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सावधान! एटीएम के आसपास घूम रहे साइबर अपराधी
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सावधान! एटीएम के आसपास घूम रहे साइबर अपराधी
झांसी। एटीएम में यदि आप रुपये निकालने जा रहे हैं तो सतर्क हो जाएं। बाहर व अंदर खड़ी भीड़ में साइबर अपराधी आपको आसानी से शिकार बना सकते हैं। जो रुपये निकालते समय बड़ी ही चालाकी से या तो पासवर्ड देख लेते हैं या फिर बहाना बनाकर एटीएम बदल रहे हैं। इस सप्ताह भी इस तरह का एक मामला सामने आया है। जहां साइबर अपराधी ने एक वृद्ध का बड़ी चालाकी से पासवर्ड देख लिया। इसके बाद झांसा देकर एटीएम बदलकर 12 हजार रुपये भी निकाल गए। इस माह दो और लोग गिरोह का शिकार बन चुके हैं।
अलीगोल में रहने वाले वसीम फल मंडी में कार्यरत हैं। तीन दिन पहले वे खंडेराव गेट स्थित एक एटीएम से रुपये निकाल रहे थे। एटीएम ऑपरेट करते समय अचानक रुपये नहीं निकले। पास में ही खड़े एक व्यक्ति से मदद मांगी, जिसके बाद उसने चंद सेकेंड में ही एटीएम बदल दिया। अभी वे दूसरे एटीएम पहुुंचने वालेे थेे, तभी उनके खाते से साढ़े सात हजार रुपये निकल जाने का मेसेज आया। मेसेज देखकर वे घबरा गए, तत्काल बैंक से संपर्क कर जानकारी दी। जिसके बाद उनको ठगी का शिकार होने का अहसास हुआ, लेकिन जब तक काफी देर हो चुकी थी।
वसीम जैसे र्कई लोग इस गिरोह का शिकार हो चुके हैं। महानगर के अधिकांश एटीएम के पास साइबर अपराधी सक्रिय हैं। जो भीड़भाड़ वाले स्थान पर एटीएम से रुपये निकालने वालों पर नजर रखते हैं। एटीएम में प्रवेश करने से पहले वे एटीएम के इर्द - गिर्द खड़े होकर हर गतिविधि पर नजर रखते हैं। इसके बाद एटीएम ऑपरेट करते समय पासवर्ड देख लेते हैं और अंदर से बाहर आते समय धक्का या फिर चालाकी से दूसरा एटीएम बदलकर हाथ में थमा देते हैं। इसके बाद व्यक्ति के जाने के बाद दूसरेे एटीएम जाकर रकम निकाल रहे हैं। उनके निशाने पर वृद्घ से लेकर महिलाएं या फिर ग्रामीण लोग रहते हैं।
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एसएसपी डॉ. ओेपी सिंह ने बताया कि पुलिस साइबर क्राइम संबंधी मामलों की पड़ताल कर रही है। एटीएम से रुपये निकालते समय सावधानी बरतें। यदि कोई भी संदिग्ध व्यक्ति नजर आता है तत्काल पुलिस को सूचित करें।
एटीएम की करते हैं रैकी
एटीएम कार्ड बदलकर ठगी करने वाले ऐसे एटीएम बूथों को निशाना बनाते हैं, जहां भीड़भाड़ अधिक होती है। थोड़ा सा समय मिलते ही एटीएम मशीनों के बटन को डिस्टर्ब कर देते हैं। इसके बाद ग्राहक आने का इंतजार करते हैं। निशाना बनाने के बाद घटना को अंजाम देकर निकल जाते हैं।
यह बरतें सावधानी
- मशीन के अंदर किसी अंजान आदमी के सामने पासवर्ड न डालें
- यदि कोई मदद करने के लिए आगे आए तो सावधान हो जाएं
- किसी को भी अपना कार्ड उसके हाथ में न दें और पासवर्ड न बताएं
- मशीन से आपका ट्रांजक्शन पूरा हो जाने के बाद कैंसल बटन को दबा दें
- उस एटीएम से रुपये कभी नहीं निकालें, जहां पर गार्ड तैनात न हो
- केबिन में यदि कोई और है तो उसके बाहर निकलने के बाद ही मशीन का प्रयोग करें
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झांसी। एटीएम में यदि आप रुपये निकालने जा रहे हैं तो सतर्क हो जाएं। बाहर व अंदर खड़ी भीड़ में साइबर अपराधी आपको आसानी से शिकार बना सकते हैं। जो रुपये निकालते समय बड़ी ही चालाकी से या तो पासवर्ड देख लेते हैं या फिर बहाना बनाकर एटीएम बदल रहे हैं। इस सप्ताह भी इस तरह का एक मामला सामने आया है। जहां साइबर अपराधी ने एक वृद्ध का बड़ी चालाकी से पासवर्ड देख लिया। इसके बाद झांसा देकर एटीएम बदलकर 12 हजार रुपये भी निकाल गए। इस माह दो और लोग गिरोह का शिकार बन चुके हैं।
अलीगोल में रहने वाले वसीम फल मंडी में कार्यरत हैं। तीन दिन पहले वे खंडेराव गेट स्थित एक एटीएम से रुपये निकाल रहे थे। एटीएम ऑपरेट करते समय अचानक रुपये नहीं निकले। पास में ही खड़े एक व्यक्ति से मदद मांगी, जिसके बाद उसने चंद सेकेंड में ही एटीएम बदल दिया। अभी वे दूसरे एटीएम पहुुंचने वालेे थेे, तभी उनके खाते से साढ़े सात हजार रुपये निकल जाने का मेसेज आया। मेसेज देखकर वे घबरा गए, तत्काल बैंक से संपर्क कर जानकारी दी। जिसके बाद उनको ठगी का शिकार होने का अहसास हुआ, लेकिन जब तक काफी देर हो चुकी थी।
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वसीम जैसे र्कई लोग इस गिरोह का शिकार हो चुके हैं। महानगर के अधिकांश एटीएम के पास साइबर अपराधी सक्रिय हैं। जो भीड़भाड़ वाले स्थान पर एटीएम से रुपये निकालने वालों पर नजर रखते हैं। एटीएम में प्रवेश करने से पहले वे एटीएम के इर्द - गिर्द खड़े होकर हर गतिविधि पर नजर रखते हैं। इसके बाद एटीएम ऑपरेट करते समय पासवर्ड देख लेते हैं और अंदर से बाहर आते समय धक्का या फिर चालाकी से दूसरा एटीएम बदलकर हाथ में थमा देते हैं। इसके बाद व्यक्ति के जाने के बाद दूसरेे एटीएम जाकर रकम निकाल रहे हैं। उनके निशाने पर वृद्घ से लेकर महिलाएं या फिर ग्रामीण लोग रहते हैं।
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एसएसपी डॉ. ओेपी सिंह ने बताया कि पुलिस साइबर क्राइम संबंधी मामलों की पड़ताल कर रही है। एटीएम से रुपये निकालते समय सावधानी बरतें। यदि कोई भी संदिग्ध व्यक्ति नजर आता है तत्काल पुलिस को सूचित करें।
एटीएम की करते हैं रैकी
एटीएम कार्ड बदलकर ठगी करने वाले ऐसे एटीएम बूथों को निशाना बनाते हैं, जहां भीड़भाड़ अधिक होती है। थोड़ा सा समय मिलते ही एटीएम मशीनों के बटन को डिस्टर्ब कर देते हैं। इसके बाद ग्राहक आने का इंतजार करते हैं। निशाना बनाने के बाद घटना को अंजाम देकर निकल जाते हैं।
यह बरतें सावधानी
- मशीन के अंदर किसी अंजान आदमी के सामने पासवर्ड न डालें
- यदि कोई मदद करने के लिए आगे आए तो सावधान हो जाएं
- किसी को भी अपना कार्ड उसके हाथ में न दें और पासवर्ड न बताएं
- मशीन से आपका ट्रांजक्शन पूरा हो जाने के बाद कैंसल बटन को दबा दें
- उस एटीएम से रुपये कभी नहीं निकालें, जहां पर गार्ड तैनात न हो
- केबिन में यदि कोई और है तो उसके बाहर निकलने के बाद ही मशीन का प्रयोग करें