UP Chunav 2022: 1977 में जौनपुर के 7 सीटों पर था कांग्रेस का कब्जा, प्रदेश में जीत पाई थी 47 सीटें
इमरजेंसी के बाद 1977 में कांग्रेस को पूरे प्रदेश में बुरे दौर से गुजरना पड़ा था। उस समय जनता काफी नाराज हो गई थी। विरोध का आलम यह था कि कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने वालों को रोका जा रहा था।
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इनके समधी रहे झिलमिट उपाध्याय भी उन्हें चुनावी समर में कूदने से रोक रहे थे लेकिन वह पहली बार बरसठी से चुनाव लड़ गए थे। हालांकि वह चुनाव जीत गए थे और लगातार दो बार विधायक भी बने थे। वहीं, इस चुनाव में कांग्रेस को उम्मीद के विपरीत परिणाम हासिल हुआ था, क्योंकि प्रदेश में 47 सीटों पर ही जीत मिली थी। इसमें जनपद की दस सीटों में से सात पर कब्जा था।
साल 1977 के सातवें विधानसभा चुनाव में संयुक्त विपक्ष ने एकजुट होकर जनता पार्टी के बैनर तले हुए चुनाव में उतरी थी। अलीगढ़ समेत प्रदेश के कई ऐसे जनपद थे, जहां कांग्रेस के एक भी प्रत्याशी नहीं जीत सके थे।
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बताते हैं कि प्रदेश में चार राष्ट्रीय दल सीपीआई, सीपीएम, कांग्रेस, जनता पार्टी मैदान में थे, जबकि तीन राज्यस्तरीय दल ऑल इंडिया फारवर्ड ब्लॉक, मुसलिम लीग, रेवोलेशनरी सोशलिस्ट पार्टी चुनाव मैदान में थे। इसके अलावा, सात अपंजीकृत दल चुनाव मैदान में थे। इस चुनाव में प्रदेश की 425 सीटों में से 352 पर जनता पार्टी ने जीत दर्ज की। जबकि कांग्रेस मात्र 47 सीटों पर रह गई। लेकिन, इसमें जनपद की 10 में से सात सीटों पर कांग्रेस पार्टी ने जीत दर्ज की।
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1977 के चुनाव परिणाम पर एक नजर
मछलीशहर - अरुण कुमार सिंह (कांग्रेस)
गढ़वारा - राम शिरोमणि दूबे (कांग्रेस)
बरसठी - राम कृष्ण उपाध्याय (कांग्रेस)
मडि़याहूं - राज किशोर तिवारी (कांग्रेस)
केराकत - शंभूनाथ (जपा)
बयालसी - चंद्रसेन सिंह (कांग्रेस)
जौनपुर - कमला प्रसाद सिंह (कांग्रेस)
रारी - राज बहादुर यादव (जपा)
खुटहन - लक्ष्मीशंकर यादव (कांग्रेस)