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विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी
Updated Wed, 15 Aug 2018 01:33 AM IST
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जौनपुर। सऊदी अरब में नौकरी दिलाने एवं वीजा बनवाने के नाम पर ठगी करने के मामले में ओसामा हॉस्पिटल खेतासराय के डॉक्टर ओसामा समेत चार एवं मुंबई की समरीन इंटरप्राइजेज कंपनी के अधिकारी के खिलाफ धोखाधड़ी व जालसाजी की प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना का आदेश सीजेएम ने थानाध्यक्ष सरायख्वाजा को दिया। सरायख्वाजा के खलीलपुर निवासी रविंद्र सिंह ने कोर्ट में धारा 156 (3) के तहत अधिवक्ता उपेंद्र विक्रम के माध्यम से प्रार्थना पत्र दे कर आरोप लगाया है कि खेतासराय हॉस्पिटल के डॉक्टर ओसामा, अरशद एवं सराय ख्वाजा निवासी इंदू व प्रिंस खुद को मुंबई की समरीन इंटरप्राइजेज कंपनी का एजेंट बताते थे। कहते थे कि कंपनी विदेश भेजने के लिए पासपोर्ट और वीजा बनाने का काम करती है। सऊदी अरब में नौकरी दिलवाती है। वादी के लड़के आलोक का पासपोर्ट पहले से बना था। आरोपियों ने वादी को बहला-फुसलाकर उकसाया की आलोक का वीजा बनवाकर सऊदी में नौकरी दिलवा देंगे। कंपनी के माध्यम से काम आसानी से हो जाएगा। आरोपियों के बहकावे में आकर वादी ने 28 जुलाई 2016 को 70,000 आरोपियों को दिया। उनकी मांग पर लड़के आलोक का पहचान पत्र, मूल पासपोर्ट व मार्कशीट दे दिया। कहे कि काम होने पर वापस हो जाएगा। शीघ्र ही वीजा बनवाने, सऊदी में नौकरी का आश्वासन दिया। बाद में इधर उधर कह कर टालते रहे। 50,000 की फिर से मांग किए। शक होने पर वादी ने वीजा की कापी मांगी तो आरोपी हीलाहवाली करने लगे। पता करने पर मालूम हुआ कि समरीन इंटरप्राइजेज कंपनी काफी पहले ही बंद हो चुकी है। बहुत से लोगों से कंपनी ने घोटाला किया। इंटरनेट पर पता लगाया तो आलोक के नाम, पते पर वीजा नहीं पाया गया। पैसा व दस्तावेज मांगा तो आरोपियों ने 8 जुलाई 2018 को मां बहन की गाली एवं हत्या की धमकी दिया। थाना व पुलिस अधीक्षक को दरखास्त देने के बावजूद सुनवाई नहीं हुई। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया गंभीर मामला पाते हुए प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया।