फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   मुफ्त में राख ले जाओ और नोट कमाओ-LTP

मुफ्त में राख ले जाओ और नोट कमाओ-LTP

Thu, 15 Jun 2017 08:43 PM IST
Updated Thu, 15 Jun 2017 08:43 PM IST
विज्ञापन
मुफ्त में राख ले जाओ और नोट कमाओ-LTP
मुफ्त में राख ले जाओ और नोट कमाओ
विज्ञापन

ईंट, एपेक्स, सीमेंट और सजावटी सामान बना सकते हैं
पारीछा पावर प्लांट ने संपर्क के लिए जारी किए नंबर
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
पारीछा पावर प्लांट में निकली राख मुफ्त में उपलब्ध है। इससे ईंट, एपेक्स और सजावटी सामान बनाकर पैसा कमा सकते हैं। प्लांट के विशेषज्ञ अधिकारियों का दावा है कि इस राख का जैविक खाद के साथ उपयोग करके कृषि उपज बढ़ाई जा सकती है।
वर्तमान में पारीछा थर्मल पावर में 110 मेगावाट की दो, 210 मेगावाट की दो व 250 मेगावाट की दो इकाइयों से उत्पादन हो रहा है। शुरुआत में थर्मल पावर प्लांट के अंदर 110- 110 मेगवाट की दो इकाइयों से उत्पादन शुरू हुआ था। उस समय एश (राख) को एकत्र करने के लिए डैम बेतवा नहर के किनारे बनाया गया था। इसी तरह 210- 210 मेगावाट की नई इकाइयों से उत्पादन शुरू होने पर नया एश डैम तैयार कर लिया गया। लेकिन, चार तीन साल पहले तैयार हुईं 250-250 मेगावाट की नई इकाइयों से निकलने वाली राख को रखन का कोई विकल्प तैयार नहीं किया गया है। इस कारण सभी एश डैम में क्षमता से अधिक राख भर चुकी है। अभी एश डैम का उच्चीकरण का काम चलाया जा रहा है।
विज्ञापन

राख की मात्रा बढ़ने की समस्या से निपटने के लिए अब प्लांट प्रशासन ने निशुल्क राख देकर उसके इस्तेमाल पर जोर देना शुरू कर दिया है। राख लेने के इच्छुक अधीक्षण अभियंता वीपी वर्मा के मोबाइल नंबर 9415900213, अधिशासी अभियंता विपिन कुमार दुबे के मोबाइल नंबर 8004922150 और सहायक अभियंता के मोबाइल नंबर 8004923170 पर संपर्क कर सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

गौरतलब हो कि आने वाली 20-25 सालों तक राख रखने में परेशानी न हो इसके लिए पारीछा थर्मल पावर प्लांट प्रबंधन नया ऐश डैम बनवा रहा है। इसके लिए 577 एकड़ भूमि अधिग्रहीत की जानी है।


‘राख लेने के लिए किसी तरह की औपचारिकता की आवश्यकता नहीं है। केवल एक प्रार्थना पत्र देकर राख उठाई जा सकती है।’
अरुण कुमार
अधीक्षण अभियंता, पारीछा थर्मल पावर प्लांट।

रोज निकलती है इतनी राख
प्लांट में सभी इकाइयों से पूर्ण क्षमता के साथ उत्पादन लेने के लिए चौबीस घंटे में सोलह हजार मीट्रिक टन कोयले की आवश्यकता पड़ती है। यानी, मालगाड़ी के साढ़े चार रैक (एक रैक में औसतन 65 वैगन होते हैं) कोयला प्रतिदिन चाहिए। उत्पादन के बाद चौदह हजार मीट्रिक टन राख प्रतिदिन प्लांट से निकलती है।

ये हैं सरकारी आदेश
- सभी अभिकरणों, व्यक्ति या संगठन निचले क्षेत्रों के भूमि भराव कोयला की राख से करेंगे।
- कोई भी व्यक्ति मिट्टी के ईंटों का निर्माण कम से कम 50 प्रतिशत कोयला राख के बिना नहीं करेगा।
- सड़कों, फ्लाईओवर पुलों के निर्माण में सभी संस्थाएं कोयला राख का उपयोग करेंगे।
- मनरेगा, पीएमजीएसवाई, अर्बन रूरल हाउसिंग, स्वच्छ भारत अभियान और अन्य संचालित निर्माण कार्यों में फ्लाई ऐश आधारित उत्पादों का प्रयोग अनिवार्य है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed