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कोटे के चयन के दौरान मारपीट, 15 घायल
Updated Fri, 16 Feb 2018 01:08 AM IST
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स्थानीय थाना क्षेत्र के डमरुआ गांव में सरकारी सस्ते गल्ले की दूकान के चयन के दौरान गुुरुवार को जमकर मारपीट हुई। दोनों तरफ से लाठी डंडे और ईंट पत्थर चले जिसमें कुल 15 लोग घायल हो गए। सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है।
डमरुआ गांव में सरकारी कोटे की दूकान के चयन के लिए गुरुवार को प्राथमिक पाठशाला पर ग्राम पंचायत की खुली बैठक बुलाई गई थी। बैठक में शिमला देवी, प्राची पांडेय और पूजा तिवारी ने दूकान के लिए दावेदारी की। किसी एक के लिए आम सहमति नहीं बन सकी तो चुनाव कराने का निर्णय लिया गया। चुनाव अधिकारी ग्राम पंचायत अधिकारी मिथिलेश दुबे और राजबहादुर यादव ने चुनाव की प्रक्रिया शुरू कराई। सुरक्षा के लिए एसआई मुरारीलाल के साथ पुलिस फोर्स तैनात थी। मतदान के लिए लोग लाइन में लगे तभी पूजा तिवारी ने प्राची पांडेय को समर्थन देने के एलान कर दिया और खुद चुनाव से बाहर हो गई। मतदान के लिए लाइन में लगे कुछ लोगों से धक्का मुक्की हो गई जिससे विवाद बढ़ गया। देखते ही देखते पुलिस के सामने ही लाठी डंडे और ईंट पत्थर चलने लगी। ग्रामीणों के उग्र रुप को देख चुनाव अधिकारी मौके से फरार हो गए। मारपीट में एक पकष से मुकेश तिवारी, रमापति उपाध्याय, कौशल तिवारी, अतुल तिवारी, शिवकुमार तिवारी, अमित तिवारी, सुभाष तिवारी, अभिषेक, राधेश्याम उपाध्याय, पवन उपाध्याय तथा दूसरे पक्ष से रतन चंद्र, सुनीता, अनिरुद्ध, रामचंद्र, प्रद्युम गौतम घायल हो गए। पुलिस मूक दर्शक बनी रही। सूचना पर सीओ विनय द्विवेदी भी मौके पर पहुंच गए। मछलीशहर, बक्शा थाने से भी फोर्स बुलवा ली गई। पुलिस ने घायलों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया। सीओ विनय द्विवेदी का कहना है कि दोनों तरफ से पुलिस को तहरीर मिली है। जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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डमरुआ गांव में सरकारी कोटे की दूकान के चयन के लिए गुरुवार को प्राथमिक पाठशाला पर ग्राम पंचायत की खुली बैठक बुलाई गई थी। बैठक में शिमला देवी, प्राची पांडेय और पूजा तिवारी ने दूकान के लिए दावेदारी की। किसी एक के लिए आम सहमति नहीं बन सकी तो चुनाव कराने का निर्णय लिया गया। चुनाव अधिकारी ग्राम पंचायत अधिकारी मिथिलेश दुबे और राजबहादुर यादव ने चुनाव की प्रक्रिया शुरू कराई। सुरक्षा के लिए एसआई मुरारीलाल के साथ पुलिस फोर्स तैनात थी। मतदान के लिए लोग लाइन में लगे तभी पूजा तिवारी ने प्राची पांडेय को समर्थन देने के एलान कर दिया और खुद चुनाव से बाहर हो गई। मतदान के लिए लाइन में लगे कुछ लोगों से धक्का मुक्की हो गई जिससे विवाद बढ़ गया। देखते ही देखते पुलिस के सामने ही लाठी डंडे और ईंट पत्थर चलने लगी। ग्रामीणों के उग्र रुप को देख चुनाव अधिकारी मौके से फरार हो गए। मारपीट में एक पकष से मुकेश तिवारी, रमापति उपाध्याय, कौशल तिवारी, अतुल तिवारी, शिवकुमार तिवारी, अमित तिवारी, सुभाष तिवारी, अभिषेक, राधेश्याम उपाध्याय, पवन उपाध्याय तथा दूसरे पक्ष से रतन चंद्र, सुनीता, अनिरुद्ध, रामचंद्र, प्रद्युम गौतम घायल हो गए। पुलिस मूक दर्शक बनी रही। सूचना पर सीओ विनय द्विवेदी भी मौके पर पहुंच गए। मछलीशहर, बक्शा थाने से भी फोर्स बुलवा ली गई। पुलिस ने घायलों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया। सीओ विनय द्विवेदी का कहना है कि दोनों तरफ से पुलिस को तहरीर मिली है। जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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