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नाबालिग का अपहरण और दुष्कर्म करने पर 10 साल की जेल
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झांसी। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम सहित बलात्कार) नितेंद्र कुमार की अदालत ने नाबालिग का अपहरण और दुष्कर्म करने के मामले में अभियुक्त को 10 साल के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया।
विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र कुमार खरे ने बताया कि एक व्यक्ति ने मऊरानीपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी 16 साल की बेटी 22 अप्रैल 2019 को अपनी छोटी बहन के साथ बाजार गई हुई थी। इसी दरम्यान गेड़ा कॉलोनी निवासी विवेक श्रीवास उसे भगा ले गया था। छोटी बहन ने घर आकर परिवार के लोगों को इसकी जानकारी दी थी। काफी खोजबीन के बाद भी बेटी का पता नहीं चल पाया था।
शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। इसके बाद नाबालिग को बरामद कर लिया गया था। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था।
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अदालत ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद दोष सिद्ध होने पर अभियुक्त विवेक श्रीवास को 10 साल के कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा दस हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। जिसे अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसके अलावा अन्य धाराओं में भी अभियुक्त को सजा सुनाई गई।
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विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र कुमार खरे ने बताया कि एक व्यक्ति ने मऊरानीपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी 16 साल की बेटी 22 अप्रैल 2019 को अपनी छोटी बहन के साथ बाजार गई हुई थी। इसी दरम्यान गेड़ा कॉलोनी निवासी विवेक श्रीवास उसे भगा ले गया था। छोटी बहन ने घर आकर परिवार के लोगों को इसकी जानकारी दी थी। काफी खोजबीन के बाद भी बेटी का पता नहीं चल पाया था।
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शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। इसके बाद नाबालिग को बरामद कर लिया गया था। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था।
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अदालत ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद दोष सिद्ध होने पर अभियुक्त विवेक श्रीवास को 10 साल के कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा दस हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। जिसे अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसके अलावा अन्य धाराओं में भी अभियुक्त को सजा सुनाई गई।