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नर्सिग होम समेत दो पैथालॉजी पर कार्रवाई
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नर्सिग होम समेत दो पैथालॉजी पर कार्रवाई
ललितपुर। नर्सिंग होम, क्लीनिक व पेथोलॉजी लैब संचालक प्रदूषण प्रमाण पत्र लेने में रुचि नहीं ले रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए एक नर्सिंग होम व दो पैथोलॉजी लैब का पंजीयन निरस्त कर दिया है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा नर्सिंग होम, क्लीनिक, पैथोलॉजी लैब संचालकों को इकाईयों के नाम से प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण लेने के निर्देश दिए थे। इसमें नर्सिंग होम व सभी इकाइयों को मानक के अनुसार मेडिकल बायोवेस्ट का निस्तारण करने की व्यवस्था की गई है। लेकिन, अब तक केवल चार अस्पतालों ने ही प्रमाण लिया है। जबकि, सभी इकाइयां खुले में मेडिकल बायोवेस्ट फेंक रहीं है। इससे आम लोगों को संक्रामक बीमारियां हो सकतीं है। मेडिकल कचरा को खुले में रखने से स्वस्थ लोग भी बीमारी के चपेट में आ सकते हैं। ऐसे में कोई गंभीर बीमारियां होने के कारण मरीज की मृत्यु भी हो सकती है। सीएमओ ने सख्त रुख अपनाते हुए इकाइयों के पंजीयन निरस्त करने के निर्देश दिए। इस पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए बुधवार को एक नर्सिंग होम सहित दो पैथोलॉजी लैब के पंजीयन निरस्त कर दिए हैं।
यह हैं मानक
नर्सिंग होम में मेडिकल बायोवेस्ट (कचरा) के निस्तारण के लिए बंद कमरा होना चाहिए। इस कमरे में एक टाइल्स लगा हुआ गड्ढा होना चाहिए। इस कमरे में लगे ताले की केवल दो ही चाबी होंगी। एक बायोवेस्ट कचरा उठाने वाले के पास व दूसरी इकाई के मालिक के पास होनी चाहिए। कचरा के लिए तीन कलर की पॉलीथीन होनी चाहिए, ताकि पट्टी, बैंडेज, दवाइयों और इंजेक्शन को अलग-अलग रखा जा सके। इनमें अलग-अलग कचरा डाला जाएगा। नर्सिंग होम व पैथोलॉजी लैब, क्लीनिक के कर्मचारियों को एप्रिन पहनने व इंजेक्शन को खोलने के लिए अप कटर साथ में होना चाहिए।
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प्रमाण पत्र में रुचि न लेने पर पंजीयन निरस्त
प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड से प्रदूषण लेने में रुचि न दिखाने के कारण स्वास्थ्य विभाग ने तीन इकाइयों के पंजीयन निरस्त कर दिए गए है। इनमें जिला अस्पताल के सामने स्थित जय मां काली पैथोलॉजी व पुराने ब्लाक रोड पर बार स्थित दिव्य पैथोलॉजी का पंजीयन निरस्त कर दिया गया है। सेठ श्यामाचरण मेमोरियल हॉस्पिटल सदन शाह का पंजीयन भी निरस्त कर दिया गया है।
इस तरह करना होगा आवेदन
नर्सिंग होम, पैथोलॉजी व क्लीनिक संचालकों को 15 सौ रुपये का बैंक ड्राप्ट रीजनल ऑफीसर उत्तर प्रदेश पाल्यूशन कंट्रोल बोर्ड झांसी के नाम बनवाकर आवेदन करना होगा। इसके बाद इकाई की जांच की जाएगी। यहां से प्रमाण पत्र मिलने पर क्षेत्रीय कार्यालय उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड झांसी में आवेदन करना होगा। जिस पर इकाई के मानकों की जांच होगी। जांच में सही पाए जाने पर प्रमाण पत्र दिया जाएगा।
इनका हुआ पंजीयन
जिला अस्पताल पुरुष व जिला महिला अस्पताल, निजी नर्सिंग होम में केके जैन व चिगलौआ पावर प्लांट स्थित हेल्थ केयर सेंटर ने प्रमाण पत्र ले लिया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में संचालित 23 नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व मुुख्यालय पर स्थित दो अरबन हेल्थ सेंटर नेहरूनगर व गोविंद नगर, टीवी क्लीनिक के साथ ही सीएससी महरौनी ने आवेदन किया है।
जिले में संचालित सभी नर्सिंग होम, क्लीनिक व पैथोलॉजी लैब संचालकों को प्राधिकरण प्रमाण पत्र लेने के निर्देश दिए गए है। 20 अप्रैल तक प्रमाध पत्र नहीं लेने वाली सभी इकाइयों के पंजीयन निरस्त कर दिए जाएंगे।
- डॉ. प्रताप सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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ललितपुर। नर्सिंग होम, क्लीनिक व पेथोलॉजी लैब संचालक प्रदूषण प्रमाण पत्र लेने में रुचि नहीं ले रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए एक नर्सिंग होम व दो पैथोलॉजी लैब का पंजीयन निरस्त कर दिया है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा नर्सिंग होम, क्लीनिक, पैथोलॉजी लैब संचालकों को इकाईयों के नाम से प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण लेने के निर्देश दिए थे। इसमें नर्सिंग होम व सभी इकाइयों को मानक के अनुसार मेडिकल बायोवेस्ट का निस्तारण करने की व्यवस्था की गई है। लेकिन, अब तक केवल चार अस्पतालों ने ही प्रमाण लिया है। जबकि, सभी इकाइयां खुले में मेडिकल बायोवेस्ट फेंक रहीं है। इससे आम लोगों को संक्रामक बीमारियां हो सकतीं है। मेडिकल कचरा को खुले में रखने से स्वस्थ लोग भी बीमारी के चपेट में आ सकते हैं। ऐसे में कोई गंभीर बीमारियां होने के कारण मरीज की मृत्यु भी हो सकती है। सीएमओ ने सख्त रुख अपनाते हुए इकाइयों के पंजीयन निरस्त करने के निर्देश दिए। इस पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए बुधवार को एक नर्सिंग होम सहित दो पैथोलॉजी लैब के पंजीयन निरस्त कर दिए हैं।
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यह हैं मानक
नर्सिंग होम में मेडिकल बायोवेस्ट (कचरा) के निस्तारण के लिए बंद कमरा होना चाहिए। इस कमरे में एक टाइल्स लगा हुआ गड्ढा होना चाहिए। इस कमरे में लगे ताले की केवल दो ही चाबी होंगी। एक बायोवेस्ट कचरा उठाने वाले के पास व दूसरी इकाई के मालिक के पास होनी चाहिए। कचरा के लिए तीन कलर की पॉलीथीन होनी चाहिए, ताकि पट्टी, बैंडेज, दवाइयों और इंजेक्शन को अलग-अलग रखा जा सके। इनमें अलग-अलग कचरा डाला जाएगा। नर्सिंग होम व पैथोलॉजी लैब, क्लीनिक के कर्मचारियों को एप्रिन पहनने व इंजेक्शन को खोलने के लिए अप कटर साथ में होना चाहिए।
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प्रमाण पत्र में रुचि न लेने पर पंजीयन निरस्त
प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड से प्रदूषण लेने में रुचि न दिखाने के कारण स्वास्थ्य विभाग ने तीन इकाइयों के पंजीयन निरस्त कर दिए गए है। इनमें जिला अस्पताल के सामने स्थित जय मां काली पैथोलॉजी व पुराने ब्लाक रोड पर बार स्थित दिव्य पैथोलॉजी का पंजीयन निरस्त कर दिया गया है। सेठ श्यामाचरण मेमोरियल हॉस्पिटल सदन शाह का पंजीयन भी निरस्त कर दिया गया है।
इस तरह करना होगा आवेदन
नर्सिंग होम, पैथोलॉजी व क्लीनिक संचालकों को 15 सौ रुपये का बैंक ड्राप्ट रीजनल ऑफीसर उत्तर प्रदेश पाल्यूशन कंट्रोल बोर्ड झांसी के नाम बनवाकर आवेदन करना होगा। इसके बाद इकाई की जांच की जाएगी। यहां से प्रमाण पत्र मिलने पर क्षेत्रीय कार्यालय उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड झांसी में आवेदन करना होगा। जिस पर इकाई के मानकों की जांच होगी। जांच में सही पाए जाने पर प्रमाण पत्र दिया जाएगा।
इनका हुआ पंजीयन
जिला अस्पताल पुरुष व जिला महिला अस्पताल, निजी नर्सिंग होम में केके जैन व चिगलौआ पावर प्लांट स्थित हेल्थ केयर सेंटर ने प्रमाण पत्र ले लिया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में संचालित 23 नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व मुुख्यालय पर स्थित दो अरबन हेल्थ सेंटर नेहरूनगर व गोविंद नगर, टीवी क्लीनिक के साथ ही सीएससी महरौनी ने आवेदन किया है।
जिले में संचालित सभी नर्सिंग होम, क्लीनिक व पैथोलॉजी लैब संचालकों को प्राधिकरण प्रमाण पत्र लेने के निर्देश दिए गए है। 20 अप्रैल तक प्रमाध पत्र नहीं लेने वाली सभी इकाइयों के पंजीयन निरस्त कर दिए जाएंगे।
- डॉ. प्रताप सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी