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भारत के लिए खेलेंगे मुक्केबाज अर्जुन
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भारत के लिए खेलेंगे मुक्केबाज अर्जुन
झांसी। मेजर ध्यानचंद स्टेडियम के छात्रावास में रहकर बॉक्सिंग में अपना कॅरियर संवार रहे अर्जुन सिंह ने जूनियर भारतीय बॉक्सिंग टीम में अपनी जगह बनाई है। वह इस माह बुल्गारिया में 31 मार्च से छह अप्रैल तक होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रतिभाग करेंगे। वह मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में तीन साल से प्रशिक्षण ले रहे हैं।
मेरठ के मूल निवासी अर्जुन ने बताया कि वह तीन साल से स्टेडियम में रहकर कॅरियर को संवार रहे हैं। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में चयन होने के बाद से उनके पिता का सपना पूरा हुआ है। उनके पिता चाहते थे कि वह खेल में आगे आकर देश का नाम रोशन करें। इसी सपने को पूरा करने के लिए वह आठ साल पहले मेरठ के स्टेडियम ले गए थे। कोच के साथ-साथ अर्जुन के पिता आज भी बेहतरीन खिलाड़ी बनने के लिए समय-समय पर टिप्स देते हैं।
अर्जुन ने बताया कि मेरठ में भूपेंद्र यादव ने उन्हें रिंग में बॉक्सिंग के गुर सिखाए। दो साल बाद उन्हें जिला स्तर पर खेलने का मौका और पहली बार अपने प्रतिद्वंदी को हराकर कांस्य पदक पाया था। उसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और मंडल स्तरीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक पाया। इसके बाद उन्होंने छात्रावास के लिए ट्रायल दिया। ट्रायल में उनका चयन झांसी छात्रावास के लिए हुआ। मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में उन्हें धर्मेंद्र यादव ने बेहतरीन खिलाड़ी बनने के लिए प्रशिक्षित करने के साथ ही कई प्रतियोगिताओं में आगे बढ़ाया और वर्ष 2018-19 में मुरादाबाद में हुई राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में स्वर्ण तथा चंडीगढ़ में हुई राष्ट्रीय प्रतियोगिता में रजत पदक प्राप्त किया।
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तीन साल पहले अर्जुन को प्रशिक्षण देना शुरू किया तो उसमें जोश नजर आया। इस हुनर को परखकर उसे रिंग में प्रतिद्वंदी को हराने के लिए कई दांव-पेच सिखाए। बुल्गारिया में होने वाली प्रतियोगिता में चयन के बाद लग रहा है कि मेहनत सफल हुई है। - धर्मेंद्र यादव, उप क्रीड़ाधिकारी।
मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में हर खेल को प्राथमिकता देकर खिलाड़ियों को तराशने का काम किया जा रहा है। बीते सालों में बॉक्सिंग ही नहीं, बल्कि अन्य खेलों के कई खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा के बल पर शानदार प्रदर्शन किया। - सुरेश बोनकर, प्रभारी क्रीड़ा अधिकारी।
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झांसी। मेजर ध्यानचंद स्टेडियम के छात्रावास में रहकर बॉक्सिंग में अपना कॅरियर संवार रहे अर्जुन सिंह ने जूनियर भारतीय बॉक्सिंग टीम में अपनी जगह बनाई है। वह इस माह बुल्गारिया में 31 मार्च से छह अप्रैल तक होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रतिभाग करेंगे। वह मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में तीन साल से प्रशिक्षण ले रहे हैं।
मेरठ के मूल निवासी अर्जुन ने बताया कि वह तीन साल से स्टेडियम में रहकर कॅरियर को संवार रहे हैं। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में चयन होने के बाद से उनके पिता का सपना पूरा हुआ है। उनके पिता चाहते थे कि वह खेल में आगे आकर देश का नाम रोशन करें। इसी सपने को पूरा करने के लिए वह आठ साल पहले मेरठ के स्टेडियम ले गए थे। कोच के साथ-साथ अर्जुन के पिता आज भी बेहतरीन खिलाड़ी बनने के लिए समय-समय पर टिप्स देते हैं।
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अर्जुन ने बताया कि मेरठ में भूपेंद्र यादव ने उन्हें रिंग में बॉक्सिंग के गुर सिखाए। दो साल बाद उन्हें जिला स्तर पर खेलने का मौका और पहली बार अपने प्रतिद्वंदी को हराकर कांस्य पदक पाया था। उसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और मंडल स्तरीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक पाया। इसके बाद उन्होंने छात्रावास के लिए ट्रायल दिया। ट्रायल में उनका चयन झांसी छात्रावास के लिए हुआ। मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में उन्हें धर्मेंद्र यादव ने बेहतरीन खिलाड़ी बनने के लिए प्रशिक्षित करने के साथ ही कई प्रतियोगिताओं में आगे बढ़ाया और वर्ष 2018-19 में मुरादाबाद में हुई राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में स्वर्ण तथा चंडीगढ़ में हुई राष्ट्रीय प्रतियोगिता में रजत पदक प्राप्त किया।
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तीन साल पहले अर्जुन को प्रशिक्षण देना शुरू किया तो उसमें जोश नजर आया। इस हुनर को परखकर उसे रिंग में प्रतिद्वंदी को हराने के लिए कई दांव-पेच सिखाए। बुल्गारिया में होने वाली प्रतियोगिता में चयन के बाद लग रहा है कि मेहनत सफल हुई है। - धर्मेंद्र यादव, उप क्रीड़ाधिकारी।
मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में हर खेल को प्राथमिकता देकर खिलाड़ियों को तराशने का काम किया जा रहा है। बीते सालों में बॉक्सिंग ही नहीं, बल्कि अन्य खेलों के कई खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा के बल पर शानदार प्रदर्शन किया। - सुरेश बोनकर, प्रभारी क्रीड़ा अधिकारी।