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अधिवक्ता की भूमि पर कब्जा के प्रयास से संघ में आक्रोश
Updated Sat, 15 Sep 2018 11:49 PM IST
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जौनपुर। क्षेत्र में मोहर्रम के नाम पर अधिवक्ता की भूमि पर कब्जा करने का प्रयास करने व पेड़ों को नष्ट करने आरोप में अधिवक्ता रवि प्रकाश ने संघ में दरखास्त दिया। उन्होंने कहा कि स्वयं थानाध्यक्ष बरसठी सांप्रदायिक उन्माद को बढ़ावा दे रहे हैं। उसकी जमीन पर उसका विद्यालय स्थित है। कर्बला के लिए अलग आराजी है, लेकिन जानबूझकर ऐसा किया जा रहा है। अध्यक्ष बृजनाथ पाठक व मंत्री ने जिलाधिकारी से प्रस्ताव के जरिए मांग की है कि एसडीएम को आदेश देकर अन्याय पर रोका जाए।
अधिवक्ता रवि प्रकाश ने संघ में दरखास्त दिया है उसकी आराजी है। अल्पसंख्यक समुदाय मोहर्रम मनाते रहे हैं। लेकिन अब वह बगल स्थित तालाब की भूमि पर मोहर्रम मना रहे हैं। जो प्रार्थी की आराजी के बगल में है। वादी की आराजी पर स्थगन आदेश भी है। मोहर्रम के नाम पर अधिवक्ता की आराजी कब्जा करना चाहते हैं तथा पेड़ों को काटकर व्यवधान पैदा कर रहे हैं। अधिवक्ता की आराजी में एक स्कूल भी है। उसमें भी पठन-पाठन बाधित होता है। थानाध्यक्ष बरसठी अल्पसंख्यक समुदाय को उकसा रहे हैं। वह कहते हैं कि ताजिया यहीं से निकालों। मोहर्रम भी यही मनाओ। हिंदू धर्म व केंद्र व राज्य सरकार पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते हैं। थानाध्यक्ष अल्पसंख्यक समुदाय को भड़काकर माहौल बिगाडना चाहते हैं। 6 सितंबर को पुलिस वाले आकर धमकी दिए कि अधिवक्ता का पेड़ काट दो और मुहर्रम वादी की आराजी से सटी आराजी पर मनाने को कहे। गालियां और धमकी भी दिए। भीटा की जमीन है। उस जमीन पर कोई भी कर्बला स्थित नहीं है।
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अधिवक्ता रवि प्रकाश ने संघ में दरखास्त दिया है उसकी आराजी है। अल्पसंख्यक समुदाय मोहर्रम मनाते रहे हैं। लेकिन अब वह बगल स्थित तालाब की भूमि पर मोहर्रम मना रहे हैं। जो प्रार्थी की आराजी के बगल में है। वादी की आराजी पर स्थगन आदेश भी है। मोहर्रम के नाम पर अधिवक्ता की आराजी कब्जा करना चाहते हैं तथा पेड़ों को काटकर व्यवधान पैदा कर रहे हैं। अधिवक्ता की आराजी में एक स्कूल भी है। उसमें भी पठन-पाठन बाधित होता है। थानाध्यक्ष बरसठी अल्पसंख्यक समुदाय को उकसा रहे हैं। वह कहते हैं कि ताजिया यहीं से निकालों। मोहर्रम भी यही मनाओ। हिंदू धर्म व केंद्र व राज्य सरकार पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते हैं। थानाध्यक्ष अल्पसंख्यक समुदाय को भड़काकर माहौल बिगाडना चाहते हैं। 6 सितंबर को पुलिस वाले आकर धमकी दिए कि अधिवक्ता का पेड़ काट दो और मुहर्रम वादी की आराजी से सटी आराजी पर मनाने को कहे। गालियां और धमकी भी दिए। भीटा की जमीन है। उस जमीन पर कोई भी कर्बला स्थित नहीं है।
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