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बदल सकता स्वर्ण पदक का हकदार-City
Updated Sun, 02 Sep 2018 06:48 AM IST
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बदल सकता स्वर्ण पदक का हकदार
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के स्वर्ण पदक का हकदार बदल सकता है। बीयू के ही एमएससी एग्रीकल्चर एग्रोनॉमी के एक छात्र ने सभी परीक्षाओं में सर्वाधिक प्राप्तांक होने का दावा करते हुए स्वर्ण पदक पर हक जताया है। अब बीयू की कमेटी एक-दो दिन में ही इस प्रकरण में फैसला ले सकती है।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय का 23 वां दीक्षांत समारोह 20 सितंबर को होना है। समारोह के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने पिछले सप्ताह पदक सूची तैयार कर ली थी। सभी परीक्षाओं में सर्वाधिक 86.89 प्रतिशत अंक प्रतिशत के लिए यूनिवर्सिटी की बायोमेडिकल साइंस विभाग की छात्रा साक्षी नायक का नाम स्वर्ण पदक के लिए तय किया गया। इसके अलावा सभी परीक्षाओं में छात्राओं में सर्वाधिक प्रतिशत अंक के लिए साक्षी को रजत और बीएससी ऑनर्स की परीक्षाओं में सर्वाधिक अंक लाने पर कांस्य पदक के लिए भी साक्षी के नाम की घोषणा हुई। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्र-छात्राओं से 31 अगस्त तक आपत्तियां मांगीं। निर्धारित तिथि तक तीन विद्यार्थियों ने आपत्तियां दर्ज कराई हैं। बीयू के ही एमएससी एग्रीकल्चर एग्रोनॉमी के छात्र गिरिराज सिंह ने 87.26 प्रतिशत अंक होने का उल्लेख करते हुए स्वर्ण पदक पर दावा किया है।
बताया गया कि सूचना के अधिकार के तहत कॉपी निकलवाने के बाद गिरिराज के साक्षी से कुछ फीसदी अंक बढ़ गए हैं। इसके अलावा बीयू की एमएससी फूड साइंस एंड टेक्नोलॉजी की छात्रा उजमा सिद्दीकी ने एमएससी की परीक्षाओं में सर्वाधिक प्राप्तांक प्रतिशत के लिए मिलने वाले रजत पदक पर दावा किया है। अभी बीयू की एमएससी वनस्पति विज्ञान की छात्रा मिनाली सिंह को 84.48 फीसदी अंक लाने पर यह पदक तय किया गया था। ग्रीवांस सेल में आवेदन करने के बाद उजमा के कुछ फीसदी अंक बढ़े हैं। अब उसके भी 84.48 फीसदी अंक हो गए हैं। दावा सही मिलने पर मिनाली व उजमा दोनों को रजत पदक मिलेगा। एक आपत्ति नाम संशोधन की आई है। एमए की सभी परीक्षाओं में सर्वाधिक प्राप्तांक प्रतिशत के लिए रजत पदक की दावेदार अंशिका जैन का सूची में नाम अंसिका छप गया था। इसको सुधारने की उसने मांग की है। अब एक-दो दिन में तीनों आपत्तियां कमेटी के सामने रखी जाएंगी। जांच पड़ताल के बाद कमेटी अंतिम फैसला लेगी।
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झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के स्वर्ण पदक का हकदार बदल सकता है। बीयू के ही एमएससी एग्रीकल्चर एग्रोनॉमी के एक छात्र ने सभी परीक्षाओं में सर्वाधिक प्राप्तांक होने का दावा करते हुए स्वर्ण पदक पर हक जताया है। अब बीयू की कमेटी एक-दो दिन में ही इस प्रकरण में फैसला ले सकती है।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय का 23 वां दीक्षांत समारोह 20 सितंबर को होना है। समारोह के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने पिछले सप्ताह पदक सूची तैयार कर ली थी। सभी परीक्षाओं में सर्वाधिक 86.89 प्रतिशत अंक प्रतिशत के लिए यूनिवर्सिटी की बायोमेडिकल साइंस विभाग की छात्रा साक्षी नायक का नाम स्वर्ण पदक के लिए तय किया गया। इसके अलावा सभी परीक्षाओं में छात्राओं में सर्वाधिक प्रतिशत अंक के लिए साक्षी को रजत और बीएससी ऑनर्स की परीक्षाओं में सर्वाधिक अंक लाने पर कांस्य पदक के लिए भी साक्षी के नाम की घोषणा हुई। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्र-छात्राओं से 31 अगस्त तक आपत्तियां मांगीं। निर्धारित तिथि तक तीन विद्यार्थियों ने आपत्तियां दर्ज कराई हैं। बीयू के ही एमएससी एग्रीकल्चर एग्रोनॉमी के छात्र गिरिराज सिंह ने 87.26 प्रतिशत अंक होने का उल्लेख करते हुए स्वर्ण पदक पर दावा किया है।
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बताया गया कि सूचना के अधिकार के तहत कॉपी निकलवाने के बाद गिरिराज के साक्षी से कुछ फीसदी अंक बढ़ गए हैं। इसके अलावा बीयू की एमएससी फूड साइंस एंड टेक्नोलॉजी की छात्रा उजमा सिद्दीकी ने एमएससी की परीक्षाओं में सर्वाधिक प्राप्तांक प्रतिशत के लिए मिलने वाले रजत पदक पर दावा किया है। अभी बीयू की एमएससी वनस्पति विज्ञान की छात्रा मिनाली सिंह को 84.48 फीसदी अंक लाने पर यह पदक तय किया गया था। ग्रीवांस सेल में आवेदन करने के बाद उजमा के कुछ फीसदी अंक बढ़े हैं। अब उसके भी 84.48 फीसदी अंक हो गए हैं। दावा सही मिलने पर मिनाली व उजमा दोनों को रजत पदक मिलेगा। एक आपत्ति नाम संशोधन की आई है। एमए की सभी परीक्षाओं में सर्वाधिक प्राप्तांक प्रतिशत के लिए रजत पदक की दावेदार अंशिका जैन का सूची में नाम अंसिका छप गया था। इसको सुधारने की उसने मांग की है। अब एक-दो दिन में तीनों आपत्तियां कमेटी के सामने रखी जाएंगी। जांच पड़ताल के बाद कमेटी अंतिम फैसला लेगी।
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