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टैक्स: समाधान योजना वालों को 18 तक जमा करना है रिटर्न,,,-City

Thu, 05 Oct 2017 07:47 PM IST
Updated Thu, 05 Oct 2017 07:47 PM IST
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टैक्स: समाधान योजना वालों को 18 तक जमा करना है रिटर्न,,,-City
कारोबारियों को 18 तक दाखिल करना है रिटर्न
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- जीएसटी समाधान योजना : समरी रिटर्न भरने की तारीख 20 अक्तूबर

अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
जीएसटी में समाधान योजना लेने वाले व्यापारियों को अपना पहला त्रैमासिक रिटर्न 18 अक्तूबर तक जमा करना है। जबकि, अन्य पंजीकृत व्यापारियों के लिए समरी रिटर्न भरने की तिथि 20 अक्तूबर ही रहेगी।
गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) में कारोबारियों को महीने में चार तरीके से रिटर्न दाखिल करना है। महीने की पांच तारीख तक बिक्री (जीएसटीआर 1), 10 तक खरीद (जीएसटी 2) और 15 तक (जीएसटीआर 3 बी) टैक्स संबंधी ब्यौरा ऑनलाइन भरना है। 20 तारीख तक (जीएसटीआर 3) फॉर्म पर मुख्य रिटर्न जमा करना है। मगर, सर्वर की समस्या के चलते इन तिथियों को और आगे बढ़ा दिया गया है। कारोबारी को अब जुलाई महीने का बिक्री का ब्यौरा 10 अक्तूबर, खरीद का 31 अक्तूबर और मुख्य रिटर्न 10 नवंबर तक जमा करना है। हालांकि, जीएसटीआर 3 बी (समरी रिटर्न) 20 अक्तूबर तक ही जमा करना है।
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‘जीएसटी में समाधान योजना लेने वाले कारोबारियों को अपना पहला रिटर्न इसी महीने की 18 तारीख तक जमा करना है। जबकि, सितंबर माह के समरी रिटर्न को 20 तक जमा करना है। अभी अगस्त और सितंबर के बाकी रिटर्न भरने की तिथियां नहीं आई हैं।’
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एसएस मिश्रा, ज्वॉइंट कमिश्नर (कार्यपालक) वाणिज्यकर।


31 तक जीएसटी से बाहर हो सकते हैं व्यापारी
वैट में पांच लाख तक का वार्षिक टर्न-ओवर का कारोबार करने वाले व्यापारियों के लिए पंजीकरण कराना आवश्यक था। जबकि, जीएसटी में यह बाध्यता 20 लाख रुपये है। वैट में पंजीकृत अधिकांश व्यापारियों ने जीएसटी में भी पंजीयन ले लिया है। इनमें वे व्यापारी भी शामिल हैं, जिनका वार्षिक टर्न-ओवर 20 लाख से कम है। विभाग ने ऐसे व्यापारियों को जीएसटी से बाहर जाने के लिए 31 अक्तूबर का मौका दिया है। यह ऑप्शन जीएसटी की ऑनलाइन साइट पर आने लगा है।

ये भी ध्यान दें
- टैक्स का भुगतान इंटरनेट बैंकिंग, डेबिट क्रेडिट कार्ड, एईएफटी (नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर) अथवा आरटीजीएस (रियल टाइम ग्रॉस स्टेटमेंट) से होगा।
- सभी तरह के चालान ऑनलाइन ही जेनरेट (तैयार) होेंगे।
- बैंक एकाउंट से सिर्फ दस हजार तक की धनराशि जमा होगी, किंतु इसके लिए भी चालान ऑनलाइन जेनरेट होगा।
- 20 तारीख के बाद रिटर्न दाखिल करने पर टैक्स के साथ ही ब्याज जमा करना है।
- ब्याज का आकलन खुद करना है।
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