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24 मीटर से कम सड़क पर बने विवाह घर होंगे बंद-City
Updated Thu, 13 Jul 2017 07:43 PM IST
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फोटो
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कैप्शन - विवाह घरों के संबंध में अफसरों को निर्देश देते जिलाधिकारी कर्ण सिंह चौहान।
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24 मीटर से कम चौड़ी सड़क पर बने विवाहघर होंगे बंद
सब हेड: किसी ने बुकिंग कराई तो स्वयं होंगे जिम्मेदार, डीएम ने दिए सील करने के निर्देश
क्रासर
जेडीए के अफसरों को कहा, मकान का नक्शा 90 दिन में पास करें
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
अगर आने वाली सहालग में आपके घर में किसी की शादी है और आप विवाहघर की बुकिंग करने जा रहे हैं तो यह जरूर देखें कि उसके सामने की सड़क 24 मीटर चौड़ी है या नहीं। जिलाधिकारी कर्ण सिंह चौहान ने जेडीए की बैठक में साफ कर दिया है कि इससे कम चौड़ी सड़क पर बने सभी विवाहघर सील किए जाएंगे। ऐसे में मानक विहीन विवाहघर की बुकिंग कराने पर आपके रंग में भंग पड़ जाएगा। डीएम ने जेडीए अफसरों को निर्देश दिए कि मकान बनाने के लिए आने वाले नक्शे 90 दिन में पास कर दें।
बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी/ जेडीए उपाध्यक्ष ने मकान के नक्शा से संबंधित शिकायतों और नोटिस की सुनवाई की। 12 प्रकरणों की सुनवाई करते हुए उन्होंने कहा कि जो कमियां हैं, उन्हें आवेदनकर्ता तत्काल दूर कर दें, ताकि मकान का नक्शा स्वीकृत किया जा सके। उन्होंने कहा कि यदि किसी ने मकान का नक्शा स्वीकृत करने का आवेदन किया है और 90 दिन में उसे स्वीकृत नहीं किया जाता है, तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी नक्शा को पास करने में दिक्कत आ रही है अथवा कागजों की कमी है तो उसे निरस्त कर दिया जाए, ताकि लोगों को बिना वजह विभाग के चक्कर न लगाने पड़ें। नक्शा स्वीकृत होने के बाद मकान का निर्माण नक्शा के विपरीत किया जाता है तो शमन शुल्क जरूर लगाया जाए।
इस अवसर पर जेडीए सचिव सीपी तिवारी, एसडीएम सदर पूनम निगम, सहायक अभियंता सोमेश, अवर अभियंता रवींद्र गुप्ता, प्रमोद कुमार पटैरिया, शोभाराम शर्मा, मोहन यादव उपस्थित रहे।
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200 से अधिक विवाहघर
शहर में दो सौ से अधिक विवाह घर हैं। लेकिन, ज्यादातर विवाह घर बिना मानक के बने हैं। मोटा मुनाफा कमाने के चक्कर में गली-कूचों में भी विवाह घर धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं। स्थिति यह है कि विवाह घर के बाहर इतनी भी जगह नहीं है कि गाड़ी पार्क की जा सके अथवा गाड़ी सही तरीके से मोड़ी जा सके। इन विवाह घरों के नक्शे भी जेडीए से स्वीकृत नहीं हैं। पूर्व में कई बार विवाहघरों के बाहर पार्किंग नहीं होने की शिकायत जेडीए में की जाती रही है, लेकिन कभी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
जानिए जेडीए की गाइड लाइन
जेडीए द्वारा 2008 में लागू की गाइड लाइन के अनुसार विवाहघर बनाने के लिए सबसे बड़ी शर्त है कि जिस सड़क पर विवाह घर बना है, उसकी चौड़ाई कम से कम 24 मीटर होनी चाहिए। लेकिन, पैसा कमाने के चक्कर में छोटी-छोटी गलियों में उत्सव घर खोल दिए गए हैं। नियम है कि विवाहघर का फ्रंट (सामने वाला हिस्सा) कम से कम 24 मीटर चौड़ी सड़क पर होना चाहिए, जबकि यहां दस फुट फ्रंट वाले भी विवाहघर अच्छी खासी तादाद में चल रहे हैं। किसी भी विवाहघर का क्षेत्रफल 1,500 वर्ग मीटर से कम नहीं होना चाहिए। इसके विपरीत शहर में दो कमरे और छोटे से मैदान वाले विवाहघर हैं, जहां ओपन स्पेश के नाम पर 1,500 वर्ग फुट की छत का इस्तेमाल किया जाता है।
न पार्किंग, न एनओसी
जेडीए के नियमानुसार प्रत्येक 100 वर्गमीटर क्षेत्रफल पर 2.0 समान कार स्थल की व्यवस्था करना अनिवार्य है। यानी प्रत्येक 100 वर्ग मीटर में दो-दो वर्ग मीटर स्थल कार पार्किंग जरूरी है। जिस हिसाब से विवाह घर का क्षेत्रफल बढ़ता जाएगा, उसी हिसाब से पार्किंग की व्यवस्था अनिवार्य है। लेकिन, अधिकांश विवाहघर बिना पार्किंग के ही पैसा कमा करे हैं। विवाह घर में फायर ब्रिगेड व प्रदूषण विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र अनिवार्य है, लेकिन शायद ही किसी विवाहघर में प्रदूषण विभाग का प्रमाण पत्र मिलेगा।
‘अमर उजाला’ ने चलाया था अभियान
‘अमर उजाला’ ने जनता की समस्या से जुड़ी इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था व 25 नवंबर से लगातार आठ दिन तक विवाह घरों की मनमानी के खिलाफ अभियान चलाया था। अभियान के दौरान बताया गया था कि किस तरह स्कूल संचालक मनमाने तरीके से पैसा कमाने के लिए स्कूलों को विवाह घर बना रहे हैं। गली-कूचों में विवाह घर संचालित हो रहे हैं। इन विवाह घरों में न तो पार्किंग स्थल है और न ही सुरक्षा के कोई उपाय हैं।
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कैप्शन - विवाह घरों के संबंध में अफसरों को निर्देश देते जिलाधिकारी कर्ण सिंह चौहान।
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24 मीटर से कम चौड़ी सड़क पर बने विवाहघर होंगे बंद
सब हेड: किसी ने बुकिंग कराई तो स्वयं होंगे जिम्मेदार, डीएम ने दिए सील करने के निर्देश
क्रासर
जेडीए के अफसरों को कहा, मकान का नक्शा 90 दिन में पास करें
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
अगर आने वाली सहालग में आपके घर में किसी की शादी है और आप विवाहघर की बुकिंग करने जा रहे हैं तो यह जरूर देखें कि उसके सामने की सड़क 24 मीटर चौड़ी है या नहीं। जिलाधिकारी कर्ण सिंह चौहान ने जेडीए की बैठक में साफ कर दिया है कि इससे कम चौड़ी सड़क पर बने सभी विवाहघर सील किए जाएंगे। ऐसे में मानक विहीन विवाहघर की बुकिंग कराने पर आपके रंग में भंग पड़ जाएगा। डीएम ने जेडीए अफसरों को निर्देश दिए कि मकान बनाने के लिए आने वाले नक्शे 90 दिन में पास कर दें।
बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी/ जेडीए उपाध्यक्ष ने मकान के नक्शा से संबंधित शिकायतों और नोटिस की सुनवाई की। 12 प्रकरणों की सुनवाई करते हुए उन्होंने कहा कि जो कमियां हैं, उन्हें आवेदनकर्ता तत्काल दूर कर दें, ताकि मकान का नक्शा स्वीकृत किया जा सके। उन्होंने कहा कि यदि किसी ने मकान का नक्शा स्वीकृत करने का आवेदन किया है और 90 दिन में उसे स्वीकृत नहीं किया जाता है, तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी नक्शा को पास करने में दिक्कत आ रही है अथवा कागजों की कमी है तो उसे निरस्त कर दिया जाए, ताकि लोगों को बिना वजह विभाग के चक्कर न लगाने पड़ें। नक्शा स्वीकृत होने के बाद मकान का निर्माण नक्शा के विपरीत किया जाता है तो शमन शुल्क जरूर लगाया जाए।
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इस अवसर पर जेडीए सचिव सीपी तिवारी, एसडीएम सदर पूनम निगम, सहायक अभियंता सोमेश, अवर अभियंता रवींद्र गुप्ता, प्रमोद कुमार पटैरिया, शोभाराम शर्मा, मोहन यादव उपस्थित रहे।
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200 से अधिक विवाहघर
शहर में दो सौ से अधिक विवाह घर हैं। लेकिन, ज्यादातर विवाह घर बिना मानक के बने हैं। मोटा मुनाफा कमाने के चक्कर में गली-कूचों में भी विवाह घर धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं। स्थिति यह है कि विवाह घर के बाहर इतनी भी जगह नहीं है कि गाड़ी पार्क की जा सके अथवा गाड़ी सही तरीके से मोड़ी जा सके। इन विवाह घरों के नक्शे भी जेडीए से स्वीकृत नहीं हैं। पूर्व में कई बार विवाहघरों के बाहर पार्किंग नहीं होने की शिकायत जेडीए में की जाती रही है, लेकिन कभी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
जानिए जेडीए की गाइड लाइन
जेडीए द्वारा 2008 में लागू की गाइड लाइन के अनुसार विवाहघर बनाने के लिए सबसे बड़ी शर्त है कि जिस सड़क पर विवाह घर बना है, उसकी चौड़ाई कम से कम 24 मीटर होनी चाहिए। लेकिन, पैसा कमाने के चक्कर में छोटी-छोटी गलियों में उत्सव घर खोल दिए गए हैं। नियम है कि विवाहघर का फ्रंट (सामने वाला हिस्सा) कम से कम 24 मीटर चौड़ी सड़क पर होना चाहिए, जबकि यहां दस फुट फ्रंट वाले भी विवाहघर अच्छी खासी तादाद में चल रहे हैं। किसी भी विवाहघर का क्षेत्रफल 1,500 वर्ग मीटर से कम नहीं होना चाहिए। इसके विपरीत शहर में दो कमरे और छोटे से मैदान वाले विवाहघर हैं, जहां ओपन स्पेश के नाम पर 1,500 वर्ग फुट की छत का इस्तेमाल किया जाता है।
न पार्किंग, न एनओसी
जेडीए के नियमानुसार प्रत्येक 100 वर्गमीटर क्षेत्रफल पर 2.0 समान कार स्थल की व्यवस्था करना अनिवार्य है। यानी प्रत्येक 100 वर्ग मीटर में दो-दो वर्ग मीटर स्थल कार पार्किंग जरूरी है। जिस हिसाब से विवाह घर का क्षेत्रफल बढ़ता जाएगा, उसी हिसाब से पार्किंग की व्यवस्था अनिवार्य है। लेकिन, अधिकांश विवाहघर बिना पार्किंग के ही पैसा कमा करे हैं। विवाह घर में फायर ब्रिगेड व प्रदूषण विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र अनिवार्य है, लेकिन शायद ही किसी विवाहघर में प्रदूषण विभाग का प्रमाण पत्र मिलेगा।
‘अमर उजाला’ ने चलाया था अभियान
‘अमर उजाला’ ने जनता की समस्या से जुड़ी इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था व 25 नवंबर से लगातार आठ दिन तक विवाह घरों की मनमानी के खिलाफ अभियान चलाया था। अभियान के दौरान बताया गया था कि किस तरह स्कूल संचालक मनमाने तरीके से पैसा कमाने के लिए स्कूलों को विवाह घर बना रहे हैं। गली-कूचों में विवाह घर संचालित हो रहे हैं। इन विवाह घरों में न तो पार्किंग स्थल है और न ही सुरक्षा के कोई उपाय हैं।