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रेलवे स्टेशन पर बढेंगे सीसीटीवी कैमरे-Lalitpur
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रेलवे स्टेशन पर बढ़ेंगे सीसीटीवी कैमरे
झांसी। रेलवे स्टेशन पर चप्पे-चप्पे की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे और बढ़ाए जाएंगे। आरपीएफ जल्द ही इसका प्रस्ताव संबंधित विभाग को भेजेगी। अभी स्टेशन पर 54 कैमरों से निगरानी हो रही है।
रेलवे स्टेशन परिसर के अंदर, बाहर और आसपास हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए जून 2016 में हाई क्वालिटी के 54 कैमरे लगाए गए। इंटीग्रेटिड सिक्योरिटी सिस्टम के तहत नई दिल्ली स्थित एक कंपनी ने रेलवे परिसर, पार्सल, बुकिंग हॉल, आरक्षण हॉल, सभी प्लेटफार्म, मुख्य द्वार, मुख्य हॉल और वेतन कार्यालय में लगाए हैं। इन कैमरों की निगरानी के लिए पार्सल कार्यालय के पास एकीकृत सुरक्षा प्रणाली कंट्रोलरूम भी बनाया गया है कंट्रोल रूम में चौबीस घंटे आरपीएफ के दो कर्मचारियों की ड्यूटी रहती हैं, जो कैमरों में कैद होने वाली गतिविधि पर नजर रखते हैं। कैमरों की मदद से पटरियों को पार करने, गंदगी फैलाने वालों व प्लेटफार्म पर अपना सामान छोड़कर जाने वालों पर भी निगरानी रखी जाती है। मगर अभी भी स्टेशन के कई स्थान ऐसे हैं जहां कैमरों से निगरानी नहीं हो रही है। इससे कई बार जांच में परेशानी होती है। इस समस्या से निजात पाने के लिए आरपीएफ ने कैमरों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया है।
इस संबंध में आरपीएफ कमांडेंट सारिका मोहन ने बताया कि निर्भया फंड के तहत कैमरों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके लिए एसएनटी (सिगनल एंड टेलीकॉम) विभाग के पास प्रस्ताव भेजा जा रहा है।
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जल्दी-जल्दी खराब हो जाते हैं कैमरे
मरम्मत न होने से कैमरे लगातार खराब हो रहे हैं। अभी 54 में तीन कैमरे खराब चल रहे हैं। कैमरे कंपनी के अनुबंध दायरे में हैं। इसके तहत कंपनी को ही इनकी मरम्मत करनी है, लेकिन इसकी न तो कंपनी को चिंता है और न ही रेलवे को।
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झांसी। रेलवे स्टेशन पर चप्पे-चप्पे की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे और बढ़ाए जाएंगे। आरपीएफ जल्द ही इसका प्रस्ताव संबंधित विभाग को भेजेगी। अभी स्टेशन पर 54 कैमरों से निगरानी हो रही है।
रेलवे स्टेशन परिसर के अंदर, बाहर और आसपास हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए जून 2016 में हाई क्वालिटी के 54 कैमरे लगाए गए। इंटीग्रेटिड सिक्योरिटी सिस्टम के तहत नई दिल्ली स्थित एक कंपनी ने रेलवे परिसर, पार्सल, बुकिंग हॉल, आरक्षण हॉल, सभी प्लेटफार्म, मुख्य द्वार, मुख्य हॉल और वेतन कार्यालय में लगाए हैं। इन कैमरों की निगरानी के लिए पार्सल कार्यालय के पास एकीकृत सुरक्षा प्रणाली कंट्रोलरूम भी बनाया गया है कंट्रोल रूम में चौबीस घंटे आरपीएफ के दो कर्मचारियों की ड्यूटी रहती हैं, जो कैमरों में कैद होने वाली गतिविधि पर नजर रखते हैं। कैमरों की मदद से पटरियों को पार करने, गंदगी फैलाने वालों व प्लेटफार्म पर अपना सामान छोड़कर जाने वालों पर भी निगरानी रखी जाती है। मगर अभी भी स्टेशन के कई स्थान ऐसे हैं जहां कैमरों से निगरानी नहीं हो रही है। इससे कई बार जांच में परेशानी होती है। इस समस्या से निजात पाने के लिए आरपीएफ ने कैमरों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया है।
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इस संबंध में आरपीएफ कमांडेंट सारिका मोहन ने बताया कि निर्भया फंड के तहत कैमरों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके लिए एसएनटी (सिगनल एंड टेलीकॉम) विभाग के पास प्रस्ताव भेजा जा रहा है।
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जल्दी-जल्दी खराब हो जाते हैं कैमरे
मरम्मत न होने से कैमरे लगातार खराब हो रहे हैं। अभी 54 में तीन कैमरे खराब चल रहे हैं। कैमरे कंपनी के अनुबंध दायरे में हैं। इसके तहत कंपनी को ही इनकी मरम्मत करनी है, लेकिन इसकी न तो कंपनी को चिंता है और न ही रेलवे को।