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मौसम में बदलाव से बढ़े संक्रामक रोगी
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मौसम में बदलाव से बढ़े संक्रामक रोगी
झांसी। मौसम में तब्दीली के चलते अस्पतालों में संक्रामक रोगियों की संख्या में इजाफा हो गया है। अकेले जिला अस्पताल में ही रोजाना 150 से 200 संक्रामक रोगी आ रहे हैं। हालांकि, जिला अस्पताल के अलावा निजी हॉस्पिटलों में भी मरीजों की भीड़ देखी जा रही है।
मौसम में बदलाव होने से लोगों के स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ने लगा है। जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना संक्रामक रोगियों की भीड़ उमड़ रही है। उल्टी, दस्त, वायरल बुखार आदि बीमारियों के 150 से 200 रोगी जिला अस्पताल में इलाज कराने के लिए आ रहे हैं। इसमें दस से पंद्रह मरीजों को रोज अस्पताल में भर्ती किया जा रहा है। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के अलावा निजी अस्पतालों में संक्रामक रोगियों की लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. बीके गुप्ता ने बताया कि मौसम में बदलाव होने से संक्रामक रोगी बढ़ रहे हैं। अस्पताल में दवाओं का पर्याप्त इंतजाम है। ऐसे रोगियों को कम से कम तीन दिन इलाज की जरूरत होती है।
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ये ध्यान दें
- घर के आसपास साफ-सफाई रखें।
- पानी उबाल कर पियें
- घर में मच्छरों को पैदा न होने दें
- बासा खाना न खाएं
- बाहरी खाने से बचें
- पानी खूब पीयें
- बाजार में खुले, कटे फल या खाद्य सामग्री न लें।
- उल्टी, दस्त व बुखार होने पर डॉक्टर को दिखाएं।
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झांसी। मौसम में तब्दीली के चलते अस्पतालों में संक्रामक रोगियों की संख्या में इजाफा हो गया है। अकेले जिला अस्पताल में ही रोजाना 150 से 200 संक्रामक रोगी आ रहे हैं। हालांकि, जिला अस्पताल के अलावा निजी हॉस्पिटलों में भी मरीजों की भीड़ देखी जा रही है।
मौसम में बदलाव होने से लोगों के स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ने लगा है। जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना संक्रामक रोगियों की भीड़ उमड़ रही है। उल्टी, दस्त, वायरल बुखार आदि बीमारियों के 150 से 200 रोगी जिला अस्पताल में इलाज कराने के लिए आ रहे हैं। इसमें दस से पंद्रह मरीजों को रोज अस्पताल में भर्ती किया जा रहा है। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के अलावा निजी अस्पतालों में संक्रामक रोगियों की लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं।
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जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. बीके गुप्ता ने बताया कि मौसम में बदलाव होने से संक्रामक रोगी बढ़ रहे हैं। अस्पताल में दवाओं का पर्याप्त इंतजाम है। ऐसे रोगियों को कम से कम तीन दिन इलाज की जरूरत होती है।
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ये ध्यान दें
- घर के आसपास साफ-सफाई रखें।
- पानी उबाल कर पियें
- घर में मच्छरों को पैदा न होने दें
- बासा खाना न खाएं
- बाहरी खाने से बचें
- पानी खूब पीयें
- बाजार में खुले, कटे फल या खाद्य सामग्री न लें।
- उल्टी, दस्त व बुखार होने पर डॉक्टर को दिखाएं।