
सड़कों पर दौड़ रहे वाहनों की संख्या और जमा कराए गए टैक्स में अंतर आ रहा है। जो ऑडिट रिपोर्ट में उजागर हुआ है। इस कारण टैक्स नहीं जमा करना, बिना फिटनेस और परमिट के चलने वाले वाहनों के नंबर और उनके मालिकों की पता लगाने की तैयारी शुरू कर दी गई है, जिससे उनको नोटिस जारी कर आरटीओ कार्यालय में तलब किया जा सके।
दो हजार वाहनों का फिटनेस टेस्ट नहीं
परिवहन विभाग के अनुसार करीब दो हजार वाहन ऐसे भी हैं, जिन्होंने कई सालों से फिटनेस टेस्ट भी नहीं कराया है। अब ऐसे वाहनों का रजिस्ट्रेशन निरस्त करने की कार्रवाई की तैयारी है। ऐसे वाहनों का परिवहन विभाग की वेबसाइट पर गाड़ियों तथा उनके स्वामियों का नाम और चालान की डिटेल दर्ज है। बकाये टैक्स को वाहन मालिक वेबसाइट पर ऑनलाइन टैक्स जमा कर सकते हैं, टैक्स जमा होनेे के बाद वाहनों को ब्लैक लिस्ट की श्रेणी से हटा दिया जाएगा।
कई वाहन कबाड़ में चले गए कुछ वाहन दूसरे प्रदेश में भेज दिए गए हैं, लेकिन वाहन मालिकों ने ऐसी गाड़ियों की जानकारी आरटीओ कार्यालय में नहीं दी गई है, जिससे गाड़ियों का नंबर अभी तक परिवहन कार्यालय में दर्ज है, और उनका टैक्स साल दर साल बढ़ रहा है। ऐसे में टैक्स चुकाने के दौरान उनको भारी परेशानी होगी। टैक्स जमा न करने वाले लोग विभाग से संपर्क कर आगे की जानकारी प्राप्त कर लें।
वीके शुक्ला, एआरटीओ
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झांसी। परिवहन विभाग का जिले के साढ़े तीन हजार वाहन मालिकों पर चार करोड़ का टैक्स बकाया है। इनमें से ज्यादातर वे वाहन स्वामी हैं, जिन्होंने पिछले कई सालों से टैक्स अदा नहीं किया। अब ऐसे वाहन स्वामियों की तलाश कर टैक्स वसूली की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके अलावा अन्य पांच सौ के खिलाफ जल्द आरसी जारी की जाएगी।
परिवहन विभाग के तकरीबन चार करोड़ रुपये टैक्स पर जिले के वाहन मालिक कुंडली मारकर बैठ गए हैं। इनमें से बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी शामिल हैं, जिन्होंने दस साल से अपने-अपने वाहनों का फिटनेस भी नहीं कराया है। विभाग का मानना है कि संभव है कि वाहन पुराना होने पर मालिकों ने उन्हें नष्ट करा दिया हो, लेकिन इसकी सूचना परिवहन विभाग को नहीं दी गई हो।
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सूत्रों के मुताबिक परिवहन विभाग की अनुमति के बगैर वाहनों को नष्ट करने (काटने) पर भी टैक्स बढ़ता जाएगा। बताया कि ऐसे 3405 वाहन मालिकों की सूची तैयार की जा रही है। इसके अलावा करीब पांच सौ ऐसे भी हैं, जिनके खिलाफ जल्द ही आरसी जारी कर दी जाएगी। है। इनसे अब टैक्स विभाग वसूली करेगा। अन्य वाहन मालिकों को भी कर अदायगी के लिए नोटिस जारी किया जा रहा है। विभाग ने ने बगैर किसी सूचना के वाहन नष्ट करने वालों को कार्यालय से संपर्क कर टैक्स अदा करने की अपील की है।
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बताया गया है कि ऐसे वाहनों को तलाश करने के लिए विभाग अलग - अलग टीम बनाकर छापेमारी करेगा। इसके लिए परिवहन विभाग की टीम को वाहनों की सूची दे दी गई है। इसमें स्कूल बस, यात्री बस, मालवाहक वाहन आदि शामिल हैं।
वाहनों की आयु सीमा
- ऑटो - 10 साल
- बस - 20 साल
- कार - जीप - 20 साल
- स्कूली बस - 20 साल
- रोडवेज बस - 20 साल
ऐसे हुआ मामला उजागर
सड़कों पर दौड़ रहे वाहनों की संख्या और जमा कराए गए टैक्स में अंतर आ रहा है। जो ऑडिट रिपोर्ट में उजागर हुआ है। इस कारण टैक्स नहीं जमा करना, बिना फिटनेस और परमिट के चलने वाले वाहनों के नंबर और उनके मालिकों की पता लगाने की तैयारी शुरू कर दी गई है, जिससे उनको नोटिस जारी कर आरटीओ कार्यालय में तलब किया जा सके।
दो हजार वाहनों का फिटनेस टेस्ट नहीं
परिवहन विभाग के अनुसार करीब दो हजार वाहन ऐसे भी हैं, जिन्होंने कई सालों से फिटनेस टेस्ट भी नहीं कराया है। अब ऐसे वाहनों का रजिस्ट्रेशन निरस्त करने की कार्रवाई की तैयारी है। ऐसे वाहनों का परिवहन विभाग की वेबसाइट पर गाड़ियों तथा उनके स्वामियों का नाम और चालान की डिटेल दर्ज है। बकाये टैक्स को वाहन मालिक वेबसाइट पर ऑनलाइन टैक्स जमा कर सकते हैं, टैक्स जमा होनेे के बाद वाहनों को ब्लैक लिस्ट की श्रेणी से हटा दिया जाएगा।
कई वाहन कबाड़ में चले गए कुछ वाहन दूसरे प्रदेश में भेज दिए गए हैं, लेकिन वाहन मालिकों ने ऐसी गाड़ियों की जानकारी आरटीओ कार्यालय में नहीं दी गई है, जिससे गाड़ियों का नंबर अभी तक परिवहन कार्यालय में दर्ज है, और उनका टैक्स साल दर साल बढ़ रहा है। ऐसे में टैक्स चुकाने के दौरान उनको भारी परेशानी होगी। टैक्स जमा न करने वाले लोग विभाग से संपर्क कर आगे की जानकारी प्राप्त कर लें।
वीके शुक्ला, एआरटीओ