फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   कब्जा धारक पुलिसकर्मियों के खाली होंगे क्वार्टर

कब्जा धारक पुलिसकर्मियों के खाली होंगे क्वार्टर

Fri, 15 Mar 2019 02:54 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 15 Mar 2019 02:54 AM IST
विज्ञापन
कब्जा धारक पुलिसकर्मियों के खाली होंगे क्वार्टर
कब्जा धारक पुलिसकर्मियों के खाली होंगे क्वार्टर
विज्ञापन

झांसी। पुलिस लाइन के क्वार्टरोें में जबरन कब्जा किए पुलिसकर्मियों पर बड़ी कार्र्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है। ऐसे 67 पुलिसकर्मियों को क्वार्टर खाली करने के लिए दस दिन के नोटिस भेजे जा रहे हैं। इसके बाद क्वार्टर खाली न करने वाले पुलिसकर्मियोें का सामान बाहर निकाल दिया जाएगा।
जिले में तैनात रहे कई पुलिसकर्मी स्थानांतरण अन्य जिलों में हो जाने के बाद भी सरकारी आवास खाली नहीं कर रहे हैं। उनके स्थान पर दूसरे जिलों से आए पुलिस कर्मचारियों को आवास में भारी दिक्क्त हो रही है। एसएसपी डॉ. ओपी सिंह ने करीब सौ से अधिक पुलिसकर्मियों को नोटिस भेजकर आवास खाली करने के निर्देश दिए थे। कइयों ने तो आवास खाली कर दिए, लेकिन 67 पुलिसकर्मी ऐसे हैं, जो अधिकारियाें के आदेशों की लगातार अवहेलना कर रहे हैं। एसएसपी डॉॅ. ओपी सिंह के निर्देश पर सभी को क्वार्टर स्वयं खाली करने के लिए दस दिन का नोटिस भेजा गया है। इसके लिए एक टीम भी गठित कर दी है। दस दिन के भीतर जो अपना सामान हटाकर क्वार्टर खाली नहीं करेगा, ऐसे पुलिसकर्मियों का सामान बाहर निकाल कर जबरन क्वार्टर खाली कराया जाएगा। सभी कब्जाधारी पुलिसकर्मियों की रिपोर्ट भी तैयार कर ली गई है। इसके साथ ही सभी पर विभागीय कार्रवाई की भी तैयारी की जा रही है।
विज्ञापन

बनवाए हैं आलीशान मकान
शासन के नियमों के अनुसार कार्यक्षेत्र वाले जिले में जिन पुलिसकर्मियों के निजी आवास बने हैं, उन्हें आवास आवंटित नहीं हो सकता है। शासकीय आवास में निवास करते हुए अगर वह अपना मकान बनाता है तो विभाग को जानकारी देनी होती है। ऐसी स्थिति में भी आवास छोड़ना होता है। इस तरह के नियम को पुलिस विभाग में ताक पर रख दिया गया है। कई पुलिस कर्मियों के आलीशान मकान बने हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

कौन जमा करे बिल ?
आवासों में अवैध रूप से रहने वाले कई पुलिसकर्मी आवासों में लगे बिजली और पानी के बिल तक जमा नहीं करते। वर्दी के रौब में बिजली कनेक्शन आसानी से नहीं काटे जाते। अगर इनके मीटर कनेक्शन काट भी दिए जाते हैं तो फिर से अवैध रूप से जोड़ लिए जाते हैं। कई बार बिजली विभाग के छापे में यह देखने को भी मिला है। जबकि, आम आदमी को बिजली और पानी के कनेक्शन में कई पापड़ बेलने पड़ते हैं। नियमानुसार ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों पर बकाया बिल की राशि का भुगतान उनके वेतन से काटकर कराया जाना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed