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महाशिव रात्रि-City
Updated Sun, 11 Feb 2018 08:52 PM IST
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दूल्हा बनेंगे भोलेनाथ, धूमधाम से निकलेगी बारात
शिवरात्रि 14 को, 13 को होगा महादेव का हल्दी से उबटन
श्रद्धालु रखेंगे व्रत, करेंगे रुद्री पाठ और अनुष्ठान
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
भूतभावन भगवान भोलेनाथ 14 फरवरी को दूल्हा के रूप में सजाए जाएंगे। शिवरात्रि के मौके पर महादेव के भक्त उनकी बारात निकालेंगे। इससे पूर्व 13 फरवरी को उनका हल्दी से उबटन किया जाएगा। श्रद्धालु व्रत रखेंगे और अनुष्ठान, रुद्री पाठ आदि करेंगे।
महानगर के शिवालयों में महाशिवरात्रि 14 फरवरी को मनाई जाएगी। इस दिन विभिन्न स्थानों से शिव बारातें निकाली जाएगी। दूल्हा स्वरूप में महादेव भक्तों को निहाल करेंगे। पर्व पर आयोजित अनुष्ठान, पूजा एवं अन्य धार्मिक कार्यक्रमों तैयारियां श्रद्धालु तेजी से कर रहे हैं। शिव मंदिरों को रंगरोगन कर उन्हें बिजली की रंगबिरंगी झालरों से सजाया जा रहा है। शिवभक्तों को जलाभिषेक, श्रृंगार, अभिषेक, महाआरती और रात्रि प्रहर पूजन में कोई दिक्कत नहीं आए। इसके लिए मंदिर के सेवादारों द्वारा व्यापक रूप से तैयारियां की जा रही है।
किला पर लगेगा मेला
किले के शंकर गढ़ क्षेत्र में भगवान शिव का प्राचीन मंदिर है, जो बुंदेला और मराठा वास्तु शैली में बना है। मुख्य गुंबद के चारों ओर लघु गुंबद है। गर्भगृह में शिवलिंग है। यह मंदिर झांसी नगर के प्रथम सूबेदार नारोशंकर ने कराया था। मंदिर में शिव के दर्शन को हर वर्ष शिवरात्रि पर लाखों श्रद्धालु उमड़ते है। ऐसे में किला के आस पास विशाल मेला लगता है। मंदिर के कपाट सुबह 4 बजे से खुल जाएंगे। ताकि लोग जलाभिषेक, श्रृंगार और अभिषेक कर सके। इधर पानी वाली धर्मशाला स्थित हजारिया महादेव मंदिर में सुबह 4 बजे से कपाट खुल जाएंगे। पंडित रज्जन पंडा ने बताया कि दिन में दोपहर 3 बजे से श्रृंगार और रात में 7 बजे महा आरती होगी।
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बुधवार को तीन बार होगी महाआरती
नगर के प्रमुख शिवालयों में एक है मढ़िया महादेव क ा मंदिर। पुजारी रामेश्वर प्रसाद उपाध्याय के मुताबिक मंदिर में 13 फरवरी की समाप्ति के बाद मध्य रात्रि एक बजे महा रुद्राभिषेक प्रारंभ होगा। जो सुबह 8 बजे तक चलेगा। इसके बाद महाआरती, शाम 7:30 बजे महाआरती और 14 फरवरी की मध्य रात्रि महा आरती होगी। मढ़िया महादेव मंदिर के चारों को 23 छोटे-बडे़ मंदिरों की श्रृंखला है, जो गोसाईंयों के बने है।
रात के चार पहर के अनुष्ठान में हो शामिल
बड़ागांव गेट बाहर स्थित राजा बाबा महाकालेश्वर मंदिर में 13 फरवरी को भगवान भोले का हल्दी उबटन होगा। श्री महा कालेश्वर राजा बाबा सेवा समिति के महामंत्री अजीत राय ने बताया कि यह उबटन दोपहर 12 बजे से होगा। इसके बाद 14 फरवरी को सुबह पांच बजे मंगला आरती, अभिषेक, दोपहर 12 बजे शिव बारात का नगर भ्रमण, रात आठ बजे विवाह की रस्में होगी। इसके बाद रात के चारों पहर में शिव अनुष्ठान होगा। इसमें पूजा सामग्री समिति की ओर से निशुल्क दिया जाएगा।
पूजन सामग्री
भगवान शिव की पूजा में शुद्ध जल, गंगा जल, केसर, इत्र, चावल, फूल, बेल पत्री, भांग, दूध, दही, शहद से बना पंचामृत, यज्ञोपवीत, मिठाई, मौसमी फल, बेर, बेलपत्री, कोरा पान, कपूर, सुपारी, इलायची, लौंग आदि है। पूजा विधि में श्रद्धालु जलाभिषेक कर दीप प्रज्वलित करे और स्वस्ति पाठ करें। इसके बाद पूजा विधि में मां पार्वती, गणेश, कार्तिकेय, सर्प, नंदी भी पूजा करे। सभी को वस्त्र चढ़ाए। सुगंध अर्पित करे। शिव रात्रि के चार पहर में पूजा का विशेष विधान रहता है।
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दूल्हा बनेंगे भोलेनाथ, धूमधाम से निकलेगी बारात
शिवरात्रि 14 को, 13 को होगा महादेव का हल्दी से उबटन
श्रद्धालु रखेंगे व्रत, करेंगे रुद्री पाठ और अनुष्ठान
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
भूतभावन भगवान भोलेनाथ 14 फरवरी को दूल्हा के रूप में सजाए जाएंगे। शिवरात्रि के मौके पर महादेव के भक्त उनकी बारात निकालेंगे। इससे पूर्व 13 फरवरी को उनका हल्दी से उबटन किया जाएगा। श्रद्धालु व्रत रखेंगे और अनुष्ठान, रुद्री पाठ आदि करेंगे।
महानगर के शिवालयों में महाशिवरात्रि 14 फरवरी को मनाई जाएगी। इस दिन विभिन्न स्थानों से शिव बारातें निकाली जाएगी। दूल्हा स्वरूप में महादेव भक्तों को निहाल करेंगे। पर्व पर आयोजित अनुष्ठान, पूजा एवं अन्य धार्मिक कार्यक्रमों तैयारियां श्रद्धालु तेजी से कर रहे हैं। शिव मंदिरों को रंगरोगन कर उन्हें बिजली की रंगबिरंगी झालरों से सजाया जा रहा है। शिवभक्तों को जलाभिषेक, श्रृंगार, अभिषेक, महाआरती और रात्रि प्रहर पूजन में कोई दिक्कत नहीं आए। इसके लिए मंदिर के सेवादारों द्वारा व्यापक रूप से तैयारियां की जा रही है।
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किला पर लगेगा मेला
किले के शंकर गढ़ क्षेत्र में भगवान शिव का प्राचीन मंदिर है, जो बुंदेला और मराठा वास्तु शैली में बना है। मुख्य गुंबद के चारों ओर लघु गुंबद है। गर्भगृह में शिवलिंग है। यह मंदिर झांसी नगर के प्रथम सूबेदार नारोशंकर ने कराया था। मंदिर में शिव के दर्शन को हर वर्ष शिवरात्रि पर लाखों श्रद्धालु उमड़ते है। ऐसे में किला के आस पास विशाल मेला लगता है। मंदिर के कपाट सुबह 4 बजे से खुल जाएंगे। ताकि लोग जलाभिषेक, श्रृंगार और अभिषेक कर सके। इधर पानी वाली धर्मशाला स्थित हजारिया महादेव मंदिर में सुबह 4 बजे से कपाट खुल जाएंगे। पंडित रज्जन पंडा ने बताया कि दिन में दोपहर 3 बजे से श्रृंगार और रात में 7 बजे महा आरती होगी।
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बुधवार को तीन बार होगी महाआरती
नगर के प्रमुख शिवालयों में एक है मढ़िया महादेव क ा मंदिर। पुजारी रामेश्वर प्रसाद उपाध्याय के मुताबिक मंदिर में 13 फरवरी की समाप्ति के बाद मध्य रात्रि एक बजे महा रुद्राभिषेक प्रारंभ होगा। जो सुबह 8 बजे तक चलेगा। इसके बाद महाआरती, शाम 7:30 बजे महाआरती और 14 फरवरी की मध्य रात्रि महा आरती होगी। मढ़िया महादेव मंदिर के चारों को 23 छोटे-बडे़ मंदिरों की श्रृंखला है, जो गोसाईंयों के बने है।
रात के चार पहर के अनुष्ठान में हो शामिल
बड़ागांव गेट बाहर स्थित राजा बाबा महाकालेश्वर मंदिर में 13 फरवरी को भगवान भोले का हल्दी उबटन होगा। श्री महा कालेश्वर राजा बाबा सेवा समिति के महामंत्री अजीत राय ने बताया कि यह उबटन दोपहर 12 बजे से होगा। इसके बाद 14 फरवरी को सुबह पांच बजे मंगला आरती, अभिषेक, दोपहर 12 बजे शिव बारात का नगर भ्रमण, रात आठ बजे विवाह की रस्में होगी। इसके बाद रात के चारों पहर में शिव अनुष्ठान होगा। इसमें पूजा सामग्री समिति की ओर से निशुल्क दिया जाएगा।
पूजन सामग्री
भगवान शिव की पूजा में शुद्ध जल, गंगा जल, केसर, इत्र, चावल, फूल, बेल पत्री, भांग, दूध, दही, शहद से बना पंचामृत, यज्ञोपवीत, मिठाई, मौसमी फल, बेर, बेलपत्री, कोरा पान, कपूर, सुपारी, इलायची, लौंग आदि है। पूजा विधि में श्रद्धालु जलाभिषेक कर दीप प्रज्वलित करे और स्वस्ति पाठ करें। इसके बाद पूजा विधि में मां पार्वती, गणेश, कार्तिकेय, सर्प, नंदी भी पूजा करे। सभी को वस्त्र चढ़ाए। सुगंध अर्पित करे। शिव रात्रि के चार पहर में पूजा का विशेष विधान रहता है।