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उत्पात मचाने वाले गजराज की मौत
जौनपुर ब्यूराे
Updated Fri, 11 Dec 2015 12:18 AM IST
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गांव में उत्पात मचाने के बाद हाईवे जाम करने वाले हाथी भोला की बुधवार की देर रात मौत हो गई। गुरुवार को वन विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में उसके शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद सिंहावल गांव में जेसीबी से
गड्ढा खोदवाकर शव को दफन कर दिया गया। गजराज की मौत की खबर मिलते ही कई गांवों के लोग फूल माला और अगरबत्ती लेकर पहुंचे और श्रद्धांजलि दी। पशु चिकित्साधिकारी डा. इदरीश ने बताया कि हाथी ट्राइटेनोमिएसिस ( सर्रा)
नामक बीमारी से पीड़ित था। इस बीमारी की चपेट में आने वाला मवेशी पागलों जैसी हरकत करने लगता है।
जगदीशपुर गांव निवासी रामअधार पांडेय का हाथी भोला मंगलवार को एक वैवाहिक समारोह में गया था जहां डीजे की
आवाज सुन वह भड़क गया था। गुस्से में उसने डीजेे तोड़ डाला था। वहां से वह रात में घर के लिए निकला। रास्ते में अंधेरा होने पर पीलवान ने सिंहावल गांव में एक पीपल के पेड़ से सीकड़ लगाकर उसे बांध दिया था। बुधवार को दोपहर
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सीकड़ तोड़कर वह निकला तो गांव में कई रिहायशी मड़हे, टीनशेड, चारपाई, बाइक, तख्ता आदि क्षतिग्रस्त कर दिया। गांव में उत्पात मचाते हुए वह सिंगरामऊ बाजार में आकर राष्ट्रीय राजमार्ग पर लेट गया। इससे हाईवे जाम हो गया था। कुछ
देर बाद सड़क से उठकर बगल में बैठ गया। वहां उसे एक इंजेक्शन दिया गया था। देखभाल करने के लिए हाथी के स्वामी रामअधार पांडेय, पीलवान हवीब आदि वहां टेंट लगाकर बैठ गए। रात में करीब पौने नौ बजे हाथी वहां से उठा और बगल
में स्थित एक बड़े सूखे तालाब में जाकर बैठ गया। सुबह लोगों ने देखा तो उसकी मौत हो गई थी। सूचना पर वन क्षेत्राधिकारी बदलापुर आरके तिवारी, वन रक्षक गिरिजाशंकर तिवारी, रामसूरत यादव मौके पर पहुंच गए। बदलापुर के पशु
चिकित्साधिकारी डा. मो. इदरीश, महाराजगंज के पशु चिकित्साधिकारी डा. शिवेंद्र सिंह और घनश्याम पुर के पशु चिकित्सक डा. उमेश सिंह की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम किया गया।
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गड्ढा खोदवाकर शव को दफन कर दिया गया। गजराज की मौत की खबर मिलते ही कई गांवों के लोग फूल माला और अगरबत्ती लेकर पहुंचे और श्रद्धांजलि दी। पशु चिकित्साधिकारी डा. इदरीश ने बताया कि हाथी ट्राइटेनोमिएसिस ( सर्रा)
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नामक बीमारी से पीड़ित था। इस बीमारी की चपेट में आने वाला मवेशी पागलों जैसी हरकत करने लगता है।
जगदीशपुर गांव निवासी रामअधार पांडेय का हाथी भोला मंगलवार को एक वैवाहिक समारोह में गया था जहां डीजे की
आवाज सुन वह भड़क गया था। गुस्से में उसने डीजेे तोड़ डाला था। वहां से वह रात में घर के लिए निकला। रास्ते में अंधेरा होने पर पीलवान ने सिंहावल गांव में एक पीपल के पेड़ से सीकड़ लगाकर उसे बांध दिया था। बुधवार को दोपहर
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सीकड़ तोड़कर वह निकला तो गांव में कई रिहायशी मड़हे, टीनशेड, चारपाई, बाइक, तख्ता आदि क्षतिग्रस्त कर दिया। गांव में उत्पात मचाते हुए वह सिंगरामऊ बाजार में आकर राष्ट्रीय राजमार्ग पर लेट गया। इससे हाईवे जाम हो गया था। कुछ
देर बाद सड़क से उठकर बगल में बैठ गया। वहां उसे एक इंजेक्शन दिया गया था। देखभाल करने के लिए हाथी के स्वामी रामअधार पांडेय, पीलवान हवीब आदि वहां टेंट लगाकर बैठ गए। रात में करीब पौने नौ बजे हाथी वहां से उठा और बगल
में स्थित एक बड़े सूखे तालाब में जाकर बैठ गया। सुबह लोगों ने देखा तो उसकी मौत हो गई थी। सूचना पर वन क्षेत्राधिकारी बदलापुर आरके तिवारी, वन रक्षक गिरिजाशंकर तिवारी, रामसूरत यादव मौके पर पहुंच गए। बदलापुर के पशु
चिकित्साधिकारी डा. मो. इदरीश, महाराजगंज के पशु चिकित्साधिकारी डा. शिवेंद्र सिंह और घनश्याम पुर के पशु चिकित्सक डा. उमेश सिंह की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम किया गया।