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योगी के फरमान पर अभी तक शुरू नहीं काम
Updated Wed, 19 Jul 2017 03:07 AM IST
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योगी के फरमान पर अभी तक शुरू नहीं काम
झांसी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने लखनऊ के केजीएमयू में आग लगने की घटना के बाद प्रदेश के सभी नर्सिंग होम की जांच के आदेश दिए थे, लेकिन इस आदेश पर अब तक कोई कार्रवाई शुरू नहीं हुई है। घटना को तीन दिन और मुख्यमंत्री के आदेश को दो दिन बीत चुके हैं। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि मुख्यमंत्री के आदेश को स्थानीय अफसर कितनी गंभीरता से ले रहे हैं।
केजीएमयू लखनऊ के ट्रामा सेंटर में शनिवार की रात आग लगने से हुई मौतों के बाद ‘अमर उजाला’ ने शहर के सरकारी अस्पतालों की पड़ताल की तथा कर खबर प्रकाशित की थी। मुख्यमंत्री ने घटना को गंभीर मानते हुए प्रदेश के सभी नर्सिंग होम में सुरक्षा मानकों की जांच करने के निर्देश दिए थे। इस पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. सुरेश सिंह ने जांच कमेटी गठित कर दी थी, लेकिन अब तक जांच की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया है। बता दें कि जिला में 120 नर्सिंग होम संचालित हो रहे हैं। नियमत: नर्सिंग होम 24 मीटर चौड़ी सड़क पर होना चाहिए, लेकिन शहर में मानकों की अनदेखी कर मनमाने तरीके से संकरे रास्तों पर भी नर्सिंग होम खुले हैं। इतना ही नहीं, बेसमेंट में मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। यहां पर बहुत से नर्सिंग होम मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ कर खुले हुए हैं।
कोट --
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जेडीए को जांच करने के निर्देश दिए
जेडीए को नर्सिंग होम की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें चेक किया जाएगा कि किस- किस नर्सिंग होम का नक्शा पास नहीं है। यदि है तो बेसमेंट में मरीजों को भर्ती तो नहीं किया जा रहा है। अधिकतम एक सप्ताह में सभी की जांच कराई जाएगी।
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- कर्ण सिंह चौहान
जिलाधिकारी
शासन के निर्देश का इंतजार
अभी शासन से कोई निर्देश नहीं आए हैं। इसलिए निर्देशों का इंतजार किया जा रहा है। जैसे ही निर्देश आ जाएंगे, तत्काल कार्रवाई शुरू होगी।
- अमित गुप्ता
मंडलायुक्त
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झांसी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने लखनऊ के केजीएमयू में आग लगने की घटना के बाद प्रदेश के सभी नर्सिंग होम की जांच के आदेश दिए थे, लेकिन इस आदेश पर अब तक कोई कार्रवाई शुरू नहीं हुई है। घटना को तीन दिन और मुख्यमंत्री के आदेश को दो दिन बीत चुके हैं। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि मुख्यमंत्री के आदेश को स्थानीय अफसर कितनी गंभीरता से ले रहे हैं।
केजीएमयू लखनऊ के ट्रामा सेंटर में शनिवार की रात आग लगने से हुई मौतों के बाद ‘अमर उजाला’ ने शहर के सरकारी अस्पतालों की पड़ताल की तथा कर खबर प्रकाशित की थी। मुख्यमंत्री ने घटना को गंभीर मानते हुए प्रदेश के सभी नर्सिंग होम में सुरक्षा मानकों की जांच करने के निर्देश दिए थे। इस पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. सुरेश सिंह ने जांच कमेटी गठित कर दी थी, लेकिन अब तक जांच की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया है। बता दें कि जिला में 120 नर्सिंग होम संचालित हो रहे हैं। नियमत: नर्सिंग होम 24 मीटर चौड़ी सड़क पर होना चाहिए, लेकिन शहर में मानकों की अनदेखी कर मनमाने तरीके से संकरे रास्तों पर भी नर्सिंग होम खुले हैं। इतना ही नहीं, बेसमेंट में मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। यहां पर बहुत से नर्सिंग होम मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ कर खुले हुए हैं।
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जेडीए को जांच करने के निर्देश दिए
जेडीए को नर्सिंग होम की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें चेक किया जाएगा कि किस- किस नर्सिंग होम का नक्शा पास नहीं है। यदि है तो बेसमेंट में मरीजों को भर्ती तो नहीं किया जा रहा है। अधिकतम एक सप्ताह में सभी की जांच कराई जाएगी।
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- कर्ण सिंह चौहान
जिलाधिकारी
शासन के निर्देश का इंतजार
अभी शासन से कोई निर्देश नहीं आए हैं। इसलिए निर्देशों का इंतजार किया जा रहा है। जैसे ही निर्देश आ जाएंगे, तत्काल कार्रवाई शुरू होगी।
- अमित गुप्ता
मंडलायुक्त