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जैसा पैसा, वैसा दूध
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जैसा पैसा, वैसा दूध
झांसी। खाद्य सुरक्षा विभाग की मोबाइल लैब ने महानगर के अलग-अलग क्षेत्रों में दूध और मसालों की जांच की। दूध के अधिकांश नमूनों में पानी की मिलावट मिली। कुछेक के दूध में तो आधा पानी मिला। जब दूध बेचने वालों से पूछा गया कि पानी क्यों मिलाते हो, तो जवाब था कि जो जैसा पैसा देता है, उसे वैसा दूध देते हैं। दूध की जांच में पानी के अलावा अन्य कोई हानिकारक तत्व नहीं मिले। लैब में 63 नमूनों की जांच हुई।
प्रदेश सरकार द्वारा दूध और मसालों में मिलावट की जांच करने के लिए ‘फूड सेफ्टी ऑन व्हील’ भेजी गई है। इस मोबाइल लैब ने रविवार को इलाइट चौराहा, सीपरी बाजार, आजाद गंज, शिवाजी नगर, नंदनपुरा, सरयू बिहार व रिसाला चुंगी में दूध, खोवा, सरसों का तेल, पिसी हल्दी, मिर्च और दालों में मिलावट की जांच की। 63 नमूनों में से आधे से अधिक दूध की जांच की गई। इसमें से अधिकांश में पानी की मिलावट पाई गई। कुछ लोगों का दूध शुद्ध पाया गया, जबकि किसी के दूध में आधे से अधिक पानी मिला।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने जब दूध वालों से कहा कि शुद्ध बेचो व ग्राहकों पर अपना भरोसा बढ़ाओ तो उनका कहना था कि जो जैसे पैसे देता है, उसे वैसा ही दूध देते हैं। उन्होंने बताया कि कोई 30 रुपये लीटर तो कोई 40 रुपये लीटर से ज्यादा पैसे नहीं देता है। चिकचिक करने से तो अच्छा है कि पानी मिलाकर दे दो। ग्राहक भी जानता है कि दूध शुद्ध नहीं है लेकिन जो दाम वह दे रहा है उससे उसे संतोष है। सरसों का तेल, पिसी हल्दी, मिर्च और दालों में कोई मिलावट नहीं पाई गई।
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इस मौके पर अभिहित अधिकारी राजेश द्विवेदी, खाद्य विश्लेषक अजय गुप्ता, विनोद सिंह, अजय कुमार, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी रवींद्र सिंह परमार, खाद्य सुरक्षा अधिकारी आजाद कुमार, दिव्या त्रिपाठी, उपमा यादव, विजय बहादुर पटेल, कपिल गुप्ता, खाद्य सहायक भंवर सिंह मौजूद रहे। मोबाइल लैब 18 फरवरी को महानगर के राजगढ़ के अलावा जिले के अलग-अलग कस्बों चिरगांव, मोंठ, एरच और गुरसराय में खाद्य पदार्थों की जांच करेगी।
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झांसी। खाद्य सुरक्षा विभाग की मोबाइल लैब ने महानगर के अलग-अलग क्षेत्रों में दूध और मसालों की जांच की। दूध के अधिकांश नमूनों में पानी की मिलावट मिली। कुछेक के दूध में तो आधा पानी मिला। जब दूध बेचने वालों से पूछा गया कि पानी क्यों मिलाते हो, तो जवाब था कि जो जैसा पैसा देता है, उसे वैसा दूध देते हैं। दूध की जांच में पानी के अलावा अन्य कोई हानिकारक तत्व नहीं मिले। लैब में 63 नमूनों की जांच हुई।
प्रदेश सरकार द्वारा दूध और मसालों में मिलावट की जांच करने के लिए ‘फूड सेफ्टी ऑन व्हील’ भेजी गई है। इस मोबाइल लैब ने रविवार को इलाइट चौराहा, सीपरी बाजार, आजाद गंज, शिवाजी नगर, नंदनपुरा, सरयू बिहार व रिसाला चुंगी में दूध, खोवा, सरसों का तेल, पिसी हल्दी, मिर्च और दालों में मिलावट की जांच की। 63 नमूनों में से आधे से अधिक दूध की जांच की गई। इसमें से अधिकांश में पानी की मिलावट पाई गई। कुछ लोगों का दूध शुद्ध पाया गया, जबकि किसी के दूध में आधे से अधिक पानी मिला।
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खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने जब दूध वालों से कहा कि शुद्ध बेचो व ग्राहकों पर अपना भरोसा बढ़ाओ तो उनका कहना था कि जो जैसे पैसे देता है, उसे वैसा ही दूध देते हैं। उन्होंने बताया कि कोई 30 रुपये लीटर तो कोई 40 रुपये लीटर से ज्यादा पैसे नहीं देता है। चिकचिक करने से तो अच्छा है कि पानी मिलाकर दे दो। ग्राहक भी जानता है कि दूध शुद्ध नहीं है लेकिन जो दाम वह दे रहा है उससे उसे संतोष है। सरसों का तेल, पिसी हल्दी, मिर्च और दालों में कोई मिलावट नहीं पाई गई।
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इस मौके पर अभिहित अधिकारी राजेश द्विवेदी, खाद्य विश्लेषक अजय गुप्ता, विनोद सिंह, अजय कुमार, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी रवींद्र सिंह परमार, खाद्य सुरक्षा अधिकारी आजाद कुमार, दिव्या त्रिपाठी, उपमा यादव, विजय बहादुर पटेल, कपिल गुप्ता, खाद्य सहायक भंवर सिंह मौजूद रहे। मोबाइल लैब 18 फरवरी को महानगर के राजगढ़ के अलावा जिले के अलग-अलग कस्बों चिरगांव, मोंठ, एरच और गुरसराय में खाद्य पदार्थों की जांच करेगी।