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जिले में 50 लाख के ऊपर की कई परियोजनाएं अधर में
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जौनपुर। जनपद में 50 लाख के ऊपर की चल रही 96 परियोजनाओं की प्रगति संतोषजनक देखी जा रही है। हालांकि नौ परियोजनाओं की प्रगति बजट के अभाव में धीमी बताई जा रही है। इसके लिए बजट की मांग की जा रही है। वहीं, विभागीय लोगों की माने तो चालू वित्तीय वर्ष में सड़क की परियोजनाओं को छोड़कर बात करें तो मई तक 71.93 प्रतिशत काम कर लिया गया है।
जनपद में इस समय 50 लाख रुपये के ऊपर की 96 परियोजनाओं संचालित हैं। हालांकि इसमें कई ऐसी परियोजनाएं भी शामिल हैं, जो बजट के अभाव में अभी अधर में लटकी हैं। वहीं, बहुत सी परियोजनाओं के पूर्ण होने का समय भी आ गया है। लेकिन, अभी काम चल रहा है। वैसे आंकड़ों पर नजर करें तो 50 लाख रुपये की इन 96 परियोजनाओं के लिए 1463.6752 लाख रुपये का बजट स्वीकृत हुआ है। लेकिन, मई माह के अंत तक 850.283 लाख रुपये का बजट मिला है। इसमें 71.93 प्रतिशत बजट खर्च कर दिया गया है। लेकिन, धरातलीय सच की पड़ताल करें तो कई परियोजनाओं की प्रगति अच्छी है तो कई की खराब, जबकि बजट के अभाव में कई परियोजनाएं समय से पूर्ण होती नजर नहीं आ रही हैं, जिनमें राजकीय जूनियर हाईस्कूल सूरहुरपर, अग्निश्मन केंद्र केराकत, मुंगराबादशाहपुर, मडि़याहूं. बदलापुर, औद्यौगिक प्रशिक्षण संस्थान मडि़याहूं, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र समरसपुर के अलावा पाइप पेयजल योजना के तहत उसरौली, कटाहित और बरसरही गांव में चल रही परियोजना शामिल है।
पड़ताल करने पर यह भी सामने आया सच
दो साल से बंद है पाइप लाइन बिछाने का काम
मछलीशहर में तत्कालीन विधायक जगदीश सोनकर के प्रयास से उनके मंत्री काल में 2016 में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति के लिए पानी की टंकी कटाहित खास गांव में स्वीकृत हुई। इसका निर्माण कार्य 2.32 करोड़ की लागत से 2018 से कार्य आरंभ हुआ।ओ वर हेड टैक और नलकूप की स्थापना दो वर्ष पहले ही हो चुकी है। पाइप लाइन बिछाकर उसको जोड़ने का काम अधूरा पड़ा है। दो वर्ष से काम बंद है। जबकि इस कार्य के लिए महज 93 लाख रुपये ही मिला।
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धीमी गति से चल रहा काम
मछलीशहर नगर पंचायत के कूड़ा निस्तारण के लिए लगभग तीन एंकर भूमि का अधिग्रहण किया गया है। अप्रैल में पैमाइश करके भूमि सीमांकन किया गया है। चहारदीवारी बनाने का काम शुरू हुआ है, जो अभी तक 80 प्रतिशत ही पूरा हो सका है। बाउंड्री बनने के बाद कूड़ा डंपिंग का काम शुरू होगा।
काफी समय से रुका है पुल के अप्रोच का काम
मडि़याहूं तहसील मुख्यालय से 3 किलोमीटर दूर मडि़याहूं भदोही मार्ग पर बसुही नदी पुल के निर्माण के लिए तत्कालीन विधायक डा लीना तिवारी ने प्रयास कर 2018 में 9 करोड़ की लागत से बनने वाले पुल को स्वीकृत कराया, कोरोना काल की वजह से पुल का निर्माण कार्य नहीं शुरू हो पाया। साल 2020 में विधायक ने भूमि पूजन कर पुल का कार्य शुरू करवा दिया। पुल का प्लेटफार्म पूरी तरह से तैयार है, मगर दोनों तरफ के अप्रोच के लिए मात्र मिट्टी का कार्य बाकी रह गया है, जो काफी समय से रुका पड़ा है।
धीमी गति से चल रहा छह परियोजनाओं पर काम
बदलापुर विधानसभा क्षेत्र में विकास की चार महत्वपूर्ण परियोजनाएं लोकार्पण के छह माह बीत जाने के बाद भी अधर में लटकी हुई हैं। सरोखनपुर में 554.60 लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन बस स्टेशन का लोकार्पण 5 जनवरी 2022 को तथा सरोखनपुर में ही 707.84 लाख रुपये की लागत से बनने वाले फायर ब्रिगेड स्टेशन का लोकार्पण छह जनवरी 2022 को विधायक रमेशचंद्र मिश्र ने किया है। लेकिन कार्यदायी संस्था यूपी सिडको तथा लोक निर्माण विभाग की शिथिलता के परिणाम स्वरूप आज तक महज 60 प्रतिशत काम परियोजनाओं पर हो पाया है। ठीक इसी क्रम में आईटीआई कालेज कड़ेरेपुर तथा बदलापुर खुर्द गांव में पीली नदी पर निर्माणाधीन चकरियहवा घाट पर पुल के निर्माण कार्य की शिथिलता बनी हुई है।
विधायक की फटकार के बाद से रुक गया काम
शाहगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बन रहे 10 बेड वाले कोविड वार्ड के निर्माण कार्य में हो रही लापरवाही की शिकायत पर दो महीने पूर्व मौके पर पहुंचे विधायक रमेश सिंह ने ठेकेदार को फटकार लगाते हुए निर्माण कार्य को रोक दिया। तब से निर्माण रुका हुआ है। चिकित्साधीक्षक डा. रफीक फारुकी ने बताया कि सरकार की योजना के अनुसार कोविड वार्ड का निर्माण होना था। कार्यदायी संस्था के बाबत उन्होंने जानकारी से इंकार करते हुए कहा कि विस्तृत जानकारी मुख्य चिकित्साधिकारी के पास होगी।
सभी परियोजनाओं का बारीकी से निरीक्षण किया जाता है। साथ ही समय-समय पर सभी परियोजनाओं की समीक्षा की जा रही है। जहां बजट की जरूरत पड़ती है वहां शासन को पत्राचार करके अवगत कराया जा रहा है। जिसका सार्थक परिणाम सामने आ रहा है। - मनीष कुमार वर्मा, जिलाधिकारी
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जनपद में इस समय 50 लाख रुपये के ऊपर की 96 परियोजनाओं संचालित हैं। हालांकि इसमें कई ऐसी परियोजनाएं भी शामिल हैं, जो बजट के अभाव में अभी अधर में लटकी हैं। वहीं, बहुत सी परियोजनाओं के पूर्ण होने का समय भी आ गया है। लेकिन, अभी काम चल रहा है। वैसे आंकड़ों पर नजर करें तो 50 लाख रुपये की इन 96 परियोजनाओं के लिए 1463.6752 लाख रुपये का बजट स्वीकृत हुआ है। लेकिन, मई माह के अंत तक 850.283 लाख रुपये का बजट मिला है। इसमें 71.93 प्रतिशत बजट खर्च कर दिया गया है। लेकिन, धरातलीय सच की पड़ताल करें तो कई परियोजनाओं की प्रगति अच्छी है तो कई की खराब, जबकि बजट के अभाव में कई परियोजनाएं समय से पूर्ण होती नजर नहीं आ रही हैं, जिनमें राजकीय जूनियर हाईस्कूल सूरहुरपर, अग्निश्मन केंद्र केराकत, मुंगराबादशाहपुर, मडि़याहूं. बदलापुर, औद्यौगिक प्रशिक्षण संस्थान मडि़याहूं, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र समरसपुर के अलावा पाइप पेयजल योजना के तहत उसरौली, कटाहित और बरसरही गांव में चल रही परियोजना शामिल है।
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पड़ताल करने पर यह भी सामने आया सच
दो साल से बंद है पाइप लाइन बिछाने का काम
मछलीशहर में तत्कालीन विधायक जगदीश सोनकर के प्रयास से उनके मंत्री काल में 2016 में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति के लिए पानी की टंकी कटाहित खास गांव में स्वीकृत हुई। इसका निर्माण कार्य 2.32 करोड़ की लागत से 2018 से कार्य आरंभ हुआ।ओ वर हेड टैक और नलकूप की स्थापना दो वर्ष पहले ही हो चुकी है। पाइप लाइन बिछाकर उसको जोड़ने का काम अधूरा पड़ा है। दो वर्ष से काम बंद है। जबकि इस कार्य के लिए महज 93 लाख रुपये ही मिला।
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धीमी गति से चल रहा काम
मछलीशहर नगर पंचायत के कूड़ा निस्तारण के लिए लगभग तीन एंकर भूमि का अधिग्रहण किया गया है। अप्रैल में पैमाइश करके भूमि सीमांकन किया गया है। चहारदीवारी बनाने का काम शुरू हुआ है, जो अभी तक 80 प्रतिशत ही पूरा हो सका है। बाउंड्री बनने के बाद कूड़ा डंपिंग का काम शुरू होगा।
काफी समय से रुका है पुल के अप्रोच का काम
मडि़याहूं तहसील मुख्यालय से 3 किलोमीटर दूर मडि़याहूं भदोही मार्ग पर बसुही नदी पुल के निर्माण के लिए तत्कालीन विधायक डा लीना तिवारी ने प्रयास कर 2018 में 9 करोड़ की लागत से बनने वाले पुल को स्वीकृत कराया, कोरोना काल की वजह से पुल का निर्माण कार्य नहीं शुरू हो पाया। साल 2020 में विधायक ने भूमि पूजन कर पुल का कार्य शुरू करवा दिया। पुल का प्लेटफार्म पूरी तरह से तैयार है, मगर दोनों तरफ के अप्रोच के लिए मात्र मिट्टी का कार्य बाकी रह गया है, जो काफी समय से रुका पड़ा है।
धीमी गति से चल रहा छह परियोजनाओं पर काम
बदलापुर विधानसभा क्षेत्र में विकास की चार महत्वपूर्ण परियोजनाएं लोकार्पण के छह माह बीत जाने के बाद भी अधर में लटकी हुई हैं। सरोखनपुर में 554.60 लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन बस स्टेशन का लोकार्पण 5 जनवरी 2022 को तथा सरोखनपुर में ही 707.84 लाख रुपये की लागत से बनने वाले फायर ब्रिगेड स्टेशन का लोकार्पण छह जनवरी 2022 को विधायक रमेशचंद्र मिश्र ने किया है। लेकिन कार्यदायी संस्था यूपी सिडको तथा लोक निर्माण विभाग की शिथिलता के परिणाम स्वरूप आज तक महज 60 प्रतिशत काम परियोजनाओं पर हो पाया है। ठीक इसी क्रम में आईटीआई कालेज कड़ेरेपुर तथा बदलापुर खुर्द गांव में पीली नदी पर निर्माणाधीन चकरियहवा घाट पर पुल के निर्माण कार्य की शिथिलता बनी हुई है।
विधायक की फटकार के बाद से रुक गया काम
शाहगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बन रहे 10 बेड वाले कोविड वार्ड के निर्माण कार्य में हो रही लापरवाही की शिकायत पर दो महीने पूर्व मौके पर पहुंचे विधायक रमेश सिंह ने ठेकेदार को फटकार लगाते हुए निर्माण कार्य को रोक दिया। तब से निर्माण रुका हुआ है। चिकित्साधीक्षक डा. रफीक फारुकी ने बताया कि सरकार की योजना के अनुसार कोविड वार्ड का निर्माण होना था। कार्यदायी संस्था के बाबत उन्होंने जानकारी से इंकार करते हुए कहा कि विस्तृत जानकारी मुख्य चिकित्साधिकारी के पास होगी।
सभी परियोजनाओं का बारीकी से निरीक्षण किया जाता है। साथ ही समय-समय पर सभी परियोजनाओं की समीक्षा की जा रही है। जहां बजट की जरूरत पड़ती है वहां शासन को पत्राचार करके अवगत कराया जा रहा है। जिसका सार्थक परिणाम सामने आ रहा है। - मनीष कुमार वर्मा, जिलाधिकारी