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5528 छात्रों ने किस कारण छोड़ी परीक्षा,जानकारी जुटाएगा शिक्षा विभाग
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जनपद में 5528 छात्र-छात्राओं ने यूपी बोर्ड की परीक्षा छोड़ दी है,जिसे लेकर यूपी बोर्ड चिंतित है। वह अब यह जानने की कोशिश में है कि आखिर इन छात्रों ने बड़ी संख्या में यूपी बोर्ड की परीक्षा क्यों छोड़ी है। इसके लिए जनपद समेत सभी जिलों के जिला विद्यालय निरीक्षकों को पत्र जारी किया है। डीआईओएस को जारी में निर्देश दिया गया है कि छात्रों ने परीक्षा फार्म भरने के बाद भी किन परिस्थितियों में बोर्ड परीक्षा छोडी, इसकी जानकारी जुटाएं। ताकि परीक्षा छोड़ने पर अंकुश लगाया जा सके और परीक्षा में छात्रों की शत प्रतिशत उपस्थिति दर्ज हो सके। यह कार्य संबंधित विद्यालयों के जरिए कराया जाएगा। जहां छात्रों ने दाखिला लिया था।
जनपद में हाईस्कूल और इंटर की बोर्ड परीक्षा के लिए जिले में 230 केंद्र बनाए गए थे। जहां हाईस्कूल में 78962 और इंटर में 75649 छात्र पंजीकृत थे। जिसमें से कुल 5528 छात्रों ने परीक्षा छोड़ दिए। कमोवेश यही स्थिति अन्य जिलों की भी रही। इसे गंभीरता से लेते हुए माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव ने यूपी बोर्ड के सचिव को निर्देश दिया हैं कि एक कमेटी का गठन कर जिला विद्यालय निरीक्षकों से परीक्षण करवाएं कि ऐसा किन परिस्थितियों में हुआ कि परीक्षार्थी बोर्ड परीक्षा फार्म भरने के बाद भी परीक्षा में शामिल क्यों नहीं हो रहे हैं। इस संबंध में बोर्ड का पत्र जिले में आया है। जिसके मुताबिक संबंधित विद्यालय को कोई एक शिक्षक अधिकारी व विभाग के प्रतिनिधि के रूप में छात्र के घर जाकर इसकी जानकारी जुटाएगा कि आखिर किन कारणों से परीक्षा छोड़ दिए, क्योंकि इस बार परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों को बेहतर माहौल देने का निर्देश भी दिया गया था। नकल की निगरानी के नाम पर किसी छात्र को डराने से मना किया गया था।
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जनपद में हाईस्कूल और इंटर की बोर्ड परीक्षा के लिए जिले में 230 केंद्र बनाए गए थे। जहां हाईस्कूल में 78962 और इंटर में 75649 छात्र पंजीकृत थे। जिसमें से कुल 5528 छात्रों ने परीक्षा छोड़ दिए। कमोवेश यही स्थिति अन्य जिलों की भी रही। इसे गंभीरता से लेते हुए माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव ने यूपी बोर्ड के सचिव को निर्देश दिया हैं कि एक कमेटी का गठन कर जिला विद्यालय निरीक्षकों से परीक्षण करवाएं कि ऐसा किन परिस्थितियों में हुआ कि परीक्षार्थी बोर्ड परीक्षा फार्म भरने के बाद भी परीक्षा में शामिल क्यों नहीं हो रहे हैं। इस संबंध में बोर्ड का पत्र जिले में आया है। जिसके मुताबिक संबंधित विद्यालय को कोई एक शिक्षक अधिकारी व विभाग के प्रतिनिधि के रूप में छात्र के घर जाकर इसकी जानकारी जुटाएगा कि आखिर किन कारणों से परीक्षा छोड़ दिए, क्योंकि इस बार परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों को बेहतर माहौल देने का निर्देश भी दिया गया था। नकल की निगरानी के नाम पर किसी छात्र को डराने से मना किया गया था।
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