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Jaunpur News: सुबह कोहरा, दोपहर में बारिश से बढ़ी ठंड
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तीन दिन से मौसम का रूख बदला हुआ है। शनिवार दोपहर में शुरू हुई बूंदाबांदी रिमझिम बारिश में बदल गई। करीब 15 मिनट तक हुई बारिश से ठंड और गलन में इजाफा हो गया। वहीं शहर की सड़कें कीचड़युक्त होने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।
अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कृषि विशेषज्ञ गेहूं की फसलों के लिए बारिश ठीक बता रहे जबकि सरसो, मटर, आलू में रोग लगने की संभावना जता रहे हैं। शनिवार सुबह धुंध व गलन के साथ हुई।
दोपहर दो बजे के करीब शुरू हुई रिमझिम बारिश से ठंड और बढ़ गई। जिससे लोग अलाव के सहारे दिन काटा। दिनभर आसमान में बादल छाए रहने से सूर्यदेव के दर्शन भी नहीं हुए। बारिश के कारण शकरमंडी, मछलीशहर पड़ाव, शेखपुर कचहरी रोड, सुख्खीपुर, नईगंज आदि स्थानों पर सीवर लाइन बिछाने के लिए खोदी सड़कें कीचड़युक्त होने से लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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धुंध से मुंबई से आने वाली कामायनी एक्सप्रेस ढेढ़ घंटे देरी से जंघई जंक्शन पर पहुंची, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम में बदलाव के कारण ठंड के साथ गलन भी बढ़ गई। बारिश से बचने के लिए लोग घरों, प्रतिष्ठानों में दुबके रहे।
ठंड से आम जनमानस समेत पशु पक्षी भी बेहाल हैं। ऐसा ही एक नजारा सिरकोनी क्षेत्र के गांव हीरापुर (रामदत्तपुर) में देखने को मिला। रामदत्त पुर निवासी नन्हे गौतम अपने दरवाजे पर अलाव जलाकर बैठकर ताप रहे थे इस दौरान एक नीलगाय भी आकर बैठकर तापने लगी। वह ठंड से इतना बेहाल थी कि भगाने पर भी नहीं भाग रही थी। यह देखकर वहां काफी लोग उसको देखने लगे।
वरिष्ठ वैज्ञानिक, पादप सुरक्षा डॉ.संदीप कुमार ने बताया कि बारिश गेहूं के लिए फायदेमंद है। आलू में झुलसा रोग, मटर में गेरूई रोग, सरसो में माहो कीट लगने की संभावना बढ़ जाती है जिसका असर पैदावार पर पड़ सकता है। किसान विशेषज्ञों की सलाह पर उचित प्रबंधन कर सकते हैं।
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अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कृषि विशेषज्ञ गेहूं की फसलों के लिए बारिश ठीक बता रहे जबकि सरसो, मटर, आलू में रोग लगने की संभावना जता रहे हैं। शनिवार सुबह धुंध व गलन के साथ हुई।
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दोपहर दो बजे के करीब शुरू हुई रिमझिम बारिश से ठंड और बढ़ गई। जिससे लोग अलाव के सहारे दिन काटा। दिनभर आसमान में बादल छाए रहने से सूर्यदेव के दर्शन भी नहीं हुए। बारिश के कारण शकरमंडी, मछलीशहर पड़ाव, शेखपुर कचहरी रोड, सुख्खीपुर, नईगंज आदि स्थानों पर सीवर लाइन बिछाने के लिए खोदी सड़कें कीचड़युक्त होने से लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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धुंध से मुंबई से आने वाली कामायनी एक्सप्रेस ढेढ़ घंटे देरी से जंघई जंक्शन पर पहुंची, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम में बदलाव के कारण ठंड के साथ गलन भी बढ़ गई। बारिश से बचने के लिए लोग घरों, प्रतिष्ठानों में दुबके रहे।
ठंड से आम जनमानस समेत पशु पक्षी भी बेहाल हैं। ऐसा ही एक नजारा सिरकोनी क्षेत्र के गांव हीरापुर (रामदत्तपुर) में देखने को मिला। रामदत्त पुर निवासी नन्हे गौतम अपने दरवाजे पर अलाव जलाकर बैठकर ताप रहे थे इस दौरान एक नीलगाय भी आकर बैठकर तापने लगी। वह ठंड से इतना बेहाल थी कि भगाने पर भी नहीं भाग रही थी। यह देखकर वहां काफी लोग उसको देखने लगे।
वरिष्ठ वैज्ञानिक, पादप सुरक्षा डॉ.संदीप कुमार ने बताया कि बारिश गेहूं के लिए फायदेमंद है। आलू में झुलसा रोग, मटर में गेरूई रोग, सरसो में माहो कीट लगने की संभावना बढ़ जाती है जिसका असर पैदावार पर पड़ सकता है। किसान विशेषज्ञों की सलाह पर उचित प्रबंधन कर सकते हैं।