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नोटबंदी: दबाकर रख दो हजार के नोट,,,-City
Updated Tue, 07 Nov 2017 09:10 PM IST
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टैग-नोटबंदी के एक साल पूरे
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फोटो
चेक जरिए लेनदेन में 20 फीसदी गिरावट, डिजीटल पर जोर
नोटबंदी के बाद बाद जाली नोट का कोई मामला नहीं आया
व्यवस्था में बदलाव को लोगों ने स्वीकार किया, सुविधा भी
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
नोटबंदी के बाद बड़े पैमाने पर डिजीटल लेनदेन बढ़ा है। इसका बड़ा सबूत बैंकों में चेकों के आवागमन में 20 फीसदी गिरावट है। व्यापारिक, औद्योगिक प्रतिष्ठानों और पेट्रोल पंपों में स्वाइप मशीन का इस्तेमाल बढ़ा है। अब डिजीटल लेनदेन लोगों को किसी हद तक सुविधाजनक लग रहा है। बड़ी बात यह कि नोटबंदी के बाद जाली नोट के एक भी मामले सामने नहीं आए।
पिछले साल आठ नवंबर को केंद्र सरकार ने एक हजार और पांच सौ के पुराने नोट बंद कर दो हजार और पांच सौ के नए नोट जारी किए थे। सरकार ने कैशलेस बनाने के लिए डिजीटल लेने देन पर जोर दिया। अब इसके नतीजे सामने आ रहे हैं। चेक के जरिए लेनदेन में कमी आई है। जनपद के सभी बैंकों के चेक भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में क्लीयरेंस के लिए आते हैं। सालाना करीब एक लाख बीस हजार चेक क्लीयरेंस के लिए आते थे। नोटबंदी के बाद बढ़े डिजीटल लेन देन से इसमें बीस प्रतिशत तक की कमी आई है। एसबीआई के एक अधिकारी ने बताया कि डिजीटल लेन देन बढ़ने से चेक से भुगतान होने में बीस फीसदी की कमी आई हैं। नोटबंदी के बाद कोई जाली नोट भी सामने नहीं आया।
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कुछ लोग तिजोरियों में जमा कर रहे दो हजार के नोट
किल्लत हुई तो 40 करोड़ नोट औरैया से मंगवाने पड़े
इसका असर बाजार पर पड़ रहा, सरकार की नजर है
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। नोटबंदी के बाद बाजार में आए दो हजार के नए नोट कुछ लोग अपनी अपनी तिजोरियों में जमा कर रहे हैं और इस कारण अक्सर इनकी किल्लत हो जाती है। इसका असर बाजार पर पड़ता है। पिछले दिनों दो हजार के नोटों की किल्लत इस कदर बढ़ गई कि 40 करोड़ के नोट औरैया से मंगाने पड़े। इस पूरे मामले में सरकार नजर रखे है।
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मंगलवार को एक हजार और पांच सौ के पुराने नोट बंद होने को एक साल पूरा हो गया। शुरूआत में बैंकों में नोट बदलने और जमा करने के लिए लंबी लाइनें लगीं। दो हजार और पांच सौ के नोट की नई करेंसी पर्याप्त न होने पर पहले सौ के नोट ही ग्राहकों को थमाए गए। दो महीने तक अफरातफरी के हालात रहे। उसके बाद धीरे-धीरे स्थिति सामान्य की ओर लौटी। समय के साथ लोगों ने फिर से पूंजी जमा करना शुरू कर दी हैं। चूंकि, दो हजार रुपये के नोटों में बड़ी रकम आसान होता है। इस कारण लोगों ने दो हजार रुपये के नोट दबाकर रखना शुरू कर दिए हैं। इससे कभी- कभार बैंकों में दो हजार रुपये के नोटों में ग्राहक को बड़ा भुगतान करने में परेशानी हो जाती हैं। ऐसे में अगर ग्राहक को सौ- सौ की गड्डियां पकड़ा दी जाए तो वह बहस और झगड़ा करने लगता है। पंजाब नेशनल बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक (मार्केटिंग) रवीश कुमार अग्रवाल ने दो हजार के नोटों की कमी से इंकार किया है। उनका कहना है कि अगर नोटों की कमी पड़ती भी हैं तो बैंक एक- दूसरे से सहयोग ले लेते हैं।
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फोटो
दोबारा लगानी पड़ी स्वाइप मशीन
नोटबंदी के बाद मैंने अपनी दुकान पर स्वाइप मशीन लगवा ली थी। मगर, हर महीने 1050 रुपये बैंक किराया काट लेता था। जबकि दिनभर में ग्राहक तीन- चार ही मशीन मांगते थे। इससे नुकसान हो रहा था। चार महीने बाद ही स्वाइप मशीन की सुविधा हटा दी। अब ज्यादा ग्राहक मशीन मांगने लगे हैं। इस कारण दोबारा मशीन लगा ली है। नई स्कीम में बैंक भी 260 रुपये महीने काट रहा है।
भगवत प्रसाद, किराना व्यापारी।
फोटो
रियल इस्टेट का कारोबार चौपट
नोटबंदी के बाद से मेरा रियल इस्टेट का कारोबार ठप पड़ा है। लोगों की जेब में बड़ी रकम हैं नहीं। इस कारण न तो फ्लैट बिक रहे हैं और न ही प्लाट। इस कारोबार के जल्द पटरी पर आने की उम्मीद भी कम लग रही है।
सहजेंद्र सिंह बघेल, रियल इस्टेट कारोबारी
स्वाइप मशीन भी आधार से जुड़ी
बैंकों में आधार से जुड़ी स्वाइप मशीन भी मिलने लगी हैं। इस मशीन के उपयोग पर बैंक सिर्फ 75 रुपये और जीएसटी ले रहा है। इस मशीन के प्रयोग के लिए ग्राहक को अपना आधार नंबर फीड कर अंगूठा लगाना है। मगर, इस मशीन से ग्राहक दो हजार रुपये तक की ही खरीदारी कर सकते हैं। यह मशीन दुकानदारों के लिए फायदेमंद हैं।
ऐसे ले सकते हैं स्वाइप मशीन
स्वाइप मशीन लेने के लिए बैंक में चालू खाता (करेंट एकाउंट) होना जरूरी है। इसके बाद बैंक में केवाईजी और फर्म पंजीकरण का प्रमाण पत्र जमा कर दे। संबंधित बैंक दस्तावेजों को अपने मुख्यालय कार्यालय भेज देगा। बैंक के आदेश पर अनुबंधित कंपनी के कर्मचारी आपके प्रतिष्ठान पर मशीन लगा जाएंगे।
एक दिन में जमा करें एक हजार के सिक्के
एसबीआई के एक अधिकारी ने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक ने निर्देशानुसार एक हजार के सिक्के कोई भी ग्राहक एक दिन में जमा कर सकता है। सिक्कों को लेकर लोगों के बीच अफवाह फैलाई जा रही है कि बैंक सिक्के जमा नहीं कर रहे हैं। सिक्कों के आदान- प्रदान में सभी का सहयोग रहे तो कोई समस्या ही नहीं होगी।
दो सौ के नोट आए
भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के पास दो सौ के नोट आ चुके हैं। बैंक के एक अधिकारी ने बताया कि एक- दो दिन में सभी बैंकों में दो सौ रुपये नोट की करेंसी दे दी जाएगी। दस नवंबर के बाद बैंकों में ग्राहकों को दो सौ रुपये के नोट मिलने लगेंगे। शुरूआत में ग्राहकों को बैंक से ही यह नोट मिलेंगे।
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चेक जरिए लेनदेन में 20 फीसदी गिरावट, डिजीटल पर जोर
नोटबंदी के बाद बाद जाली नोट का कोई मामला नहीं आया
व्यवस्था में बदलाव को लोगों ने स्वीकार किया, सुविधा भी
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
नोटबंदी के बाद बड़े पैमाने पर डिजीटल लेनदेन बढ़ा है। इसका बड़ा सबूत बैंकों में चेकों के आवागमन में 20 फीसदी गिरावट है। व्यापारिक, औद्योगिक प्रतिष्ठानों और पेट्रोल पंपों में स्वाइप मशीन का इस्तेमाल बढ़ा है। अब डिजीटल लेनदेन लोगों को किसी हद तक सुविधाजनक लग रहा है। बड़ी बात यह कि नोटबंदी के बाद जाली नोट के एक भी मामले सामने नहीं आए।
पिछले साल आठ नवंबर को केंद्र सरकार ने एक हजार और पांच सौ के पुराने नोट बंद कर दो हजार और पांच सौ के नए नोट जारी किए थे। सरकार ने कैशलेस बनाने के लिए डिजीटल लेने देन पर जोर दिया। अब इसके नतीजे सामने आ रहे हैं। चेक के जरिए लेनदेन में कमी आई है। जनपद के सभी बैंकों के चेक भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में क्लीयरेंस के लिए आते हैं। सालाना करीब एक लाख बीस हजार चेक क्लीयरेंस के लिए आते थे। नोटबंदी के बाद बढ़े डिजीटल लेन देन से इसमें बीस प्रतिशत तक की कमी आई है। एसबीआई के एक अधिकारी ने बताया कि डिजीटल लेन देन बढ़ने से चेक से भुगतान होने में बीस फीसदी की कमी आई हैं। नोटबंदी के बाद कोई जाली नोट भी सामने नहीं आया।
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कुछ लोग तिजोरियों में जमा कर रहे दो हजार के नोट
किल्लत हुई तो 40 करोड़ नोट औरैया से मंगवाने पड़े
इसका असर बाजार पर पड़ रहा, सरकार की नजर है
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। नोटबंदी के बाद बाजार में आए दो हजार के नए नोट कुछ लोग अपनी अपनी तिजोरियों में जमा कर रहे हैं और इस कारण अक्सर इनकी किल्लत हो जाती है। इसका असर बाजार पर पड़ता है। पिछले दिनों दो हजार के नोटों की किल्लत इस कदर बढ़ गई कि 40 करोड़ के नोट औरैया से मंगाने पड़े। इस पूरे मामले में सरकार नजर रखे है।
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मंगलवार को एक हजार और पांच सौ के पुराने नोट बंद होने को एक साल पूरा हो गया। शुरूआत में बैंकों में नोट बदलने और जमा करने के लिए लंबी लाइनें लगीं। दो हजार और पांच सौ के नोट की नई करेंसी पर्याप्त न होने पर पहले सौ के नोट ही ग्राहकों को थमाए गए। दो महीने तक अफरातफरी के हालात रहे। उसके बाद धीरे-धीरे स्थिति सामान्य की ओर लौटी। समय के साथ लोगों ने फिर से पूंजी जमा करना शुरू कर दी हैं। चूंकि, दो हजार रुपये के नोटों में बड़ी रकम आसान होता है। इस कारण लोगों ने दो हजार रुपये के नोट दबाकर रखना शुरू कर दिए हैं। इससे कभी- कभार बैंकों में दो हजार रुपये के नोटों में ग्राहक को बड़ा भुगतान करने में परेशानी हो जाती हैं। ऐसे में अगर ग्राहक को सौ- सौ की गड्डियां पकड़ा दी जाए तो वह बहस और झगड़ा करने लगता है। पंजाब नेशनल बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक (मार्केटिंग) रवीश कुमार अग्रवाल ने दो हजार के नोटों की कमी से इंकार किया है। उनका कहना है कि अगर नोटों की कमी पड़ती भी हैं तो बैंक एक- दूसरे से सहयोग ले लेते हैं।
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दोबारा लगानी पड़ी स्वाइप मशीन
नोटबंदी के बाद मैंने अपनी दुकान पर स्वाइप मशीन लगवा ली थी। मगर, हर महीने 1050 रुपये बैंक किराया काट लेता था। जबकि दिनभर में ग्राहक तीन- चार ही मशीन मांगते थे। इससे नुकसान हो रहा था। चार महीने बाद ही स्वाइप मशीन की सुविधा हटा दी। अब ज्यादा ग्राहक मशीन मांगने लगे हैं। इस कारण दोबारा मशीन लगा ली है। नई स्कीम में बैंक भी 260 रुपये महीने काट रहा है।
भगवत प्रसाद, किराना व्यापारी।
फोटो
रियल इस्टेट का कारोबार चौपट
नोटबंदी के बाद से मेरा रियल इस्टेट का कारोबार ठप पड़ा है। लोगों की जेब में बड़ी रकम हैं नहीं। इस कारण न तो फ्लैट बिक रहे हैं और न ही प्लाट। इस कारोबार के जल्द पटरी पर आने की उम्मीद भी कम लग रही है।
सहजेंद्र सिंह बघेल, रियल इस्टेट कारोबारी
स्वाइप मशीन भी आधार से जुड़ी
बैंकों में आधार से जुड़ी स्वाइप मशीन भी मिलने लगी हैं। इस मशीन के उपयोग पर बैंक सिर्फ 75 रुपये और जीएसटी ले रहा है। इस मशीन के प्रयोग के लिए ग्राहक को अपना आधार नंबर फीड कर अंगूठा लगाना है। मगर, इस मशीन से ग्राहक दो हजार रुपये तक की ही खरीदारी कर सकते हैं। यह मशीन दुकानदारों के लिए फायदेमंद हैं।
ऐसे ले सकते हैं स्वाइप मशीन
स्वाइप मशीन लेने के लिए बैंक में चालू खाता (करेंट एकाउंट) होना जरूरी है। इसके बाद बैंक में केवाईजी और फर्म पंजीकरण का प्रमाण पत्र जमा कर दे। संबंधित बैंक दस्तावेजों को अपने मुख्यालय कार्यालय भेज देगा। बैंक के आदेश पर अनुबंधित कंपनी के कर्मचारी आपके प्रतिष्ठान पर मशीन लगा जाएंगे।
एक दिन में जमा करें एक हजार के सिक्के
एसबीआई के एक अधिकारी ने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक ने निर्देशानुसार एक हजार के सिक्के कोई भी ग्राहक एक दिन में जमा कर सकता है। सिक्कों को लेकर लोगों के बीच अफवाह फैलाई जा रही है कि बैंक सिक्के जमा नहीं कर रहे हैं। सिक्कों के आदान- प्रदान में सभी का सहयोग रहे तो कोई समस्या ही नहीं होगी।
दो सौ के नोट आए
भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के पास दो सौ के नोट आ चुके हैं। बैंक के एक अधिकारी ने बताया कि एक- दो दिन में सभी बैंकों में दो सौ रुपये नोट की करेंसी दे दी जाएगी। दस नवंबर के बाद बैंकों में ग्राहकों को दो सौ रुपये के नोट मिलने लगेंगे। शुरूआत में ग्राहकों को बैंक से ही यह नोट मिलेंगे।