{"_id":"5b1550a64f1c1bb0318b512e","slug":"201528123558-jhansi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्लास्टिक के दुष्प्रभाव बताए -City","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्लास्टिक के दुष्प्रभाव बताए -City
Updated Mon, 04 Jun 2018 08:15 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो..
प्लास्टिक के दुष्प्रभाव बताए
- बीयू शिक्षकों, छात्रों ने इसका उपयोग न करने की अपील की
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय परिसर में संचालित पर्यावरण एवं विकास संस्थान के शिक्षकों और विद्यार्थियों द्वारा नारायण बाग, कालीचरण वर्मा पार्क और रेलवे स्टेशन पर नागरिकों को प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के बारे में बताया गया। साथ ही प्लास्टिक व इससे बनी वस्तुओं का उपयोग न करने की अपील की गई।
संस्थान के समन्वयक डॉ. अभिमन्यु सिंह ने बताया कि प्लास्टिक प्रदूषण का प्रमुख कारण प्लास्टिक का अधिक सस्ता होना और ज्यादा उपयोग किया जाना है। प्लास्टिक आसानी से विघटित भी नहीं होती है और भूमि को प्रदूषित करती है। सामान्यतया हम लोग प्लास्टिक की बोतलें और पॉलीथिन बैग को एक बार प्रयोग करने के बाद फेंक देते हैं। बरसात होने पर सड़क पर पड़ा प्लास्टिक का कचरा बहकर जलाशयों एवं नालियों में पहुंचता है। फिर पानी में आकर खतरनाक रसायनों का निर्माण कर जल को प्रदूषित कर देता है। डॉ. स्मृति त्रिपाठी, डॉ. विनीत सिंह, सौभाग्य सिंह, धीरेंद्र सिंह चौहान मौजूद रहे।
विज्ञापन
प्लास्टिक के दुष्प्रभाव बताए
- बीयू शिक्षकों, छात्रों ने इसका उपयोग न करने की अपील की
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय परिसर में संचालित पर्यावरण एवं विकास संस्थान के शिक्षकों और विद्यार्थियों द्वारा नारायण बाग, कालीचरण वर्मा पार्क और रेलवे स्टेशन पर नागरिकों को प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के बारे में बताया गया। साथ ही प्लास्टिक व इससे बनी वस्तुओं का उपयोग न करने की अपील की गई।
संस्थान के समन्वयक डॉ. अभिमन्यु सिंह ने बताया कि प्लास्टिक प्रदूषण का प्रमुख कारण प्लास्टिक का अधिक सस्ता होना और ज्यादा उपयोग किया जाना है। प्लास्टिक आसानी से विघटित भी नहीं होती है और भूमि को प्रदूषित करती है। सामान्यतया हम लोग प्लास्टिक की बोतलें और पॉलीथिन बैग को एक बार प्रयोग करने के बाद फेंक देते हैं। बरसात होने पर सड़क पर पड़ा प्लास्टिक का कचरा बहकर जलाशयों एवं नालियों में पहुंचता है। फिर पानी में आकर खतरनाक रसायनों का निर्माण कर जल को प्रदूषित कर देता है। डॉ. स्मृति त्रिपाठी, डॉ. विनीत सिंह, सौभाग्य सिंह, धीरेंद्र सिंह चौहान मौजूद रहे।
विज्ञापन