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किसानों ने मुंडन कराके जताया विरोध,,-City
Updated Thu, 28 Sep 2017 08:43 PM IST
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सरकार से नाराज किसानों ने कराया मुंडन
अफसरों से वार्ता के बाद भी समस्याओं का नहीं हुआ समाधान
सिंचाई विभाग के बेतवा भवन में धरना दे रहे हैं
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
सरकार से नाराज किसानों ने सिंचाई विभाग बेतवा भवन कार्यालय परिसर में सामूहिक मुंडन कराकर अपना विरोध दर्ज कराया। यहां धरना दे रहे किसानों का आरोप है कि अफसर बात करने तो आते हैं, लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं करते हैं। वे 25 सितंबर से यहां धरना दे रहे हैं।
बुंदेलखंड के सभी जनपदों को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग को लेकर बुंदेलखंड किसान पंचायत के अध्यक्ष गौरी शंकर बिदुआ के नेतृत्व में किसान 25 सितंबर से सिंचाई विभाग बेतवा भवन में धरना दे रहे हैं। 26 सितंबर को झांसी आए प्रमुख सचिव ने सिंचाई अधिकारियों को किसानों से वार्ता कर समस्याओं का समाधान निकालने का आदेश दिया था। बुधवार को वार्ता के लिए अधिकारियों के न पहुंचने पर किसानों ने बृहस्पतिवार को एक बजे तक का अल्टीमेटम देकर सामूहिक रूप से मुंडन कराने की चेतावनी दी थी। बृहस्पतिवार को एक बजे तक जब अधिकारी किसानों से मिलने नहीं पहुंचे तो उन्होेंने सामूहिक मुंडन कराके विरोध दर्ज कराया। इस बात का पता लगते ही मुख्य अभियंता (दक्षिण) वीके सिंह, अधीक्षण अभियंता जगदीश सिंह और अधिशासी अभियंता वीके सिंह वार्ता के लिए मौके पर पहुंच गए। इस दौरान अधिकारियों को पंद्रह सूत्रीय समस्याओं से अवगत कराया गया। मगर, वे किसी का भी संतोषजनक हल नहीं निकाल सके।
वहीं, गौरी शंकर बिदुआ ने बताया कि शुक्रवार को फिर अधिकारियों से वार्ता होगी। अगर इस वार्ता में भी समस्याओं का हल नहीं निकला तो महिलाएं भी मुंडन कराके विरोध दर्ज कराएगी।
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किसानों की प्रमुख मांगे
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- बुंदेलखंड के सभी जनपदों को सूखाग्रस्त घोषित किया जाए।
- बीमित फसल का भुगतान कंपनी से शीघ्र कराया जाए।
- बेतवा नदी के जल बंटवारे में यूपी को 50 फीसदी हिस्सा मिले।
- रबी की फसल के लिए पहूज, पारीछा बांध और गढ़मऊ तालाब को भरा जाए।
- लखेरी बांध के प्रभावित ग्राम बचेरा के वंचित किसानों को मुआवजा दिया जाए।
- ललितपुर जिले के निर्माणाधीन भोंरट बांध के बालिग परिवारों को अनुकंपा राशि दी जाए।
- कचनोंदा बांध के प्रभावित किसानों को विस्थापित और भुगतान किया जाए।
- महोबा जिले के निर्माणाधीन कबरई बांध के प्रभावित किसानों को मुआवजा।
- गुरसराय माइनर की लाइनिंग का काम शीघ्र पूरा कराने।
- बबीना नहर प्रणाली को रक्सा डोमागोर तक ले जाना।
- बेतवा नहर की लिफ्ट सफाई के नाम पर 2.65 लाख रुपये के फर्जी भुगतान की जांच।
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सरकार से नाराज किसानों ने कराया मुंडन
अफसरों से वार्ता के बाद भी समस्याओं का नहीं हुआ समाधान
सिंचाई विभाग के बेतवा भवन में धरना दे रहे हैं
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
सरकार से नाराज किसानों ने सिंचाई विभाग बेतवा भवन कार्यालय परिसर में सामूहिक मुंडन कराकर अपना विरोध दर्ज कराया। यहां धरना दे रहे किसानों का आरोप है कि अफसर बात करने तो आते हैं, लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं करते हैं। वे 25 सितंबर से यहां धरना दे रहे हैं।
बुंदेलखंड के सभी जनपदों को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग को लेकर बुंदेलखंड किसान पंचायत के अध्यक्ष गौरी शंकर बिदुआ के नेतृत्व में किसान 25 सितंबर से सिंचाई विभाग बेतवा भवन में धरना दे रहे हैं। 26 सितंबर को झांसी आए प्रमुख सचिव ने सिंचाई अधिकारियों को किसानों से वार्ता कर समस्याओं का समाधान निकालने का आदेश दिया था। बुधवार को वार्ता के लिए अधिकारियों के न पहुंचने पर किसानों ने बृहस्पतिवार को एक बजे तक का अल्टीमेटम देकर सामूहिक रूप से मुंडन कराने की चेतावनी दी थी। बृहस्पतिवार को एक बजे तक जब अधिकारी किसानों से मिलने नहीं पहुंचे तो उन्होेंने सामूहिक मुंडन कराके विरोध दर्ज कराया। इस बात का पता लगते ही मुख्य अभियंता (दक्षिण) वीके सिंह, अधीक्षण अभियंता जगदीश सिंह और अधिशासी अभियंता वीके सिंह वार्ता के लिए मौके पर पहुंच गए। इस दौरान अधिकारियों को पंद्रह सूत्रीय समस्याओं से अवगत कराया गया। मगर, वे किसी का भी संतोषजनक हल नहीं निकाल सके।
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वहीं, गौरी शंकर बिदुआ ने बताया कि शुक्रवार को फिर अधिकारियों से वार्ता होगी। अगर इस वार्ता में भी समस्याओं का हल नहीं निकला तो महिलाएं भी मुंडन कराके विरोध दर्ज कराएगी।
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किसानों की प्रमुख मांगे
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- बुंदेलखंड के सभी जनपदों को सूखाग्रस्त घोषित किया जाए।
- बीमित फसल का भुगतान कंपनी से शीघ्र कराया जाए।
- बेतवा नदी के जल बंटवारे में यूपी को 50 फीसदी हिस्सा मिले।
- रबी की फसल के लिए पहूज, पारीछा बांध और गढ़मऊ तालाब को भरा जाए।
- लखेरी बांध के प्रभावित ग्राम बचेरा के वंचित किसानों को मुआवजा दिया जाए।
- ललितपुर जिले के निर्माणाधीन भोंरट बांध के बालिग परिवारों को अनुकंपा राशि दी जाए।
- कचनोंदा बांध के प्रभावित किसानों को विस्थापित और भुगतान किया जाए।
- महोबा जिले के निर्माणाधीन कबरई बांध के प्रभावित किसानों को मुआवजा।
- गुरसराय माइनर की लाइनिंग का काम शीघ्र पूरा कराने।
- बबीना नहर प्रणाली को रक्सा डोमागोर तक ले जाना।
- बेतवा नहर की लिफ्ट सफाई के नाम पर 2.65 लाख रुपये के फर्जी भुगतान की जांच।