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शुद्ध पेयजल के लिए 2.21 करोड़ खर्च, नतीजा सिफर
झांसी / ब्यूरो
Updated Fri, 07 Aug 2015 11:00 PM IST
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जल निगम अफसरों की अनदेखी के कारण रक्सा पेयजल योजना से घर-घर पानी नहीं पहुंच पा रहा है। इतना ही नहीं जल शोधन के बाद भी नलों में गंदा पानी आ रहा है। इस कारण लोग पीने के लिए पानी का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं।
2.21 करोड़ रुपये की लागत वाली समूह ग्राम रक्सा पेयजल योजना का काम दो माह पूर्व पूरा हो चुका है। योजना के तहत रक्सा, डेली, ढिमरपुरा, अठौंदना, पाली पहाड़ी, सिजवाहा गांवों में पानी पहुंचाने का काम किया जा रहा है। सिमरधा बांध पर जल शोधन केंद्र बनाया गया है। यहां से रक्सा में नई टंकी का निर्माण कराया गया है। सिमरधा बांध से नई टंकी तक पानी लाया जाता है। तत्पश्चात टंकी से उक्त क्षेत्रों में जलापूर्ति की जा रही है। क्षेत्र में व्याप्त जल संकट को देखते हुए जल निगम ने आनन-फानन सप्लाई तो शुरू कर दी, मगर इसके बाद से योजना का लाभ सभी लोगों को मिल रहा है कि नहीं कोई ध्यान देने वाला नहीं है।
रक्सा निवासी शिवकरण की मानें तो रक्सा स्थित ठकरास मुहल्ला, राम मंदिर के नीचे ललयाना मुहल्ला, श्रीवास व अथाई मुहल्ले में पाइप लाइन होने के बाद भी आज तक एक बूंद पानी नहीं पहुंच सका है। जिन मुहल्लों में पानी आ रहा है, उन क्षेत्रों में भी आधे घंटे से अधिक जलापूर्ति नहीं होती है। जल शोधन ठीक से न होने के कारण नलों में गंदा पानी आ रहा है, जिससे लोग उसका उपयोग पीने के लिए नहीं कर पा रहे हैं। इस संबंध में जल निगम के अधिशासी अभियंता एपी यादव ने बताया कि जल शोधन के बाद ही जलापूर्ति दी जा रही है। अगर गंदा पानी आ रहा है तो उसकी जांच कराई जाएगी। पाइप लाइन चोक होने के कारण कई गलियों में पानी नहीं पहुंच रहा है। जल्द ही ऐसी सभी गलियों की पाइप लाइनों का साफ कराया जाएगा।
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मालूम हो कि महानगर से दस किलोमीटर दूर स्थित गांव रक्सा ड्राई (सूखा) क्षेत्र है। रक्सा में करीब बीस हजार की आबादी है। यहां का जलस्तर बहुत नीचा होने के कारण क्षेत्रवासियों को साल भर जल संकट का सामना करना पड़ता है। यहां गर्मियों में तो दयनीय होती है, इसके अलावा आम दिनों में भी लोगों को पानी खरीद कर पीना पड़ता है।
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2.21 करोड़ रुपये की लागत वाली समूह ग्राम रक्सा पेयजल योजना का काम दो माह पूर्व पूरा हो चुका है। योजना के तहत रक्सा, डेली, ढिमरपुरा, अठौंदना, पाली पहाड़ी, सिजवाहा गांवों में पानी पहुंचाने का काम किया जा रहा है। सिमरधा बांध पर जल शोधन केंद्र बनाया गया है। यहां से रक्सा में नई टंकी का निर्माण कराया गया है। सिमरधा बांध से नई टंकी तक पानी लाया जाता है। तत्पश्चात टंकी से उक्त क्षेत्रों में जलापूर्ति की जा रही है। क्षेत्र में व्याप्त जल संकट को देखते हुए जल निगम ने आनन-फानन सप्लाई तो शुरू कर दी, मगर इसके बाद से योजना का लाभ सभी लोगों को मिल रहा है कि नहीं कोई ध्यान देने वाला नहीं है।
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रक्सा निवासी शिवकरण की मानें तो रक्सा स्थित ठकरास मुहल्ला, राम मंदिर के नीचे ललयाना मुहल्ला, श्रीवास व अथाई मुहल्ले में पाइप लाइन होने के बाद भी आज तक एक बूंद पानी नहीं पहुंच सका है। जिन मुहल्लों में पानी आ रहा है, उन क्षेत्रों में भी आधे घंटे से अधिक जलापूर्ति नहीं होती है। जल शोधन ठीक से न होने के कारण नलों में गंदा पानी आ रहा है, जिससे लोग उसका उपयोग पीने के लिए नहीं कर पा रहे हैं। इस संबंध में जल निगम के अधिशासी अभियंता एपी यादव ने बताया कि जल शोधन के बाद ही जलापूर्ति दी जा रही है। अगर गंदा पानी आ रहा है तो उसकी जांच कराई जाएगी। पाइप लाइन चोक होने के कारण कई गलियों में पानी नहीं पहुंच रहा है। जल्द ही ऐसी सभी गलियों की पाइप लाइनों का साफ कराया जाएगा।
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मालूम हो कि महानगर से दस किलोमीटर दूर स्थित गांव रक्सा ड्राई (सूखा) क्षेत्र है। रक्सा में करीब बीस हजार की आबादी है। यहां का जलस्तर बहुत नीचा होने के कारण क्षेत्रवासियों को साल भर जल संकट का सामना करना पड़ता है। यहां गर्मियों में तो दयनीय होती है, इसके अलावा आम दिनों में भी लोगों को पानी खरीद कर पीना पड़ता है।