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5 लाख बच्चे खाएंगे पेट में कीड़े मारने की दवा -City
Updated Fri, 02 Feb 2018 08:20 PM IST
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5 लाख बच्चे खाएंगे पेट में कीड़े मारने की दवा
झांसी। जनपद में दस फरवरी को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया जाएगा। इस दौरान 5,01,608 बच्चों को पेट में कीड़े मारने की दवा एल्बेंडाजोल की दवा खिलाने का लक्ष्य है। इसमें निजी स्कूलों के 2,09,674, आंगनबाड़ी केंद्र के गैर पंजीकृत 5,386 और पंजीकृत 1,36498 बच्चे शामिल हैं।
साल में दो बार यह दिवस मनाया जाता है, इसका उद्देश्य एक से 19 वर्ष तक के पेट में कीड़े से ग्रस्त बच्चों को कुपोषण से मुक्त बनाना हैं। कार्यक्रम के तहत जनपद और ब्लॉक स्तर पर स्कूली बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवाई खिलाई जाती है। अब दस फरवरी को कृमि मुक्ति दिवस मनाया जाना है। नोडल अधिकारी डॉ. एके त्रिपाठी का कहना है कि समाज में भ्रांतियां हैं कि संपन्न परिवार के बच्चों के पेट में कीड़े नहीं पाए जाते हैं, जबकि ये गलत है। संपन्न परिवार के लोग भले ही खुले में शौच न जाएं लेकिन उनके घर में आ रही सब्जी, फल उन्हीं खेतों से आ रहे हैं, जहां लोग खुले में शौच करते हैं।
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झांसी। जनपद में दस फरवरी को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया जाएगा। इस दौरान 5,01,608 बच्चों को पेट में कीड़े मारने की दवा एल्बेंडाजोल की दवा खिलाने का लक्ष्य है। इसमें निजी स्कूलों के 2,09,674, आंगनबाड़ी केंद्र के गैर पंजीकृत 5,386 और पंजीकृत 1,36498 बच्चे शामिल हैं।
साल में दो बार यह दिवस मनाया जाता है, इसका उद्देश्य एक से 19 वर्ष तक के पेट में कीड़े से ग्रस्त बच्चों को कुपोषण से मुक्त बनाना हैं। कार्यक्रम के तहत जनपद और ब्लॉक स्तर पर स्कूली बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवाई खिलाई जाती है। अब दस फरवरी को कृमि मुक्ति दिवस मनाया जाना है। नोडल अधिकारी डॉ. एके त्रिपाठी का कहना है कि समाज में भ्रांतियां हैं कि संपन्न परिवार के बच्चों के पेट में कीड़े नहीं पाए जाते हैं, जबकि ये गलत है। संपन्न परिवार के लोग भले ही खुले में शौच न जाएं लेकिन उनके घर में आ रही सब्जी, फल उन्हीं खेतों से आ रहे हैं, जहां लोग खुले में शौच करते हैं।
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