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दीवारें कांपी, दरवाजे हिले, प्रशासन के होंठ सिले
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दीवारें कांपी, दरवाजे हिले, प्रशासन के होंठ सिले
झांसी। मंगलवार को लगातार तीसरे दिन धमाकों की तेज आवाज के साथ धरती में कंपन महसूस किया गया। दोपहर में कुछ मिनटों के अंतराल में एक के बाद एक कई धमाके हुए और हर बार धरती कांपी। भूकंप की आशंका से लोग सिहर उठे। लोग परेशान हैं, वे जानना चाहते हैं आखिर ऐसा क्यों हो रहा है और कब तक चलेगा। लेकिन, उन्हें कोई माकूल जवाब नहीं मिल पा रहा है।
रविवार से लगातार धमाकों की तेज आवाज के साथ धरती में कंपन महसूस किया जा रहा है। दोपहर में बारह से दो बजे के बीच यह घटनाक्रम रोज घट रहा है। दरवाजे-खिड़कियां हिलने लगते हैं। इसके साथ ही लोगों का मन कांप जाता है। खासतौर पर इसका असर शहर के आसपास की खुली आबादी वाले इलाकों में ज्यादा देखने को मिलता है। भूकंप की आशंका से ग्रसित होकर लोग घर से बाहर खुले में आ जाते हैं। कंपन थमने के बाद ही वे घर में प्रवेश करते हैं। कारण जानने के लिए पुलिस को फोन करते हैं और प्रशासन से संपर्क करते हैं, लेकिन कहीं से भी उन्हें जवाब नहीं मिल पाता है। कोई स्पष्ट कारण भी नहीं बता पा रहा है। समाधान तो दूर की बात है।
तमाम लोगों का मानना है कि फील्ड फायरिंग रेंज में सेना की किसी गतिविधि के चलते यह स्थिति बन रही है। लेकिन, सेना और प्रशासन का इससे साफ इंकार है। इस संबंध में जिलाधिकारी शिवसहाय अवस्थी ने बताया कि संभावना है कि मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले में खदानों में ब्लास्टिंग हो रही है। इससे ये कंपन हो रहा है। निवाड़ी जिलाधिकारी से रिपोर्ट मांगी गई है। इसके बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
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वहीं, लोगों का कहना है कि शहर के आसपास पत्थर की कई खदानें हैं, जहां नियमित रूप से पत्थर तोड़ने के लिए ब्लास्टिंग की जाती है, लेकिन ऐसी स्थिति कभी नहीं बनती।
एक साल बार फिर से
पिछले साल चार, पांच और छह फरवरी को भी धमाके की तेज आवाजों के साथ कंपन महसूस किया गया। कुछ घरों में दरारें तक आ गईं थीं। एक साल बाद फिर से यही हो रहा है। तब भी प्रशासन की ओर से इसका कोई कारण स्पष्ट नहीं कर पाया था। अब भी यही स्थिति है।
स्कूल में बच्चों को पढ़ा रहा था। तभी धमाके की आवाज के साथ कंपन हुआ। दरवाजे हिलने लगे। लगा कि भूकंप आया। बच्चे घबरा गए और मैं भी परेशान हो गया। ये रोजाना हो रहा है। अनहोनी का भय बना रहता है। लोगों को पता चलना चाहिए कि आखिर ये हो क्या रहा है।
- रसकेंद्र गौतम, शिवपुरी रोड
धमाकों की तेज आवाज के साथ धरती में कंपन होने पर लगा भूकंप आया। घर के सभी लोग बाहर आ गए। रोज यही घटनाक्रम घट रहा है। धमाके की आवाज के साथ मन भी कांप जाता है। लेकिन, आश्चर्य की बात है कि वैज्ञानिक युग में इसका अब तक पता भी नहीं लगाया जा सका है।
- जूही देशमानकर, स्वामीपुरम कॉलोनी
मैं दोपहर में ऑफिस में था। उसी समय कंपन महसूस हुआ। पहले इसे नजरअंदाज कर दिया। लेकिन, लगातार कई बार ऐसा होने पर मन घबरा गया। सबसे पहले घर पर फोन किया और हालचाल जाना, तब तसल्ली मिली। प्रशासन को इस स्थिति को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, जनता परेशान है।
- मनोज अग्रवाल, मिशन कंपाउंड
पिछले साल धमाकों की आवाज के साथ कंपन हुआ था। लेकिन, एक साल बाद भी इसका कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। अब फिर से वही सब घट रहा है। अगर पिछले साल ही इसकी जांच कर कारण स्पष्ट कर दिया गया होता, तो लोग भयभीत और परेशान तो न होते।
- पवन पचौरी, बड़ागांव गेट बाहर
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झांसी। मंगलवार को लगातार तीसरे दिन धमाकों की तेज आवाज के साथ धरती में कंपन महसूस किया गया। दोपहर में कुछ मिनटों के अंतराल में एक के बाद एक कई धमाके हुए और हर बार धरती कांपी। भूकंप की आशंका से लोग सिहर उठे। लोग परेशान हैं, वे जानना चाहते हैं आखिर ऐसा क्यों हो रहा है और कब तक चलेगा। लेकिन, उन्हें कोई माकूल जवाब नहीं मिल पा रहा है।
रविवार से लगातार धमाकों की तेज आवाज के साथ धरती में कंपन महसूस किया जा रहा है। दोपहर में बारह से दो बजे के बीच यह घटनाक्रम रोज घट रहा है। दरवाजे-खिड़कियां हिलने लगते हैं। इसके साथ ही लोगों का मन कांप जाता है। खासतौर पर इसका असर शहर के आसपास की खुली आबादी वाले इलाकों में ज्यादा देखने को मिलता है। भूकंप की आशंका से ग्रसित होकर लोग घर से बाहर खुले में आ जाते हैं। कंपन थमने के बाद ही वे घर में प्रवेश करते हैं। कारण जानने के लिए पुलिस को फोन करते हैं और प्रशासन से संपर्क करते हैं, लेकिन कहीं से भी उन्हें जवाब नहीं मिल पाता है। कोई स्पष्ट कारण भी नहीं बता पा रहा है। समाधान तो दूर की बात है।
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तमाम लोगों का मानना है कि फील्ड फायरिंग रेंज में सेना की किसी गतिविधि के चलते यह स्थिति बन रही है। लेकिन, सेना और प्रशासन का इससे साफ इंकार है। इस संबंध में जिलाधिकारी शिवसहाय अवस्थी ने बताया कि संभावना है कि मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले में खदानों में ब्लास्टिंग हो रही है। इससे ये कंपन हो रहा है। निवाड़ी जिलाधिकारी से रिपोर्ट मांगी गई है। इसके बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
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वहीं, लोगों का कहना है कि शहर के आसपास पत्थर की कई खदानें हैं, जहां नियमित रूप से पत्थर तोड़ने के लिए ब्लास्टिंग की जाती है, लेकिन ऐसी स्थिति कभी नहीं बनती।
एक साल बार फिर से
पिछले साल चार, पांच और छह फरवरी को भी धमाके की तेज आवाजों के साथ कंपन महसूस किया गया। कुछ घरों में दरारें तक आ गईं थीं। एक साल बाद फिर से यही हो रहा है। तब भी प्रशासन की ओर से इसका कोई कारण स्पष्ट नहीं कर पाया था। अब भी यही स्थिति है।
स्कूल में बच्चों को पढ़ा रहा था। तभी धमाके की आवाज के साथ कंपन हुआ। दरवाजे हिलने लगे। लगा कि भूकंप आया। बच्चे घबरा गए और मैं भी परेशान हो गया। ये रोजाना हो रहा है। अनहोनी का भय बना रहता है। लोगों को पता चलना चाहिए कि आखिर ये हो क्या रहा है।
- रसकेंद्र गौतम, शिवपुरी रोड
धमाकों की तेज आवाज के साथ धरती में कंपन होने पर लगा भूकंप आया। घर के सभी लोग बाहर आ गए। रोज यही घटनाक्रम घट रहा है। धमाके की आवाज के साथ मन भी कांप जाता है। लेकिन, आश्चर्य की बात है कि वैज्ञानिक युग में इसका अब तक पता भी नहीं लगाया जा सका है।
- जूही देशमानकर, स्वामीपुरम कॉलोनी
मैं दोपहर में ऑफिस में था। उसी समय कंपन महसूस हुआ। पहले इसे नजरअंदाज कर दिया। लेकिन, लगातार कई बार ऐसा होने पर मन घबरा गया। सबसे पहले घर पर फोन किया और हालचाल जाना, तब तसल्ली मिली। प्रशासन को इस स्थिति को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, जनता परेशान है।
- मनोज अग्रवाल, मिशन कंपाउंड
पिछले साल धमाकों की आवाज के साथ कंपन हुआ था। लेकिन, एक साल बाद भी इसका कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। अब फिर से वही सब घट रहा है। अगर पिछले साल ही इसकी जांच कर कारण स्पष्ट कर दिया गया होता, तो लोग भयभीत और परेशान तो न होते।
- पवन पचौरी, बड़ागांव गेट बाहर