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आंगनबाड़ी को 28 को मिलेंगे स्मार्ट फोन
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झांसी। लाभार्थियों की संख्या अधिक दिखाकर ज्यादा पोषाहार आवंटित कराने का खेल जल्द खत्म हो जाएगा। पोषाहार मांग की ऑनलाइन फीडिंग होगी। इसके लिए जिले की आंगनबाड़ी को 1258 मोबाइल फोन दिए जाएंगे। आंगनबाड़ी द्वारा मोबाइल में फीड किए जाने वाले लाभार्थियों में शामिल महिला, किशोरी व बच्चों की संख्या का भी सत्यापन कराया जाएगा। 28 सितंबर को आंगनबाड़ी को स्मार्ट फोन बांटे जाएंगे।
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास विभाग ने हाल ही में पोषण ट्रैकर एप लांच किया है। इसी के क्रम में सभी राज्यों को निर्देश दिए गए कि सभी आंगनबाड़ी को स्मार्ट फोन उपलब्ध कराए जाएं, जिसमें यह एप हो। पोषाहार के तहत वितरित होने वाली सामग्री की इसमें फीडिंग की जाएगी। केंद्र सरकार एप पर होने वाली फीडिंग की सीधे निगरानी करेगी। जिला कार्यक्रम अधिकारी नरेंद्र सिंह ने बताया कि जिले की 1258 आंगनबाड़ी के लिए स्मार्ट मोबाइल फोन दिए जाएंगे। सभी को ट्रेनिंग दी जाएगी। उम्मीद है कि अगले महीने से पोषाहार के आवंटन की ऑनलाइन व्यवस्था शुरू हो जाएगी।
पहले लांच किया था कैस
केंद्र सरकार ने पहले पोषाहार की मॉनिटरिंग करने के लिए कॉमन एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर (कैस) लांच किया था। इसमें आंगनबाड़ी को कुपोषित बच्चों की पूरी जानकारी उपलब्ध करानी थी। इसके जरिए केंद्र सरकार जानना चाहती थी कि कुपोषित बच्चों को मिलने वाले पोषाहार का क्या लाभ हुआ है। हालांकि, अब इस सॉफ्टवेयर को बंद कर दिया गया है।
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आंगनबाड़ी का मानदेय बढ़ा
प्रदेश सरकार ने आंगनबाड़ी, मिनी आंगनबाड़ी और सहायिकाओं का मानदेय बढ़ा दिया है। बढ़ा मानदेय एक सितंबर से मिलेगा। प्रमुख सचिव बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार वी. हेकाली झिमोमी ने इससे संबंधित आदेश जारी कर दिया है। मुख्यमंत्री ने पिछले दिनों आंगनबाड़ी का मानदेय बढ़ाने की घोषणा की थी। अभी आंगनबाड़ी को प्रतिमाह 5500 रुपये की दर से मानदेय दिया जाता है, लेकिन इसे बढ़ाकर सात हजार रुपये कर दिया गया है। इसी प्रकार मिनी आंगनबाड़ी को मिल रहे 4250 रुपये मानदेय को बढ़ाकर 5500 रुपये और सहायिकाओं को मिल रहे 3250 मानदेय को बढ़ाकर चार हजार रुपये कर दिया गया है।
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केंद्रीय महिला एवं बाल विकास विभाग ने हाल ही में पोषण ट्रैकर एप लांच किया है। इसी के क्रम में सभी राज्यों को निर्देश दिए गए कि सभी आंगनबाड़ी को स्मार्ट फोन उपलब्ध कराए जाएं, जिसमें यह एप हो। पोषाहार के तहत वितरित होने वाली सामग्री की इसमें फीडिंग की जाएगी। केंद्र सरकार एप पर होने वाली फीडिंग की सीधे निगरानी करेगी। जिला कार्यक्रम अधिकारी नरेंद्र सिंह ने बताया कि जिले की 1258 आंगनबाड़ी के लिए स्मार्ट मोबाइल फोन दिए जाएंगे। सभी को ट्रेनिंग दी जाएगी। उम्मीद है कि अगले महीने से पोषाहार के आवंटन की ऑनलाइन व्यवस्था शुरू हो जाएगी।
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पहले लांच किया था कैस
केंद्र सरकार ने पहले पोषाहार की मॉनिटरिंग करने के लिए कॉमन एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर (कैस) लांच किया था। इसमें आंगनबाड़ी को कुपोषित बच्चों की पूरी जानकारी उपलब्ध करानी थी। इसके जरिए केंद्र सरकार जानना चाहती थी कि कुपोषित बच्चों को मिलने वाले पोषाहार का क्या लाभ हुआ है। हालांकि, अब इस सॉफ्टवेयर को बंद कर दिया गया है।
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आंगनबाड़ी का मानदेय बढ़ा
प्रदेश सरकार ने आंगनबाड़ी, मिनी आंगनबाड़ी और सहायिकाओं का मानदेय बढ़ा दिया है। बढ़ा मानदेय एक सितंबर से मिलेगा। प्रमुख सचिव बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार वी. हेकाली झिमोमी ने इससे संबंधित आदेश जारी कर दिया है। मुख्यमंत्री ने पिछले दिनों आंगनबाड़ी का मानदेय बढ़ाने की घोषणा की थी। अभी आंगनबाड़ी को प्रतिमाह 5500 रुपये की दर से मानदेय दिया जाता है, लेकिन इसे बढ़ाकर सात हजार रुपये कर दिया गया है। इसी प्रकार मिनी आंगनबाड़ी को मिल रहे 4250 रुपये मानदेय को बढ़ाकर 5500 रुपये और सहायिकाओं को मिल रहे 3250 मानदेय को बढ़ाकर चार हजार रुपये कर दिया गया है।