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तीन माह से बंद पू्र्व सांसद धनंजय सिंह जेल से ही चला रहे फेसबुक! पोस्ट में कोरोना से मृत इंस्पेक्टर के परिवार की मदद की दी गई सूचना

Mon, 24 Aug 2020 08:11 PM IST
विचित्र सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जौनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जौनपुर Published by: विचित्र सिंह Updated Mon, 24 Aug 2020 08:11 PM IST
सार

प्रतापगढ़ में तैनात इंस्पेक्टर की कोरोना से मौत के बाद परिवार की मदद के लिए की फेसबुक पोस्ट में की अपील

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Former MP Dhananjay Singh, who has been closed for three months, is running Facebook from jail! 
पूर्व सांसद धनन्जय सिंह - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

एसटीपी के प्रोजेक्ट मैनेजर के अपहरण व रंगदारी मांगने के मामले में पिछले तीन माह से जिला जेल में बंद पूर्व सांसद धनंजय सिंह की फेसबुक पोस्ट ने हड़कंप मचा दिया है। उनके फेसबुक पेज पर सोमवार को की गई पोस्ट में कोरोना से मृत प्रतापगढ़ के इंस्पेक्टर के परिवार की मदद के लिए एक लाख रुपये देने की सूचना दी गई है। साथ ही दूसरों को भी मदद के लिए आगे आने का आह्वान किया गया है। 

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धनंजय की इस दरियादिली की जहां चर्चा है तो वहीं दूसरी ओर जेल के अंदर से फेसबुक चलाने को लेकर खलबली भी मच गई है। हालांकि जेल प्रशासन ने फिलहाल इस मामले की जानकारी से इंकार किया है। जेलर का कहना है कि वह इसकी जांच कराएंगे। धनंजय सिंह को दस मई की रात शहर के कालीकुत्ती स्थित आवास से गिरफ्तार किया गया था। अगले दिन उन्हें जेल भेज दिया गया। तब से ही वह जेल में बंद हैं। 

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Former MP Dhananjay Singh, who has been closed for three months, is running Facebook from jail! 
पूर्व सांसद धनंजय के फेसबुक पेज पर की गई पोस्ट। - फोटो : अमर उजाला।

उनके सोशल मीडिया एकाउंट पर भी कोई गतिविधि नहीं थी। सोमवार को अपराह्न करीब तीन बजे अचानक उनके फेसबुक पेज पर एक पोस्ट ने हड़कंप मचा दिया। पोस्ट में प्रतापगढ़ में तैनात इंस्पेक्टर की कोरोना से मौत के बाद खाते में महज 926 रुपये होने की खबर का उल्लेख करते हुए ईमानदारी की प्रशंसा की गई है। 

पोस्ट में लिखा गया है कि इंस्पेक्टर के परिवार की मदद के लिए अपने कार्यालय के माध्यम से एक लाख रुपये देने का निर्देश दिया है। हमें हर बात के लिए सिर्फ सरकारी सहयोग की अपेक्षा से बचना चाहिए और सामाजिक सहयोग के स्वभाव को बढ़ावा देना चाहिए। पूर्व सांसद के इस पोस्ट के बाद खलबली मची हुई है। 

एक तरफ उनकी दरियादिली की चर्चा है तो दूसरी ओर जेल के अंदर से फेसबुक चलाने को लेकर सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। इस बाबत जेलर राजकुमार का कहना है कि यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। जेल के अंदर से फेसबुक चलाने का सवाल ही नहीं है। संभव है कि किसी करीबी या परिवार के सदस्य ने यह पोस्ट किया हो। इसकी जांच कराएंगे।

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