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तैयार होने के पहले ही खंडहर बन रहे 500 आवास
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सिद्दीकपुर स्थित अधूरा पड़ा कांशीराम आवास। संवाद
- फोटो : JAUNPUR
करंजाकला। एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर गरीब के सिर पर 2024 तक छत उपलब्ध कराने का सपना संजोकर जनपदों में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास का निर्माण करा रहे हैं। वहीं, सिद्दीकपुर में करोड़ों की लागत से तैयार करीब 500 कांशीराम आवास महज बिजली और पानी की व्यवस्था है और अधूरे कामों की वजह से खाली पड़ा है, जो अब देखरेख की अभाव में तैयार होने के पहले ही खंडहर में तब्दील हो रहा है।
साल 2008-09 में कांशीराम ग्रामीण गरीब आवास योजना को तत्कालीन बसपा सरकार में मंजूरी मिली थी। निर्माण के लिए 75 फीसदी धनराशि भी जारी हो गई थी। कार्यदायी संस्था आवास विकास परिषद में कार्य शुरू कर दिया। इसके बाद सरकार बदली तो काम भी अधूरा रह गया। तब से आज तक कांशीराम आवास का निर्माण नहीं हो सका है। करोड़ों रुपये में दोनों स्थानों पर आवास की सभी आंतरिक कार्य करा दिए थे, लेकिन बाहरी कार्य पानी की टंकी जल निकासी के लिए ड्रेनेज और बिजली व्यवस्था सुनिश्चित नहीं हो सकी थी। नतीजा गरीबों का आवंटन नहीं हो पा रहा है। डूडा और प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यकाल के लगातार चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन लगभग 500 आवास खाली रहने के बाद भी गरीबों को आवास का आवंटन नहीं किया जा रहा है। बताते हैं कि अधूरे पड़े कांशीराम आवास में आवंटन ना होने से या भवन अराजकतत्वों का अड्डा बन चुका है। अभी हाल में ही यहां पर पुलिस ने अवैध रूप से रह रहे कुछ लोगों को पकड़ा था और उन्हें हिदायत दी थी कि यहां पर इस प्रकार से ना रहे।
संबंधित विभाग से समन्वय स्थापित किया जाएगा। अधूरे कार्यों को पूर्ण कराया जाएगा, ताकि इसका उपयोग जनमानस के लिए हो सके। - हिमांशु नागपाल, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट
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साल 2008-09 में कांशीराम ग्रामीण गरीब आवास योजना को तत्कालीन बसपा सरकार में मंजूरी मिली थी। निर्माण के लिए 75 फीसदी धनराशि भी जारी हो गई थी। कार्यदायी संस्था आवास विकास परिषद में कार्य शुरू कर दिया। इसके बाद सरकार बदली तो काम भी अधूरा रह गया। तब से आज तक कांशीराम आवास का निर्माण नहीं हो सका है। करोड़ों रुपये में दोनों स्थानों पर आवास की सभी आंतरिक कार्य करा दिए थे, लेकिन बाहरी कार्य पानी की टंकी जल निकासी के लिए ड्रेनेज और बिजली व्यवस्था सुनिश्चित नहीं हो सकी थी। नतीजा गरीबों का आवंटन नहीं हो पा रहा है। डूडा और प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यकाल के लगातार चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन लगभग 500 आवास खाली रहने के बाद भी गरीबों को आवास का आवंटन नहीं किया जा रहा है। बताते हैं कि अधूरे पड़े कांशीराम आवास में आवंटन ना होने से या भवन अराजकतत्वों का अड्डा बन चुका है। अभी हाल में ही यहां पर पुलिस ने अवैध रूप से रह रहे कुछ लोगों को पकड़ा था और उन्हें हिदायत दी थी कि यहां पर इस प्रकार से ना रहे।
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संबंधित विभाग से समन्वय स्थापित किया जाएगा। अधूरे कार्यों को पूर्ण कराया जाएगा, ताकि इसका उपयोग जनमानस के लिए हो सके। - हिमांशु नागपाल, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट
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