फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   बरुआसागर में मकान बनाने का नक्शा जेडीए से पास होगा-Lalitpur

बरुआसागर में मकान बनाने का नक्शा जेडीए से पास होगा

Tue, 13 Nov 2018 01:21 AM IST
Updated Tue, 13 Nov 2018 01:21 AM IST
विज्ञापन
बरुआसागर में मकान बनाने का नक्शा जेडीए से पास होगा-Lalitpur

झांसी अब और व्यवस्थित और सुविधाओं से युक्त होगा। सीमा विस्तार के बाद अब झांसी विकास प्राधिकरण की सीमा में शामिल 101 गांवों की जमीन की श्रेणी बदलने की तैयारियां तेज हो गई हैं। साथ ही, नगर पालिका बरुआसागर और नगर पंचायत बड़ागांव से मकानों के नक्शे पास करने का अधिकार जेडीए को मिल गया है। बड़ागांव व बरुआसागर में किसी भी मकान का नक्शा जेडीए की सहमति के बिना स्वीकृत नहीं होगा।

विज्ञापन


झांसी विकास प्राधिकरण की सीमा का विस्तार 26 नवंबर 2013 को हो गया था। 12 अक्तूबर 1984 को गठित झांसी विकास प्राधिकरण में तत्कालीन नगर पालिका झांसी समेत आसपास के 39 राजस्व ग्रामों को शामिल किया गया था। विस्तार होने के बाद 26 नवंबर 13 को महानगर के आसपास के 62 गांवों को शहर में शामिल किया गया, जिससे गांवों की संख्या बढ़कर 101 हो गई थी। सीमा विस्तार में शामिल होने के बाद से लगातार इन गांवों की जमीन की श्रेणी बदलने के लिए होमवर्क हो रहा है। जमीनों का पूरा ब्योरा तैयार किया जा रहा है। इसमें कहां हरित पट्टी बनाई जानी है और कहां पर पार्क बनाए जाने हैं, इसका पूरा प्लान तैयार हो रहा है।
विज्ञापन


लेकिन, अब नगर पालिका बरुआसागर व नगर पंचायत बड़ागांव से मकानों का नक्शा पास कराना प्रतिबंधित कर दिया गया है। इस क्षेत्र में जो भी मकान बनेंगे, उनके नक्शे अब जेडीए से पास कराने होंगे। उधर, जेडीए की सीमा में शामिल 62 गांवों में होने वाले किसी भी तरह के विकास या निर्माण कार्य की जेडीए से अनुमति अनिवार्य करने पर भी विचार चल रहा है। जिस दिन आदेश जारी हो जाएगा, इन गांवों में बगैर अनुमति के होने वाले निर्माण को अवैध माना जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


जेडीए में शामिल हैं 101 गांव
जब जेडीए का गठन हुआ था, तब डड़ियापुरा, करगुवां, सिमराहा, सिंगर्रा, भगवंतपुरा, पिछोर, कोछाभांवर, मैरी, मुस्तरा, दिगारा, डिमरौनी, गोरामछिया, टांकोरी, छपरा, पाड़री, भोजला, सिमरधा, करारी, परबई, बूढ़ा, नयागांव, पड़री, पलींदा, पाली पहाड़ी, लहरगिर्द, सिजवाहा, अठौंदना, रुद्र पंचमहल, गढ़िया, हंसारी गिर्द, बलौरा, रूंद बलौरा, बिजौली, सफा, हरचंदपुरा, सैंयर, मथुरापुरा, खैलार व सिमरावारी को शामिल किया गया था। नगर निगम का गठन होने के बाद इनमें से कई गांवों को नगर निगम में शामिल कर लिया गया। इसके बाद 26 नवंबर 2013 को बरुआसागर क्षेत्र के लक्ष्मनपुरा, वनगुवां, नोटक्षीर, कोलवा, बरेठी, फुटेरा-बरुआसागर, हरपुरा, ताल रमन्ना, घुघुवा, चिपलौटा, दानीपुरा, बड़ागांव क्षेत्र के दौन, दुनारा, सुजाटा, भूपनगर, बचावली खुर्द, बचावली बुजुर्ग, बड़ागांव, तौरबराटा, बराटा, पारीछा, रिछौरा, मथनपुरा- रमपुरा, मड़ोरा, गढ़मऊ, पठेश्वर, आरी, बेहटा, भरारी, लकारा, रूंदकरारी, रौनीजा, अंबाबाय, चंद्रा, कलोथरा, सारमऊ, सिमरा, गेवरा, रक्साक्षेत्र के पुनावली कलां, डोमागोर, ढिकौली, कोटखेरा, रक्सा, डगरवाहा, पठारी, डोंगरी, गुढ़ा, रमपुरा, मठ, बाजना, बमेर, राजापुर, गागौनी, बरुआपुरा, मुरारी, चमरुआ, किल्चवारा खुर्द, किल्चवारा बुजुर्ग, बैदोरा, खजराहा खुर्द और खजराहा बुजुर्ग गांव शामिल हैं।

बढ़ेगी जमीन की कीमत
जेडीए की सीमा में शामिल होने के बाद गांवों में जमीनों की कीमतों पर असर पड़ेगा। बिल्डर नई कालोनियां विकसित करने के लिए इन गांवों की ओर भागेंगे, क्योंकि महानगर में बिल्डिरों के लिए जमीन बिल्किुल नहीं है। इससे जमीन के मालिकों को बहुत फायदा होने वाला है।

शहरी सुविधाएं बेहतर होंगी
जेडीए की सीमा में शामिल गांवों को आने वाले समय में शहरी सुविधाओं से लैस किया जाएगा। यहां की जमीन को व्यावसायिक, आवासीय, कृषि आदि क्षेत्रों में अलग-अलग बांटा जाएगा। गांवों में पक्की सड़कें, नालियां, पार्क समेत अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित होंगी। यहां आवासीय परियोजनाएं भी तैयार होंगी।


अब बड़ागांव व बरुआसागर में कोई भी मकान बिना जेडीए की स्वीकृति के अवैध माना जाएगा। क्योंकि, सीमा विस्तार होने के बाद मकान का नक्शा जेडीए से पास कराना अनिवार्य कर दिया गया है।
- त्रिभुवन विश्वकर्मा, जेडीए सचिव

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed