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ढाई हजार छात्र लेने नहीं आए डिग्री, अब बीयू भिजवाएगा घर
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झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय और इससे संबद्ध कॉलेजों में सत्र 2020-21 से पहले के छात्र-छात्राएं डिग्री लेने के लिए ही नहीं आए हैं। हाल ही में कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल ने विश्वविद्यालयों को छात्र-छात्राओं के घरों तक उपाधियां पहुंचाने के आदेश दिए हैं। अब विश्वविद्यालय प्रशासन इन विद्यार्थियों के स्थायी पते पर डिग्रियां भेजेगा।
बीयू ने डिग्रियों के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा काफी पहले ही शुरू कर दी थी। प्राइवेट छात्र-छात्राओं के घरों तक डिग्रियां भेजी जा रही हैं मगर कैंपस में पढ़ने वाले नियमित छात्रों को विश्वविद्यालय डिग्री लेने के लिए आना पड़ता है। जबकि, कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की डिग्री संबंधित महाविद्यालय में भेज दी जाती है। आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2020 से पहले के ढाई हजार छात्र-छात्राएं अब तक डिग्रियां लेने के लिए विश्वविद्यालय नहीं आए। इससे यह डिग्रियां उपाधि विभाग में पड़ी हुई हैं। चूंकि, कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल ने विश्वविद्यालयों को निर्देश दिए हैं कि डिग्री छात्र-छात्राओं के घरों तक भेजी जाएं। ऐसे में बीयू प्रशासन इन सभी विद्यार्थियों के स्थायी पता का सत्यापन कराने जा रहा है। ताकि, सही पते पर ही डिग्रियां भेजी जाएं। इसके अलावा वर्ष 2020-21 की 18 हजार डिग्रियों को 30 जून तक कॉलेज संचालकों को विश्वविद्यालय आकर लेने के निर्देश दे दिए गए हैं।
वर्ष 2020-21 की 18 हजार डिग्रियों को कॉलेजों को 30 जून तक बीयू आकर लेने के आदेश दे दिए गए हैं। इससे पहले की करीब ढाई हजार डिग्रियां रखी हुई हैं। इन्हें छात्र-छात्राओं के घर भेजा जाएगा। - प्रो. जेवी वैशम्पायन कुलपति, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय।
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बीयू ने डिग्रियों के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा काफी पहले ही शुरू कर दी थी। प्राइवेट छात्र-छात्राओं के घरों तक डिग्रियां भेजी जा रही हैं मगर कैंपस में पढ़ने वाले नियमित छात्रों को विश्वविद्यालय डिग्री लेने के लिए आना पड़ता है। जबकि, कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की डिग्री संबंधित महाविद्यालय में भेज दी जाती है। आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2020 से पहले के ढाई हजार छात्र-छात्राएं अब तक डिग्रियां लेने के लिए विश्वविद्यालय नहीं आए। इससे यह डिग्रियां उपाधि विभाग में पड़ी हुई हैं। चूंकि, कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल ने विश्वविद्यालयों को निर्देश दिए हैं कि डिग्री छात्र-छात्राओं के घरों तक भेजी जाएं। ऐसे में बीयू प्रशासन इन सभी विद्यार्थियों के स्थायी पता का सत्यापन कराने जा रहा है। ताकि, सही पते पर ही डिग्रियां भेजी जाएं। इसके अलावा वर्ष 2020-21 की 18 हजार डिग्रियों को 30 जून तक कॉलेज संचालकों को विश्वविद्यालय आकर लेने के निर्देश दे दिए गए हैं।
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वर्ष 2020-21 की 18 हजार डिग्रियों को कॉलेजों को 30 जून तक बीयू आकर लेने के आदेश दे दिए गए हैं। इससे पहले की करीब ढाई हजार डिग्रियां रखी हुई हैं। इन्हें छात्र-छात्राओं के घर भेजा जाएगा। - प्रो. जेवी वैशम्पायन कुलपति, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय।
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