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तीन दिन में डेढ़ गुना बढे़ प्याज के दाम
Updated Mon, 07 Aug 2017 08:43 PM IST
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तीन दिन में डेढ़ गुना बढे़ प्याज के दाम
झांसी। टमाटर के बाद अब प्याज के दाम पिछले तीन दिनों में डेढ़ गुने बढ़ जाने के कारण लोगों को आंसू बहाना पड़ रहा है। ऐसा मंडी में अचानक प्याज की आवक घट जाने के कारण हो रहा है। हालांकि टमाटर के दामों में आई गिरावट से कुछ राहत मिली है। वहीं, मार्केट में नए आलू भी आ गए हैं।
झांसी में अब तक प्याज बीस रुपये प्रति किलो बिक रहा था। पिछले तीन दिनों में इसके दाम डेढ़ गुने हो गए है। मौजूदा समय में 30 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज की बिक्री हो रही है। इससे प्याज के शौकीन लोगों की जेब ज्यादा ढीली हो रही है। हालांकि, टमाटर की नर्मी से लोगों को थोड़ा सुकून जरूर मिला है। कुछ दिन पहले तक टमाटर 100 रुपये किलो बिक रहा था। बीच में टमाटर के दाम बीस रुपये जरूर गिरे थे। मंडी में आवक फिर से सुचारू हो जाने के कारण एक सप्ताह में टमाटर के दामों में तेजी से गिरावट आई है। सब्जी विक्रेता सलीम ने बताया कि इस समय टमाटर 50 से 55 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है। उसने बताया कि झांसी में भोपाल, इंदौर और नासिक से टमाटर आता है। मंडी में टमाटर के स्टॉक में कमी हो जाने के कारण इसके दाम बढ़ गए थे। इसके अलावा मार्केट में नए आलू की भी दस्तक हो गई है। हालांकि, पुराने आलू की तुलना में यह पांच गुना महंगा है। पुराना आलू जहां आठ रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है, वहीं नए आलू की कीमत 40 रुपये है।
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एमपी है प्याज का मुख्य स्त्रोत
उत्तर प्रदेश में प्याज की उपज कम ही होती है। ऐसे में झांसी समेत प्रदेश को मुख्य रूप से मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र (नासिक) पर निर्भर रहना पड़ता है। थोक सब्जी विक्रेता अब्दुल सलाम ने बताया कि पिछले दिनों मध्यप्रदेश में सरकार ने आठ रुपये प्रति किलो की दर से प्याज की खरीद कर ली और फिर डेढ़-दो रुपये में बिकवाई। इससे मध्यप्रदेश का माल 80 फीसदी खत्म हो गया है और उत्तर प्रदेश में प्याज की कमी हो गई। अब सिर्फ नासिक में ही प्याज की उपलब्धता है। वहीं से पूरे भारत में प्याज की सप्लाई हो रही है। नई फसल आने में भी देरी है। जब, फसल की नई उपज होगी तब दाम घट सकते है।
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झांसी। टमाटर के बाद अब प्याज के दाम पिछले तीन दिनों में डेढ़ गुने बढ़ जाने के कारण लोगों को आंसू बहाना पड़ रहा है। ऐसा मंडी में अचानक प्याज की आवक घट जाने के कारण हो रहा है। हालांकि टमाटर के दामों में आई गिरावट से कुछ राहत मिली है। वहीं, मार्केट में नए आलू भी आ गए हैं।
झांसी में अब तक प्याज बीस रुपये प्रति किलो बिक रहा था। पिछले तीन दिनों में इसके दाम डेढ़ गुने हो गए है। मौजूदा समय में 30 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज की बिक्री हो रही है। इससे प्याज के शौकीन लोगों की जेब ज्यादा ढीली हो रही है। हालांकि, टमाटर की नर्मी से लोगों को थोड़ा सुकून जरूर मिला है। कुछ दिन पहले तक टमाटर 100 रुपये किलो बिक रहा था। बीच में टमाटर के दाम बीस रुपये जरूर गिरे थे। मंडी में आवक फिर से सुचारू हो जाने के कारण एक सप्ताह में टमाटर के दामों में तेजी से गिरावट आई है। सब्जी विक्रेता सलीम ने बताया कि इस समय टमाटर 50 से 55 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है। उसने बताया कि झांसी में भोपाल, इंदौर और नासिक से टमाटर आता है। मंडी में टमाटर के स्टॉक में कमी हो जाने के कारण इसके दाम बढ़ गए थे। इसके अलावा मार्केट में नए आलू की भी दस्तक हो गई है। हालांकि, पुराने आलू की तुलना में यह पांच गुना महंगा है। पुराना आलू जहां आठ रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है, वहीं नए आलू की कीमत 40 रुपये है।
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एमपी है प्याज का मुख्य स्त्रोत
उत्तर प्रदेश में प्याज की उपज कम ही होती है। ऐसे में झांसी समेत प्रदेश को मुख्य रूप से मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र (नासिक) पर निर्भर रहना पड़ता है। थोक सब्जी विक्रेता अब्दुल सलाम ने बताया कि पिछले दिनों मध्यप्रदेश में सरकार ने आठ रुपये प्रति किलो की दर से प्याज की खरीद कर ली और फिर डेढ़-दो रुपये में बिकवाई। इससे मध्यप्रदेश का माल 80 फीसदी खत्म हो गया है और उत्तर प्रदेश में प्याज की कमी हो गई। अब सिर्फ नासिक में ही प्याज की उपलब्धता है। वहीं से पूरे भारत में प्याज की सप्लाई हो रही है। नई फसल आने में भी देरी है। जब, फसल की नई उपज होगी तब दाम घट सकते है।
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