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सीनियर रेलवे इंस्टीट्यूट मैदान में भरा पानी-City
Updated Fri, 13 Jul 2018 08:04 PM IST
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क्रिकेट मैदान में भरा पानी, दस लाख बेकार
- सीनियर रेलवे इंस्टीट्यूट में निर्देश के बाद भी ठेकेदार ने वक्त पर नहीं बनाई नाली
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
सीनियर रेलवे इंस्टीट्यूट के क्रिकेट मैदान में दस लाख रुपये खर्च करके घास उगाई गई, लेकिन वक्त पर मैदान में पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं की गई। इससे बारिश में मैदान में पानी भर गया है। जलभराव होने से मैदान खराब हो रहा है।
सीनियर रेलवे इंस्टीट्यूट मैदान को राष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए पिछले तीन साल से काम चल रहा है। इसके लिए दो करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। इस बजट से अभी तक मैदान में पिच बनाने, मौजूदा बिल्डिंग का विस्तार करने, एक पानी की टंकी का निर्माण हो चुका है। मैदान के चारों ओर पानी की टंकी से जुड़ी पाइप लाइन भी बिछाई गई है। मैदान में स्प्रिंकलर लगाया गया, ताकि गर्मी के मौसम में पिच दुरुस्त रहे। मैदान में दस लाख रुपये से घास लगाई गई है, लेकिन वक्त पर मैदान के पानी की निकासी नहीं की गई। बरसात में मैदान के अंदर जलभराव न हो, इस बात का ध्यान रखकर ठेकेदार को नाली (ड्रेनेज सिस्टम) बनाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इस अवधि में ठेकेदार के मजदूर नाली बनाने के लिए चार मीटर ही गड्ढा खोद सकें। इससे बारिश में मैदान में पानी भर गया है। जल भराव होने से मैदान में लगी घास खराब होना शुरू हो गई है।
जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि पानी निकासी के लिए ड्रेनेज की व्यवस्था की जा रही है।
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क्रिकेट मैदान में भरा पानी, दस लाख बेकार
- सीनियर रेलवे इंस्टीट्यूट में निर्देश के बाद भी ठेकेदार ने वक्त पर नहीं बनाई नाली
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
सीनियर रेलवे इंस्टीट्यूट के क्रिकेट मैदान में दस लाख रुपये खर्च करके घास उगाई गई, लेकिन वक्त पर मैदान में पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं की गई। इससे बारिश में मैदान में पानी भर गया है। जलभराव होने से मैदान खराब हो रहा है।
सीनियर रेलवे इंस्टीट्यूट मैदान को राष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए पिछले तीन साल से काम चल रहा है। इसके लिए दो करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। इस बजट से अभी तक मैदान में पिच बनाने, मौजूदा बिल्डिंग का विस्तार करने, एक पानी की टंकी का निर्माण हो चुका है। मैदान के चारों ओर पानी की टंकी से जुड़ी पाइप लाइन भी बिछाई गई है। मैदान में स्प्रिंकलर लगाया गया, ताकि गर्मी के मौसम में पिच दुरुस्त रहे। मैदान में दस लाख रुपये से घास लगाई गई है, लेकिन वक्त पर मैदान के पानी की निकासी नहीं की गई। बरसात में मैदान के अंदर जलभराव न हो, इस बात का ध्यान रखकर ठेकेदार को नाली (ड्रेनेज सिस्टम) बनाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इस अवधि में ठेकेदार के मजदूर नाली बनाने के लिए चार मीटर ही गड्ढा खोद सकें। इससे बारिश में मैदान में पानी भर गया है। जल भराव होने से मैदान में लगी घास खराब होना शुरू हो गई है।
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जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि पानी निकासी के लिए ड्रेनेज की व्यवस्था की जा रही है।