{"_id":"5ccf4227bdec22077c355778","slug":"131557086759-jhansi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"त्रिस्तरीय घेरे में लॉक है प्रत्याशियों की किस्मत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
त्रिस्तरीय घेरे में लॉक है प्रत्याशियों की किस्मत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्ट्रांग रूम के आसपास परिंदा भी नहीं मार सकता पर
झांसी। झांसी-ललितपुर लोकसभा सीट पर किस्मत आजमा रहे सभी प्रत्याशियों की किस्मत त्रिस्तरीय सुरक्षा घेेरे में लॉक है। यहां सुरक्षा के इतने कड़े प्रबंध किए गए हैं कि परिंदा भी पर नहीं मार सकता है। अधिकारियों को भी इंट्री दर्ज करने के बाद ही स्ट्रांग रूम के अंदर जाने दिया जा रहा है। चारो तरफ सीसीटीवी कैमरे लगाकर पल - पल की मॉनीटरिंग की जा रही है।
मतदान के बाद ईवीएम को त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरे मेें रखा गया है। भोजला मंडी परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए हैं। स्ट्रांम रूम की सुरक्षा अर्द्धसैनिक बल के हाथों में है। सुरक्षा के लिहाज से पुलिसकर्मियों को भी अंदर जाने की इजाजत नहीं दी गई है। अंदर आने जाने वाले अधिकारियों की इंट्री रजिस्टर मेें दर्ज की जा रही है। पहले घेरे में अर्द्धसैैनिक बल की एक कंपनी तैनात की गई है, जबकि दूसरे घेरे में एक प्लाटून पीएसी तैनात है। बाहरी घेरे में एक दर्जन से अधिक पुलिसकर्मियोें की नजर है, जिनकी कमान कई निरीक्षकों के हाथों में है। वहीं प्रत्याशी व उनके समर्थक भी स्ट्रांग रूम के बाहर सुरक्षा का जायजा भी ले रहे हैं।
अभी मतणगना होने में 17 दिन बाकी होने के कारण चुनाव आयोग ने ईवीएम की सुरक्षा के लिए सख्त निर्देश दिए हैं। सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेकर हर दिन रिटर्निंग अधिकारी सुबह और शाम स्ट्रांग रूम का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट जिला निर्वाचन अधिकारी को भी दे रहे हैं। जहां बाद में यह रिपोर्ट रोजाना आयोग को भेजी जा रही है। आयोग के निर्देश के बाद स्ट्रांग रूम में चौबीस घंटे बिजली और आग से बचाव के इंतजाम भी प्रशासन ने किए हैं।
विज्ञापन
इस तरह बना सुरक्षा घेरा
- हर स्ट्रांग रूम के प्रथम घेरे में अर्द्धसैनिक बल के जवान चौबीस घंटे मुस्तैद हैं।
- अंदरूनी सुरक्षा से आगे दूसरे घेरे में भी पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं।
- तीसरा और सबसे बाहरी घेरा जिले की पुलिस फोर्स का लगाया गया है।
- किसी अधिकृत व्यक्ति के दूसरे सुरक्षा घेरे के अंदर प्रवेश करने पर हो रही वीडियोग्राफी।
- किसी भी व्यक्ति के स्ट्रांग रूम में आने पर उसका पूरा ब्योरा दर्ज कराया जा रहा है।
- प्रत्याशी या उनके एजेंट भी सीसीटीवी के जरिए स्ट्रांग रूम की मानीटरिंग कर रहे।
मतगणना होने तक स्ट्रांग रूम को कड़ेे सुरक्षा घेरे में तब्दील कर दिया गया है। पूरा परिसर सीसीटीवी कैमरे में लैस है। स्ट्रांग रूम में पुलिसकर्मियों को भी जाने की इजाजत नहीं है। सुरक्षा की कमान अर्द्धसैैनिक बल के हवाले है। सुरक्षा के लिए नोडल अधिकारी मतगणना तक निगरानी करेंगे। डॉ. ओपी सिंह, एसएसपी
विज्ञापन
झांसी। झांसी-ललितपुर लोकसभा सीट पर किस्मत आजमा रहे सभी प्रत्याशियों की किस्मत त्रिस्तरीय सुरक्षा घेेरे में लॉक है। यहां सुरक्षा के इतने कड़े प्रबंध किए गए हैं कि परिंदा भी पर नहीं मार सकता है। अधिकारियों को भी इंट्री दर्ज करने के बाद ही स्ट्रांग रूम के अंदर जाने दिया जा रहा है। चारो तरफ सीसीटीवी कैमरे लगाकर पल - पल की मॉनीटरिंग की जा रही है।
मतदान के बाद ईवीएम को त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरे मेें रखा गया है। भोजला मंडी परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए हैं। स्ट्रांम रूम की सुरक्षा अर्द्धसैनिक बल के हाथों में है। सुरक्षा के लिहाज से पुलिसकर्मियों को भी अंदर जाने की इजाजत नहीं दी गई है। अंदर आने जाने वाले अधिकारियों की इंट्री रजिस्टर मेें दर्ज की जा रही है। पहले घेरे में अर्द्धसैैनिक बल की एक कंपनी तैनात की गई है, जबकि दूसरे घेरे में एक प्लाटून पीएसी तैनात है। बाहरी घेरे में एक दर्जन से अधिक पुलिसकर्मियोें की नजर है, जिनकी कमान कई निरीक्षकों के हाथों में है। वहीं प्रत्याशी व उनके समर्थक भी स्ट्रांग रूम के बाहर सुरक्षा का जायजा भी ले रहे हैं।
विज्ञापन
अभी मतणगना होने में 17 दिन बाकी होने के कारण चुनाव आयोग ने ईवीएम की सुरक्षा के लिए सख्त निर्देश दिए हैं। सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेकर हर दिन रिटर्निंग अधिकारी सुबह और शाम स्ट्रांग रूम का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट जिला निर्वाचन अधिकारी को भी दे रहे हैं। जहां बाद में यह रिपोर्ट रोजाना आयोग को भेजी जा रही है। आयोग के निर्देश के बाद स्ट्रांग रूम में चौबीस घंटे बिजली और आग से बचाव के इंतजाम भी प्रशासन ने किए हैं।
विज्ञापन
इस तरह बना सुरक्षा घेरा
- हर स्ट्रांग रूम के प्रथम घेरे में अर्द्धसैनिक बल के जवान चौबीस घंटे मुस्तैद हैं।
- अंदरूनी सुरक्षा से आगे दूसरे घेरे में भी पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं।
- तीसरा और सबसे बाहरी घेरा जिले की पुलिस फोर्स का लगाया गया है।
- किसी अधिकृत व्यक्ति के दूसरे सुरक्षा घेरे के अंदर प्रवेश करने पर हो रही वीडियोग्राफी।
- किसी भी व्यक्ति के स्ट्रांग रूम में आने पर उसका पूरा ब्योरा दर्ज कराया जा रहा है।
- प्रत्याशी या उनके एजेंट भी सीसीटीवी के जरिए स्ट्रांग रूम की मानीटरिंग कर रहे।
मतगणना होने तक स्ट्रांग रूम को कड़ेे सुरक्षा घेरे में तब्दील कर दिया गया है। पूरा परिसर सीसीटीवी कैमरे में लैस है। स्ट्रांग रूम में पुलिसकर्मियों को भी जाने की इजाजत नहीं है। सुरक्षा की कमान अर्द्धसैैनिक बल के हवाले है। सुरक्षा के लिए नोडल अधिकारी मतगणना तक निगरानी करेंगे। डॉ. ओपी सिंह, एसएसपी