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दीवार के मलबे में दबकर दादी-पोते की मौत
Jaunpur
Updated Sun, 20 Oct 2013 05:39 AM IST
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सिंगरामऊ। जगदीशपुर गांव में शनिवार सुबह दीवार के मलबे में दबकर दादी-पोता की मौत हो गई। हादसे में एक अन्य महिला भी घायल हो गई। महिला को बदलापुर सीएचसी में भर्ती कराया गया है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लिया।
जगदीशपुर गांव की निषाद बस्ती निवासी वंशराज के परिवार के लोग कच्चे घर की दीवार से सटाकर रखे गए छप्पर में सो रहे थे। छप्पर में वंशराज, उसकी मां बेइला देवी (58), पत्नी संगीता (30), बेटा शिवम (12), शनि (14) बेटी नीलम (15) और सुमन (17) सोए थे। मकान जर्जर होने से यह लोग घर के भीतर नहीं सोते थे। शुक्रवार रात में बरसात हो रही थी। सुबह करीब पांच बजे वंशराज, नीलम, सुमन और शनि दैनिक क्रिया के लिए निकल चुके थे। बेइला देवी, शिवम और संगीता बिस्तर पर ही थी। सुबह करीब पांच बजे अचानक दीवार ढह गई। मिट्टी के साथ छप्पर भी बैठ गया। बेइला देवी, शिवम और संगीता मलबे के नीचे दब गई। आसपास के लोगों ने हल्ला मचाया तो गांव के लोग दौड़े। मिट्टी को हटाना शुरू किया। संगीता को पंद्रह मिनट के भीतर निकाल लिया गया। वह बेहोश हो गई थी। गांव के कुछ लोग तुरंत बदलापुर सीएचसी लेकर भागे। उधर, करीब आधे घंटे के बाद बेइला देवी और शिवम को निकाला गया। दोनों की मिट्टी में दबकर मौत हो चुकी थी। गांव वालों की सूचना पर सिंगरामऊ थाने से फोर्स भी पहुंच गई।
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जगदीशपुर गांव की निषाद बस्ती निवासी वंशराज के परिवार के लोग कच्चे घर की दीवार से सटाकर रखे गए छप्पर में सो रहे थे। छप्पर में वंशराज, उसकी मां बेइला देवी (58), पत्नी संगीता (30), बेटा शिवम (12), शनि (14) बेटी नीलम (15) और सुमन (17) सोए थे। मकान जर्जर होने से यह लोग घर के भीतर नहीं सोते थे। शुक्रवार रात में बरसात हो रही थी। सुबह करीब पांच बजे वंशराज, नीलम, सुमन और शनि दैनिक क्रिया के लिए निकल चुके थे। बेइला देवी, शिवम और संगीता बिस्तर पर ही थी। सुबह करीब पांच बजे अचानक दीवार ढह गई। मिट्टी के साथ छप्पर भी बैठ गया। बेइला देवी, शिवम और संगीता मलबे के नीचे दब गई। आसपास के लोगों ने हल्ला मचाया तो गांव के लोग दौड़े। मिट्टी को हटाना शुरू किया। संगीता को पंद्रह मिनट के भीतर निकाल लिया गया। वह बेहोश हो गई थी। गांव के कुछ लोग तुरंत बदलापुर सीएचसी लेकर भागे। उधर, करीब आधे घंटे के बाद बेइला देवी और शिवम को निकाला गया। दोनों की मिट्टी में दबकर मौत हो चुकी थी। गांव वालों की सूचना पर सिंगरामऊ थाने से फोर्स भी पहुंच गई।
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