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किसानों को सिखाएं चूहों को नियंत्रित करने के तरीके
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किसानों को सिखाएं चूहों को नियंत्रित करने के तरीके
ललितपुर। 10 से 28 फरवरी तक आयोजित होने वाले संचारी रोग नियंत्रण पखवाड़े के दौरान चूहों को नियंत्रित करने के लिए किसानों को प्रेरित किया जाएगा। जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने विक्रेताओं को कीटनाशक दवाओं की रेट सूची दुकान के बाहर लगाने के निर्देश दिए।
बताते चलें कि संचारी रोगों एवं दिमागी बुखार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसमें कृषि विभाग किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों पर प्रभावी नियंत्रण आवश्यक है। चूहों से फसलों को लगभग 6 प्रतिशत तक नुकसान होता है। रसायनिक रूप से चूहोें के नियंत्रण के लिए जिंक फास्फाइड की 10 ग्राम मात्रा को 250-300 ग्राम दलिया में मिलाकर या 500 ग्राम आटे में मिलाकर आटे की गोलियां बनाकर खेत में चूहों के बिलों के पास रख दें। इन गोलियों को खाने से चूहे मर जाएंगे। इसके अलावा यांत्रिक रूप सें चूहों के नियंत्रण के लिए चूहों को पकड़ने के लिए पिंजरे का प्रयोग भी किया जा सकता हैं। चूहों के अलावा अन्ना पशु, बंदर, गिलहरी, पक्षी आदि कृंतक भी फसलों को नुकसान पहुंचाते है। जिला कृषि रक्षा अधिकारी गौरव यादव ने सलाह दी कि कृंतकों को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक उपाय करें, जिससे फसलों को नुकसान न पहुंचे। सभी कीटनाशक विक्रेता अपनी दुकान के बाहर रेट सूची, स्टाक बोर्ड अवश्य लगाने के निर्देश दिए है।
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ललितपुर। 10 से 28 फरवरी तक आयोजित होने वाले संचारी रोग नियंत्रण पखवाड़े के दौरान चूहों को नियंत्रित करने के लिए किसानों को प्रेरित किया जाएगा। जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने विक्रेताओं को कीटनाशक दवाओं की रेट सूची दुकान के बाहर लगाने के निर्देश दिए।
बताते चलें कि संचारी रोगों एवं दिमागी बुखार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसमें कृषि विभाग किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों पर प्रभावी नियंत्रण आवश्यक है। चूहों से फसलों को लगभग 6 प्रतिशत तक नुकसान होता है। रसायनिक रूप से चूहोें के नियंत्रण के लिए जिंक फास्फाइड की 10 ग्राम मात्रा को 250-300 ग्राम दलिया में मिलाकर या 500 ग्राम आटे में मिलाकर आटे की गोलियां बनाकर खेत में चूहों के बिलों के पास रख दें। इन गोलियों को खाने से चूहे मर जाएंगे। इसके अलावा यांत्रिक रूप सें चूहों के नियंत्रण के लिए चूहों को पकड़ने के लिए पिंजरे का प्रयोग भी किया जा सकता हैं। चूहों के अलावा अन्ना पशु, बंदर, गिलहरी, पक्षी आदि कृंतक भी फसलों को नुकसान पहुंचाते है। जिला कृषि रक्षा अधिकारी गौरव यादव ने सलाह दी कि कृंतकों को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक उपाय करें, जिससे फसलों को नुकसान न पहुंचे। सभी कीटनाशक विक्रेता अपनी दुकान के बाहर रेट सूची, स्टाक बोर्ड अवश्य लगाने के निर्देश दिए है।
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