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बीस नकल माफिया एसटीएफ की रडार पर
Updated Sun, 04 Feb 2018 12:36 AM IST
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जौनपुर। माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षा में ठेके पर नकल कराने वाले जिले के करीब 20 नकल माफिया एसटीएफ की रडार पर हैं। इस गिरोह में सफेदपोश भी शामिल हैं। नकली उत्तर पुस्तिका छापने के मामले में गिरफ्तार प्रिंटिंग प्रेस मालिक के जरिए एसटीएफ को कई अहम सुराग मिले हैं। इस बार की परीक्षा में नकल माफियाओं ने बड़ी तैयारी की थी।
जौनपुर पहले से भी नकल माफिया का गढ़ माना जाता है। यही वजह है कि सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, फैजाबाद, अंबेडकर नगर, आजमगढ़, रायबरेली के अलावा प्रदेश के अन्य हिस्सों से भी छात्र यहां परीक्षा देने आते हैं। परीक्षा छह फरवरी से शुरू होने वाली है लेकिन बक्शा, बदलापुर, केराकत, मछलीशहर, मुंगराबादशाहपुर, शाहगंज इलाकों में परीक्षा केंद्रों के आसपास अभी से बाहर से आने वाले परीक्षार्थियों ने किराए पर कमरे बुक करा लिए हैं। यह कोई पहला मौका नहीं है कि जब बाहर से परीक्षार्थी यहां परीक्षा देने आएंगे। ऐसा हर साल देखने को मिलता है। इस बार शासन ने परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरा अनिवार्य किया तो नकल माफियाओं ने इसका भी काट ढूंढ ली। बड़े पैमाने पर जांच के लिए एसटीफ की नकली उत्तर पुस्तिका छापने के मामले की जांच एसटीएफ भी कर रही है। जांच में कई नकल माफिया बेनकाब हो सकते हैं। एसटीएफ के इंस्पेक्टर विपिन राय के मुताबिक जौनपुर में नकल कराने वालों बड़ा गिरोह सक्रिय है। कई लोगों के फोन नंबर ट्रेस हो गए हैं। इस में सफेदपोश लोगों का भी नाम सामने आ रहे हैं।
30 से 40 हजार में होता है ठेका
जौनपुर। शिक्षा विभाग के सूत्रों की माने तो यूपी बोर्ड की परीक्षा में नकल कराने के लिए 30 हजार से लेकर 40 हजार रुपये तक का ठेका होता है। इतना ही नहीं नकल के ठेकेदार पहले से ही प्रथम और द्वितीय श्रेणी में परीक्षा पास कराने का सौदा करते हैं। जितना दाम उतना काम के फार्मूले पर उनके लिए नकल की व्यवस्था कराई जाती है। छात्र भलेही पढ़ाई न किया हो लेकिन उसे प्रथम श्रेणी में पास कराने की जिम्मेदारी ले ली जाती है। ऐसे छात्रों से मोटी रकम लेकर उनकी कापियां बाहर लिखवाई जाती हैं.और बाद में उसे उत्तर पुस्तिका के बंडल में शामिल कर लिया जाता है।
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बदल दिए गए केंद्र व्यवस्थापक
जौनपुर। माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटर मीडिएट की परीक्षा के लिए नकली उत्तर पुस्तिका छापने का आर्डर देने वाले मां शारदा इंटर कालेज तियरा के प्रबंधक का नाम उजागर होने पर मां शारदा इंटर कालेज परीक्षा केंद्र केेंद्र व्यवस्थापक को बदल दिया गया। जिला विद्यालय निरीक्षक उमेश शुक्ल ने बताया कि केंद्र व्यवस्थापक के बदलने के साथ वहां एक अतिरिक्त मजिस्ट्रेट की तैनाती कर दी गई है।
जौनपुर पहले से भी नकल माफिया का गढ़ माना जाता है। यही वजह है कि सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, फैजाबाद, अंबेडकर नगर, आजमगढ़, रायबरेली के अलावा प्रदेश के अन्य हिस्सों से भी छात्र यहां परीक्षा देने आते हैं। परीक्षा छह फरवरी से शुरू होने वाली है लेकिन बक्शा, बदलापुर, केराकत, मछलीशहर, मुंगराबादशाहपुर, शाहगंज इलाकों में परीक्षा केंद्रों के आसपास अभी से बाहर से आने वाले परीक्षार्थियों ने किराए पर कमरे बुक करा लिए हैं। यह कोई पहला मौका नहीं है कि जब बाहर से परीक्षार्थी यहां परीक्षा देने आएंगे। ऐसा हर साल देखने को मिलता है। इस बार शासन ने परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरा अनिवार्य किया तो नकल माफियाओं ने इसका भी काट ढूंढ ली। बड़े पैमाने पर जांच के लिए एसटीफ की नकली उत्तर पुस्तिका छापने के मामले की जांच एसटीएफ भी कर रही है। जांच में कई नकल माफिया बेनकाब हो सकते हैं। एसटीएफ के इंस्पेक्टर विपिन राय के मुताबिक जौनपुर में नकल कराने वालों बड़ा गिरोह सक्रिय है। कई लोगों के फोन नंबर ट्रेस हो गए हैं। इस में सफेदपोश लोगों का भी नाम सामने आ रहे हैं।
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30 से 40 हजार में होता है ठेका
जौनपुर। शिक्षा विभाग के सूत्रों की माने तो यूपी बोर्ड की परीक्षा में नकल कराने के लिए 30 हजार से लेकर 40 हजार रुपये तक का ठेका होता है। इतना ही नहीं नकल के ठेकेदार पहले से ही प्रथम और द्वितीय श्रेणी में परीक्षा पास कराने का सौदा करते हैं। जितना दाम उतना काम के फार्मूले पर उनके लिए नकल की व्यवस्था कराई जाती है। छात्र भलेही पढ़ाई न किया हो लेकिन उसे प्रथम श्रेणी में पास कराने की जिम्मेदारी ले ली जाती है। ऐसे छात्रों से मोटी रकम लेकर उनकी कापियां बाहर लिखवाई जाती हैं.और बाद में उसे उत्तर पुस्तिका के बंडल में शामिल कर लिया जाता है।
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बदल दिए गए केंद्र व्यवस्थापक
जौनपुर। माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटर मीडिएट की परीक्षा के लिए नकली उत्तर पुस्तिका छापने का आर्डर देने वाले मां शारदा इंटर कालेज तियरा के प्रबंधक का नाम उजागर होने पर मां शारदा इंटर कालेज परीक्षा केंद्र केेंद्र व्यवस्थापक को बदल दिया गया। जिला विद्यालय निरीक्षक उमेश शुक्ल ने बताया कि केंद्र व्यवस्थापक के बदलने के साथ वहां एक अतिरिक्त मजिस्ट्रेट की तैनाती कर दी गई है।