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अप्रैल में इंसास से लैस होंगे होमगार्ड के जवान
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अप्रैल में इंसास से लैस होंगे होमगार्ड के जवान
झांसी। जिले के होमगार्ड जवान अप्रैल से इंसास राइफल से लैस किए जाएंगे। इसके लिए नए सत्र में होमगार्ड के जवानों को ट्रेनिंग देने की तैयारी है। पूर्व में होमगार्ड के 13 जवानों को लखनऊ स्थित मुख्यालय पर इंसास राइफल चलाने का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। वर्तमान में होमगार्ड के जवान थ्री नोट थ्री राइफल के साथ ड्यूटी कर रहे हैं।
वर्तमान समय में जिले में 1380 होमगार्ड के जवान हैं, इनमें से 72 महिलाएं हैं। होमगार्ड के पास अभी सिर्फ 200 थ्री नाट थ्री राइफल हैं। ड्यूटी के समय होमगार्ड के जवानों को थ्री नॉट थ्री राइफल के साथ ही ड्यूटी करनी पड़ रही है लेकिन जल्द ही होमगार्ड के जवानों को इंसास राइफल से लैस किया जाएगा। इसके लिए होमगार्ड के 13 हवलदारों को इंसास राइफल चलाने की ट्रेनिंग दी जा चुकी है। जिला होमगार्ड कमांडेंट अजय कुमार सिंह ने बताया कि अभी होमगार्ड के जवान थ्री नॉट थ्री राइफल के साथ ही ड्यूटी कर रहे हैं। नये सत्र के शुरू होते ही जिले के सभी होमगार्ड के जवानों को इंसास राइफल की जानकारी व चलाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
क्या है इंसास राइफल
इंडियन स्मॉल आर्मी सिस्टम आइएनएसएएस (इंसास) राइफल का कैलीवर 5.56 एमएम है। वजन 4.15 किलोग्राम (बिना मैगजीन) व लंबाई 37.8 इंच और बैरल की लंबाई 18.3 इंच है। मारक क्षमता 400 मीटर व 600 मीटर प्वाइंट लक्ष्य है। इस राइफल का प्रदर्शन सर्व प्रथम 1998 की गणतंत्र दिवस की परेड में किया गया था। वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध के समय में इस राइफल का नाम काफी प्रकाश में आया था। हालांकि, इस रायफल का उत्पादन 1997 में ही शुरू हो गया था। हल्की व रिक्वायल एनर्जी कम होने के कारण इस राइफल की हैंडलिंग और फायरिंग आसान है।
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झांसी। जिले के होमगार्ड जवान अप्रैल से इंसास राइफल से लैस किए जाएंगे। इसके लिए नए सत्र में होमगार्ड के जवानों को ट्रेनिंग देने की तैयारी है। पूर्व में होमगार्ड के 13 जवानों को लखनऊ स्थित मुख्यालय पर इंसास राइफल चलाने का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। वर्तमान में होमगार्ड के जवान थ्री नोट थ्री राइफल के साथ ड्यूटी कर रहे हैं।
वर्तमान समय में जिले में 1380 होमगार्ड के जवान हैं, इनमें से 72 महिलाएं हैं। होमगार्ड के पास अभी सिर्फ 200 थ्री नाट थ्री राइफल हैं। ड्यूटी के समय होमगार्ड के जवानों को थ्री नॉट थ्री राइफल के साथ ही ड्यूटी करनी पड़ रही है लेकिन जल्द ही होमगार्ड के जवानों को इंसास राइफल से लैस किया जाएगा। इसके लिए होमगार्ड के 13 हवलदारों को इंसास राइफल चलाने की ट्रेनिंग दी जा चुकी है। जिला होमगार्ड कमांडेंट अजय कुमार सिंह ने बताया कि अभी होमगार्ड के जवान थ्री नॉट थ्री राइफल के साथ ही ड्यूटी कर रहे हैं। नये सत्र के शुरू होते ही जिले के सभी होमगार्ड के जवानों को इंसास राइफल की जानकारी व चलाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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क्या है इंसास राइफल
इंडियन स्मॉल आर्मी सिस्टम आइएनएसएएस (इंसास) राइफल का कैलीवर 5.56 एमएम है। वजन 4.15 किलोग्राम (बिना मैगजीन) व लंबाई 37.8 इंच और बैरल की लंबाई 18.3 इंच है। मारक क्षमता 400 मीटर व 600 मीटर प्वाइंट लक्ष्य है। इस राइफल का प्रदर्शन सर्व प्रथम 1998 की गणतंत्र दिवस की परेड में किया गया था। वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध के समय में इस राइफल का नाम काफी प्रकाश में आया था। हालांकि, इस रायफल का उत्पादन 1997 में ही शुरू हो गया था। हल्की व रिक्वायल एनर्जी कम होने के कारण इस राइफल की हैंडलिंग और फायरिंग आसान है।
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